NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
स्वतंत्रता दिवस पर सामान्य रहेगी मेट्रो सेवा, लेकिन पार्किंग 14 अगस्त से बंद
15 अगस्त के दिन सारे मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे, लेकिन स्टेशनों पर पार्किंग 14 अगस्त को सुबह छह बजे से 15 अगस्त को दोपहर दो बजे तक बंद रहेगी।
भाषा
13 Aug 2019
delhi metro
Image courtesy: indiatoday.in

दिल्ली : मेट्रो ट्रेन सेवा 15 अगस्त को आम दिनों की तरह ही चलती रहेगी। हालांकि, वॉयलेट लाइन के कुछ स्टेशनों पर निर्धारित गेट से प्रवेश और निकास हो सकेंगे।

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि स्वतंत्रता दिवस के दिन सारे मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे, लेकिन स्टेशनों पर पार्किंग 14 अगस्त को सुबह छह बजे से 15 अगस्त को दोपहर दो बजे तक बंद रहेगी।

उन्होंने कहा कि वॉयलेट लाइन के चार स्टेशनों-लाल किला, जामा मस्जिद, दिल्ली गेट और आईटीओ पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान चुनिंदा द्वार से प्रवेश और निकास की अनुमति होगी।

डीएमआरसी ने कहा कि इस अवधि में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन स्टेशनों पर कुछ द्वार बंद रहेंगे।

स्वतंत्रता दिवस के दिन लोगों की सुविधा के लिए लाल किला और जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे। समारोह के बाद भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी।

Delhi Metro
DMRC
independence day
15th august
National Security

Related Stories

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई

भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 

कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर

एक तरफ़ PM ने किया गांधी का आह्वान, दूसरी तरफ़ वन अधिनियम को कमजोर करने का प्रस्ताव

आतंकवाद को सालों तक भुनाया जा सकता है : हिलाल अहमद

बंटवारे की याद दिलाकर पीएम मोदी हिंदुस्तान के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करने पर आमादा दिखते हैं!

कितना याद रखें, कितना मन को मनाएं और कितना भूलें? 

मोदी सरकार ने दिखाया है कि हमें विभाजन के दर्द को किस तरह याद नहीं करना चाहिए

बंपर उत्पादन के बावजूद भुखमरी- आज़ादी के 75 साल बाद भी त्रासदी जारी

पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक


बाकी खबरें

  • हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी
    पीपल्स डिस्पैच
    हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी
    02 Sep 2021
    इज़रायली अधिकारियों ने जल आपूर्ति में वृद्धि के साथ-साथ गाज़ा से अतिरिक्त 5000 फ़िलीस्तीनियों को इज़रायल में एंट्री परमिट देने की भी घोषणा की।
  • दो दशकों के "आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध" के चलते क़रीब दस लाख मौतें हुई, 37 मिलियन विस्थापित हुए
    पीपल्स डिस्पैच
    दो दशकों के "आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध" के चलते क़रीब दस लाख मौतें हुई, 37 मिलियन विस्थापित हुए
    02 Sep 2021
    अनुमान के अनुसार इन युद्धों में अकेले अमेरिका द्वारा 8 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक खर्च किया गया है। इसके सहयोगियों में यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी आदि सहित दर्जनों देश हैं जिन्होंने कुल मिलाकर काफी…
  • Yati Narsinghanand Saraswati
    सोनिया यादव
    महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा बोलने के आरोपी यति नरसिंहानंद पर सिर्फ केस दर्ज होना काफ़ी नहीं है!
    02 Sep 2021
    ये विडंबना ही है कि मुस्लिमों के खिलाफ नियमित तौर पर हिंसक और भड़काऊ भाषण दिए जाने पर नरसिंहानंद का समर्थन करने वाले बीजेपी नेता अब उनसे दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
  • गाय और जस्टिस शेखर: आख़िर गाय से ही प्रेम क्यों!
    शंभूनाथ शुक्ल
    गाय और जस्टिस शेखर: आख़िर गाय से ही प्रेम क्यों!
    02 Sep 2021
    जस्टिस शेखर कुमार यादव ने गाय पर एक नई बहस छेड़ दी है। आज जिस तरह का माहौल है, उसमें यह टिप्पणी केंद्र की बीजेपी सरकार को एकदम मुफ़ीद बैठ रही है।
  • ‘नेहरु की स्मृति मिटाओ’ योजना भाजपा के हिन्दू राष्ट्र मंसूबे के लिए बेहद ज़रूरी है
    स्मृति कोप्पिकर
    ‘नेहरु की स्मृति मिटाओ’ योजना भाजपा के हिन्दू राष्ट्र मंसूबे के लिए बेहद ज़रूरी है
    02 Sep 2021
    देश के पहले प्रधानमंत्री की विरासत को पूरी तरह से मिटा पाना आसान काम नहीं है, लेकिन भाजपा-आरएसएस की जोड़ी लगातार इसे मिटाने की कोशिशों में जुटी रहेगी, जब तक कि इसका कोई जवाबी प्रतिरोध न हो।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License