NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
‘स्वच्छ भारत’ : पोल खोलते तथ्य
महेश कुमार
02 Oct 2014

लोक सभा चुनावों के बाद आये उप-चुनावोंके नतीजों ने भाजपा और मोदी ब्रिगेड की आखें खोल दी। वे इस बात को पचा नहीं पा रहें हैं कि इतनी जल्दी जनता का उनसे मोह-भंग हो जाएगा। वही जनता जिसने उसे हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में स्पष्ट बहुमत देकर सत्ता सौपी थी, इतनी जल्दी उनसे मुहं मोड़ लेगी। इन चुनावों भाजपा के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीती को भी करारी शिकस्त दी है। इसलिए अब टीम मोदी नए-नए तरीकों से जनता को अपने साथ वापस लाने के लिए तत्पर है। अमरीका दौरे की छदम अपर सफलता बखान करने वाली पूंजीवादी मीडिया भी सभी तथ्यों को झूठलाते हुए टीम मोदी के सुर में सुर मिला रही है और विकास और तथाकथित ‘अच्छे दिन’ की बांसूरी बजा रही है। हमारे देश का मीडिया बढती महंगाई, बेरोज़गारी, कृषि संकट, साम्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीती और दलितों पर बढ़ते हमलों से पूरी तरह आँख मूँद मोदी गुणगान में लगा है। ऐसी स्थिति में सही तथ्यों का सामने आना जरूरी है।

                                                                                                    

‘स्वच्छ भारत’ अभियान के पीछे भी बड़ी गहरी राजनीती है। इसके जरिए मोदी सरकार जनता को फिर से गुमराह करने की कोशिश कर रही है। 2 अक्टूबर जोकि गाँधी जयंती का दिन है और पूरा देश इसे राष्ट्रीय छुट्टी के नाम पर मनाता है, मोदी ने इसे ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए चुना और कही न कही देश को यह सन्देश देना चाह रहे हैं कि गांधी के बाद वे देश के महान नेता हैं। क्या देश को स्वच्छ रखना देश के विकास से नहीं जुड़ा है? अच्छा होता अगर मोदी स्वच्छ भारत के अभियान का नारा देने के साथ-साथ इस कार्य से जुड़े लोगों के लिए कुछ अच्छे फैसले लेते। यानी हाथ से मैला साफ़ करने पर रोक लगाना, सर पर मैला ढोने पर रोक लगाना, सफाई कर्मचारियों को जरूरी सामग्री जैसे सफाई के लिए दस्ताने, मास्क आदि मुहैया कराना। सफाई विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा से हटाना और उन्हें स्थायी रोज़गार मुहैया करना, उनके लिए सामाजिक सुरक्षा की योजना को लागू करना, देश के सफाई विभागों में खली पड़े स्थानों को भरना और नए रोज़गार के अवसर पैदा करना। अगर मोदी सरकार ऐसा करती तो शायद ‘स्वच्छ भारत’ की और यह बड़ा कदम कहलाता।

मोदी के गुजरात की सच्चाई इस मामले में थोड़ी भयावह है। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज में असिस्टंट प्रोफेसर शैलेशकुमार दरोकर के एक अध्यन के मुताबिक़ 12,000 से  ज्यादा सफाई कर्मचारी आज भी हाथ मैला साफ़ करने या सर पर मैला ढोने के लिए मजबूर है। यह तथ्य गुजरात सरकार द्वारा कोर्ट में दिए उस हलफनामे के खिलाफ हैं जिसमें उसने कहा है कि गुजरात में हाथ से मैला साफ़ नहीं किया जाता है। 90 प्रतिशत से ज्यादा सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए कोई भी सुविधा जैसे दस्ताने, मास्क आदि उपलब्ध नहीं कराये जाते हैं। अकेले गुजरात में पिछले 10 सालों में 98 लोग हाथ से सफाई करते हुए, या गटर साफ़ करते हुए मारे जा चुके हैं और 50,000 कर्मचारी इस तरह के कार्यों में शामिल हैं जो निरंतर गटर साफ़ करते हैं। यही स्थिति दिल्ली राजधानी और अन्य राज्यों में भी है। इस व्यवसाय से जुड़े लोग ज्यादातर दलित जातियों से आते है। दलितों के खिलाफ सदियों से चले आ रहे दमन तंत्र को तोड़े बिना स्वच्छ भारत का निर्माण असंभव है। चुनावी ताल पर ‘स्वच्छ भारत’ का सपना उसी तरह साकार नहीं होगा जैसे की ‘विकास’ और ‘अछे दिन’ का सपना। क्योंकि ये पब्लिक है और ये सब जानती है।

