NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
स्वामी अग्निवेश का हमलावर एक साल बाद भी फ़रार
अग्निवेश के सचिव मनोहर मानव ने रांची में एक प्रेस वार्ता में कहा, झारखंड सरकार के द्वारा घटित एसआईटी ने भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Jul 2019
स्वामी अग्निवेश

80 साल के स्वामी अग्निवेश के ऊपर जब पिछले साल झारखंड के पाकुड़ में जानलेवा हमला हुआ था तो लगा झारखंड की रघुबर दास सरकार दोषियों को जल्द सजा दिलवाएगी। पर एक साल गुजर जाने के बाद भी इस हाइ प्रोफ़ाइल मामले में कोई आरोपी नहीं पकड़ा जाना सरकार की मंशा पे ही सवाल खड़ा करता है के सरकार दोषियों को सजा दिलाने को लेकर गंभीर है भी या नहीं।

पिछले साल 16 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश, जो पाकुड़ में आदिवासी मुद्दों पर एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, बहुत बुरी तरह से मारा-पीटा गया था। स्वामी अग्निवेश को शरीर में कई जगह गंभीर चोटें आई थी। जिसके बाद उनका पहले रांची, फिर दिल्ली में इलाज चला।

स्वामी अग्निवेश पर ये हमला उस दिन हुआ जिस दिन सूप्रीम कोर्ट ने पार्लियामेंट को एक अलग कानून लाने को बोला था।

पर इन सबके बावजूद मामले में अब तक कोई कारवाई नहीं हुयी।

देश में ये अकेला मामला नहीं है जिसमें ऐसे हमलों पर सरकारों ने कोई क़दम ना उठाया हो। बल्कि हमारे पास अन्य कई उदाहरण मौजूद हैं, जिनमें हमला या क़त्ल करने वाले आरोपी आज तक पकड़े नहीं गए हैं।

उदाहरण के लिए, गौरी लंकेश की हत्या करने वाले आरोपियों को अब तक सज़ा नहीं हुई है। नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में इतने सालों बाद अब जा के पुलिस सिर्फ़ एक आरोपी को पकड़ पाई है।

अग्निवेश के सचिव मनोहर मानव ने रांची में एक प्रेस वार्ता कर ये बाते कही। मनोहर ने बताया के जब से उनके साथ मार-पीट की घटना हुयी है, स्वामी जी की तबीयत सही नहीं रहती। आजकल वो कोएम्बाटूर में रह कर अपना इलाज करा रहे हैं।

स्वामी अग्निवेश हरियाणा विधान सभा से विधायक रह चूके हैं, उन्होने बंधुआ मज़दूरी को ख़त्म करने को लेकर बहुत काम किया है। और वो आर्य समाज के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट भी रहे हैं।

हाइकोर्ट में याचिका दायर

सचिव मनोहर ने आगे कहा कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं करना चाहती और झारखंड में अग्निवेश जैसे और भी बहुत से लोग जो लोकतंत्र की रक्षा करने का काम करते हैं, उयन पर राज्य सरकार ने कार्रवाई की है इसलिए अब हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। जहां से निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा।

राज्य ख़तरे में

मौके पर मौजूद आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष प्रेमचंद मुर्मू ने कहाँ के देश खतरे में है और राज्य भी इससे अछूता नहीं है। संविधान प्रदत्त प्रावधानों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। और देश आरएसएस के विधान से चल रहा है।

उन्होने ये भी कहा की राज्य में अभी तक पेसा कानून लागू नहीं हुआ है। अब ऐसा प्रतीत होता है के सरकार चाहती ही नहीं की पेसा कानून लागू हो, क्योंकि इससे सारे अधिकार ग्राम सभा को चले जाएंगे।

झारखंड में पेसा कानून को लागू करने को लेकर आदिवासियो द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन पथलगाड़ी करने वालों पर रघुबर दास सरकार ने सिर्फ तीन प्रखंडों में 30,000 से ज़्यादा आदिवासियो पर देशद्रोह का मुक़दमा दर्ज कर दिया है।

Courtesy: E Newsroom
swami agnivesh
attacks in india
communal attacks
mob lynchings
Jharkhand
Haryana
Indian Police
Indian govt
gauri lankesh
MM Kalburgi
dabholkar

Related Stories

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

लखीमपुर खीरी कांड के बाद हरियाणा में प्रदर्शनकारी महिला किसानों को ट्रक ने कुचला, तीन की मौत

लखीमपुर के बाद अंबाला में भी भाजपा नेता पर लगे किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप

जमशेदपुर : बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी आश्रय गृह के निदेशक, वार्डन सहित चार लोग मध्य प्रदेश से गिरफ्तार

झारखण्ड में सब इंस्पेक्टर रूपा तिर्की की मौत की सीबीआई जांच के लिए आदिवासी समुदाय का विरोध प्रदर्शन   

डीयू के छात्र धरने पर, हरियाणा में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव और अन्य ख़बरें

झारखंड: 50 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार, गुप्तांग में चोट के बाद महिला अस्पताल में भर्ती


बाकी खबरें

  • बेनतीजा रही बातचीत, किसानों ने घेरा सचिवालय
    न्यूज़क्लिक टीम
    बेनतीजा रही बातचीत, किसानों ने घेरा सचिवालय
    08 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी हरियाणा के करनाल में धरना दे रहे किसानों पर, रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन पर, तालिबान की नई सरकार द्वारा जारी…
  • सोनिया यादव
    बहुजनहित की बात करने वाली मायावती अचानक ब्राह्मणों के मान-सम्मान लिए क्यों आवाज़ उठा रही हैं?
    08 Sep 2021
    उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाता बीएसपी के जाटव और सपा के यादवों के बाद चुनाव का एक महत्वपूर्ण कारक हैं। ऐसे में क़रीब 14 साल बाद अब एक बार फिर बीएसपी दलित और ब्राह्मण ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के जरिए अपने…
  • किसानों से डरी सरकार, उसके जन और जनतंत्र विरोध का हुआ पर्दाफाश
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों से डरी सरकार, उसके जन और जनतंत्र विरोध का हुआ पर्दाफाश
    08 Sep 2021
    करनाल की किसान मोर्चेबंदी का विश्लेषण कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश.
  • क्या जरूरी थी जलियाँवाला बाग के इर्द गिर्द हुई मरम्मत?
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या जरूरी थी जलियाँवाला बाग के इर्द गिर्द हुई मरम्मत?
    08 Sep 2021
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन बात करते हैं इतिहासकार सलिल मिश्र से जलियाँवाला बाग के नवीनीकरण के बारे में.
  • geelani
    अजाज़ अशरफ
    क्या सैयद शाह गिलानी राष्ट्रीय मीडिया से श्रृद्धांजलि मिलने के भी पात्र नहीं थे?
    08 Sep 2021
    कश्मीरी अलगाववादी नेता गिलानी और संपादक चंदन मित्रा के निधन की विरोधाभासी कवरेज से पता चलता है कि राष्ट्रीय प्रेस सरकारी जुबान में बोलती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License