NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
सुरक्षा इंतज़ाम के बिना होती रहेगी आग से बर्बादी
पश्चिमी दिल्ली के नारायणा में चार रसायन कारखानों में सोमवार को भीषण आग लग गयी| सोमवार को ही उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही एक दूसरी घटना हुई। पिछले एक दो साल में लगातर आग लगने की घटना में वृद्धि आ रही है , पिछले साल 2018 में ही सिर्फ दिल्ली राज्य की बात करे तो तकरीबन 30 से अधिक लोगो ने अपनी जान फैक्ट्री में आग लगने के कारण गँवा दी
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Apr 2019
delhi

पश्चिमी दिल्ली के नारायणा में चार रसायन कारखानों में सोमवार को भीषण आग लग गयी| दिल्ली दमकल सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। अधिकारी ने बताया कि आग से चार फैक्टरी प्रभावित हुई हैं और आग बुझाने का काम जारी है। आग नारायणा औद्योगिक इलाके में पायल सिनेमा के पीछे स्थित फैक्टरियों में लगी। अब जाकर स्थित सामान्य हो गई है | 

सोमवार को ही उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही एक दूसरी घटना हुई। इसमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक कागज मिल में आग लग गई। आग ने दो और मिलों को अपनी चपेट में ले लिया। इस वजह से करीब छह करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति और कच्चा माल जल कर खाक हो गया।

इसे भी पढ़े :-फिर हादसा, फिर मौतें : लगातार ख़तरनाक़ होती जा रही हैं दिल्ली की फैक्ट्रियां

एक अधिकारी ने बताया कि यहां भोपा रोड पर स्थित औद्योगिक इलाके में रविवार शाम को हुई घटना में किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।अग्निशमन अधिकारी अंतराम सिंह ने बताया कि पहले आग टिहरी पेपर मिल में लगी और इसने कच्चे माल से भरे दो ट्रकों को जलाकर खाक कर दिया। आग ने फैलते-फैलते अपनी चपेट में पड़ोस की बिंदल पेपर फैक्ट्री और शकुम्भरी पेपर मिल को ले लिया।

उन्होंने बताया कि दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया तथा आग को बुझाने के लिए पड़ोसी जिलों से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया।अधिकारी ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है और आग को अब तक पूरी तरह से बुझाया नहीं गया है।

पिछले एक दो साल में लगातर आग लगने की घटना में वृद्धि आ रही है , पिछले साल 2018  में ही सिर्फ दिल्ली राज्य की बात करे तो तकरीबन 30  से अधिक लोगो ने अपनी जान फैक्ट्री में आग लगने के कारण गँवा दी | हर बार जब ऐसी कोई घटना होती है तो कहा जाता है कि आग लगने के कारणों की जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी लेकिन हर बार एक दो- दिन दिन बीत  जाने के बाद सब भुल जाते हैं |

 मज़दूर संघठन ने कई बार मज़दूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं | उनका कहना है कि  इस तरह की आग एक बड़ा कारण सुरक्षा इंतजाम का पुख्ता न होना होता है। 

कई फैक्ट्रियां अवैध तरीके से स्थानीय प्रशासन और पुलिस के गठजोड़ से चलती रहती है। जिनमे सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम ना होने के बाद भी कोई ध्यान नन्हीं दिया जाता है | इस तरह की फैक्ट्रियां बिना किसी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के चल रही हैं | यहाँ काम करने की परिस्थितियाँ भी बहुत ही खराब होती हैं। मजदूर यहाँ अमानवीय माहौल में काम करते हैं।

यूनियनों की लंबे समय से मांग है कि , “यह गैरकानूनी फैक्ट्रियाँ या तो बंद कर दी जानी चाहिए या इन्हें कहीं और शिफ्ट कर दिया जाना चाहिए। राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी फैक्ट्री अधिकृत औद्योगिक क्षेत्र के बाहर नहीं चल रही हो।

इसे भी पढ़े :- वज़ीर पुर के मज़दूरों ने लेबर अफ़सर से लगाई गुहार

 

Delhi’s factory Fire
Delhi
Informal sector workers
labor laws

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

श्रम क़ानूनों और सरकारी योजनाओं से बेहद दूर हैं निर्माण मज़दूर

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

चांदी का वरक़: ऑनलाइन प्रोडक्ट की चमक ने फीका किया पारंपरिक कारोबार

दिल्ली में 25 नवंबर को श्रमिकों की हड़ताल, ट्रेड यूनियनों ने कहा - 6 लाख से अधिक श्रमिक होंगे हड़ताल में शामिल

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

दिल्ली के गांवों के किसानों को शहरीकरण की कीमत चुकानी पड़ रही है

दिल्ली: ट्रेड यूनियन के साइकिल अभियान ने कामगारों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा शुरू करवाई


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License