डिस्क्लेमर:- उपर्युक्त लेख मे व्यक्त किए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं, और आवश्यक तौर पर न्यूज़क्लिक के विचारो को नहीं दर्शाते ।

 

स्वच्छ भारत अभियान
नरेन्द्र मोदी
गुजरात
दलित
सफाई कर्मचारी

Related Stories

पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों 10 सितम्बर को भारत बंद

दलित चेतना- अधिकार से जुड़ा शब्द है

''सिलिकोसिस बीमारी की वजह से हज़ारो भारतीय मजदूर हो रहे मौत के शिकार''

वेतन भुगतान को लेकर बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

बुलेट ट्रेन परियोजना के खिलाफ गोदरेज ने की हाई कोर्ट में अपील

दलितों आदिवासियों के प्रमोशन में आरक्षण का अंतरिम फैसला

न्याय से बेजार गुजरात के बच्चे !

अदानी ग्रुप के अस्पताल में 111 नवजात शिशुओं की मौत, सरकार ने दिए जाँच के आदेश

राजकोट का क़त्ल भारत में दलितों की दुर्दशा पर रोशनी डालता है

मीडिया पर खरी खरी – एपिसोड 2 भाषा सिंह के साथ


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में तीनों दिल्ली नगर निगम के एकीकरण का प्रस्ताव, AAP ने कहा- भाजपा को हार का डर
    26 Mar 2022
    संसद में दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण करने संबंधी विधेयक पेश कर दिया गया है। विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का विरोध किया। वहीं सत्ताधारी दल ने इसे एक बेहद ज़रूरी सुधार बताया।
  • रायना ब्रियूअर
    ऑस्कर 2022: हर जीत के साथ इतिहास रच रही हैं महिला निर्देशक
    26 Mar 2022
    काथरिन बिगेलो और कोल झाओ, फिर अब जेन कैंपियन? 94 साल के ऑस्कर के इतिहास में, सिर्फ़ दो महिलाओं ने ही “बेस्ट डॉयरेक्टर” का अवार्ड जीता है। क्या आगे बदलाव दिखाई दे रहा है?
  • सीमा शर्मा
    कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध भारत की उर्वरक आपूर्ति में डालेगा बाधा? खेती-किसानी पर पड़ेगा भारी असर
    26 Mar 2022
    विशेषज्ञों का मानना है कि समय की तात्कालिक आवश्यकता यह है कि भारत सरकार उर्वरकों की वैकल्पिक आपूर्ति करने और किसानों को खनिज पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करे। इसमें…
  • मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी साहनी ने रखा संयम, बोले- निषाद कोटा के लिए करेंगे संघर्ष
    26 Mar 2022
    अब वीआईपी में कोई भी विधायक शेष नहीं बचा है। मुकेश साहनी ने बीजेपी पर अपनी पार्टी में फूट करवाने का आरोप लगाया है। साहनी ने कहा कि चूंकि उन्होंने निषाद जाति के लिए एससी-एसटी कोटे में आरक्षण और जातीय…
  • बी. सिवरामन
    महामारी भारत में अपर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज को उजागर करती है
    26 Mar 2022
    जनरल बीमा परिषद के आंकड़ों के अनुसार, निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की औसत लागत रु. 1.54 लाख है। इसके विपरीत, प्रति मामले का औसत दावा निपटान केवल रु.95,622 था। इसका मतलब है कि भारत में लगभग 40…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License