NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
शुरू हुआ महापड़ाव : मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ 1 लाख़ मज़दूर दिल्ली में जमा हुए
तीन दिवसीय महापडाव ( महा धरना ) दिल्ली में शुरू हो चुका है जिसके ज़रिये मज़दूर वर्ग अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
09 Nov 2017

लगभग एक लाख मज़दूर मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की मज़दूर विरोधी नीतियों से लड़ने का संकल्प लेकर पूरे भारत से आये हैं और संसद मार्ग पर इकठ्ठा हो गए हैं. खेत मजदूर , दिहाड़ी मजदूर , आंगनवाडी कार्यकर्ता , रक्षा कर्मी , पब्लिक सेक्टर के कर्मचारी और अलग अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोग विरोध के लिए दिल्ली पहुंचे हैं.   

तीन दिवसीय महापडाव ( महा धरना ) दिल्ली में शुरू हो चुका है जिसके ज़रिये मज़दूर वर्ग अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है . लेकिन  कॉर्पोरेट  मीडिया  ने मजूदरों के इस महापड़ाव को अभी तक बहुत कम कवरेज दिया  है.  9 नवम्बर से 11 नवम्बर तक बड़े स्तर पर  धरने दिए जाने का कार्यक्रम है.

 

Delhi
Modi
BJP
minimum wage
working class

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग


बाकी खबरें

  • असांजे मामले के एक प्रमुख गवाह ने झूठ बोलने की बात स्वीकार की
    पीपल्स डिस्पैच
    असांजे मामले के एक प्रमुख गवाह ने झूठ बोलने की बात स्वीकार की
    29 Jun 2021
    जूलियन असांजे के ख़िलाफ़ अमेरिकी अभियोग में एक सजायाफ्ता हैकर और प्रमुख गवाहों में से एक सिगुरडुर थॉर्डर्सन ने स्वीकार किया कि उसने अभियोजन से छूट के बदले में अपनी झूठी गवाही दी थी।
  • "रेहड़ी जिहाद" के नाम पर दिल्ली में नफ़रत का माहौल गर्म करने की साज़िश
    शिवानी
    "रेहड़ी जिहाद" के नाम पर दिल्ली में नफ़रत का माहौल गर्म करने की साज़िश !
    29 Jun 2021
    एक रेहड़ी पटरी वाले और एक दुकानदार के बीच विवाद को कुछ असामाजिक हिंदुत्ववादी संगठन सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। 
  • एक्टिविस्ट की मौत के बाद पीए के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनियों का प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन जारी
    पीपल्स डिस्पैच
    एक्टिविस्ट की मौत के बाद पीए के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनियों का प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन जारी
    29 Jun 2021
    फ़िलिस्तीनी पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन को कवर करने के दौरान पीए सुरक्षा बलों द्वारा हमला करने और उन्हें डराने-धमकाने के विरोध में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
  • हिमालयी राज्यों के बीच स्वास्थ्य पर सबसे कम ख़र्च करने वाला राज्य है उत्तराखंड
    सत्यम कुमार
    हिमालयी राज्यों के बीच स्वास्थ्य पर सबसे कम ख़र्च करने वाला राज्य है उत्तराखंड
    29 Jun 2021
    स्वास्थ्य सेवाओं पर ख़र्च करने के मामले में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में सबसे निचले स्थान पर है मगर सरकारों को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता|
  • लेबनान : सरकार द्वारा फ़्यूल सब्सिडी समाप्त करने की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन
    पीपल्स डिस्पैच
    लेबनान : सरकार द्वारा फ़्यूल सब्सिडी समाप्त करने की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन
    29 Jun 2021
    प्रदर्शनकारियों ने 2019 के बाद से गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहे इस देश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सुरक्षा के लिए टार्गेटेड कैश कार्ड लागू करने के लिए हसन दीआब के नेतृत्व वाली…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License