NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
हम भारत के लोग
भारत
राजनीति
शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'
एमसीडी की बुलडोज़र कार्रवाई का विरोध करते हुए और बुलडोज़र को वापस भेजते हुए शाहीन बाग़ के नागरिकों ने कहा कि "हम मुसलमानों के दिमाग़ पर बुलडोज़र नहीं चलने देंगे"।
सत्यम् तिवारी
09 May 2022
shaheen bagh

दिल्ली नगर निगम ने जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद जिस तरह से वहाँ बुलडोज़र चलाने का काम किया था, उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए एमसीडी आज नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) विरोध का केंद्र बने शाहीन बाग़ पहुंची और बुलडोज़र से तथाकथित अतिक्रमण को हटाने का ऐलान किया। मगर शाहीन बाग़ की जनता, कांग्रेस और आप के नेताओं के पुरज़ोर विरोध के आगे एमसीडी को झुकना पड़ा और पूरी टीम को बैरंग लौटना पड़ा। 

आपको बता दें कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने जहांगीरपुरी में जबरन ग़रीब लोगों के घर-मकान गिराने के बाद 28 अप्रैल को एक नोटिस जारी किया था जिसमें दिल्ली के अलग-अलग इलाक़ों में हुए अतिक्रमण को हटाने की बात कही गई थी। इस नोटिस के आधार पर जैतपुर, मदनपुर खादर, शाहीन बाग़, मेहरचंद मार्किट जैसे इलाक़ों में अतिक्रमण को हटाने की बात कही गई थी। इसी में 9 मई का दिन शाहीन बाग़ में अतिक्रमण हटाने के लिए रखा गया था।

MCD NOTICE

9 मई को क्या हुआ?

सुबह 9 बजे से पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ़ की तैनाती शुरू की गई। शाहीन बाग़ जी ब्लॉक मेन रोड की मार्किट पर जो दुकानें हैं उनके बाहर आम जनता भी जमा हो गई। 11 बजे एमसीडी ने प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता में कहा कि कुछ ही समय में आपको पता चल जाएगा कि क्या होने वाला है। इसके कुछ समय बाद ही शाहीन बाग़ पुलिस थाने से एक बुलडोज़र जी ब्लॉक मेन रोड तक आ गया। आम जनता ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिल कर बुलडोज़र का विरोध करना शुरू किया। इस विरोध में महिलाएं भी शामिल थीं, जो बुलडोज़र के आगे खड़ी हो गई थीं। बुलडोज़र के आगे विरोध कर रहे एक शख़्स ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "यह लोग मुसलमानों की सोच पर बुलडोज़र चलाना चाहते हैं, हम अपनी सोच पर बुलडोज़र नहीं चलने देंगे।"

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (एससी) ने दिल्ली के शाहीन बाग में अतिक्रमण के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया मार्क्सवादी (सीपीआईएम) की याचिका खारिज करते हुए इस मामले पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सीपीआईएम से कहा कि पहले वो हाई कोर्ट का रुख करें।

याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता पीवी सुरेंद्रनाथ ने अदालत से कहा कि यह जनहित में है न कि पार्टी के हित में। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के इशारे पर मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता क्योंकि यह मंच नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई पीड़ित है तो उसे उसके सामने आना चाहिए।

इसके बाद विरोध पुरज़ोर तरीक़े से बढ़ गया जिसके बाद एमसीडी को बुलडोज़र को वहीं रोकना पड़ा। एक दुकान के बाहर फ्लेक्स लगाने के लिए लगाए गए लोहे के रॉड को दुकान के मालिकों ने ख़ुद ही नीचे गिरा दिया।

आपको बता दें कि शाहीन बाग़ में बुलडोज़र चलने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कई नफ़रती बयान दिए थे। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा था, "अगर आतंकियों और जिहादियों को बुलडोज़र से डर लग रहा है तो बुलडोज़र चलाना एकदम सही है।"

बता दें कि न्यूज़क्लिक ने जब दुकानों के बाहर खड़े लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि दुकान के मालिकों को एमसीडी की तरफ़ से एक भी नोटिस नहीं भेजा गया था।

वकील आरफ़ा ख़ानम को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। न्यूज़क्लिक से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यह लोग एकतरफ़ा कार्रवाई कर रहे हैं। एमसीडी दिल्ली में 15 सालों से है, अचानक इनको याद आ रहा है कि अतिक्रमण हुआ है शाहीन बाग़ में?"

वहीं शाहीन बाग़ पहुँचे ओखला के आप विधायक अमानतुल्लाह ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है एमसीडी चुनाव के लिए इसलिए यह लोग हिन्दू मुसलमान कर रहे हैं। यह लोग दिखाएं कि कहाँ है अतिक्रमण? शाहीन बाग़ में जो भी अतिक्रमण था उसे जनता ने ख़ुद हटा लिया है, यहाँ कोई अतिक्रमण नहीं है।"

दोपहर तक चली इस गहमागहमी के बीच न्यूज़क्लिक ने एक पैटर्न को देखा। पैटर्न देखा कि मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए इस बुलडोज़र के मायने क्या बन गए हैं। बुलडोज़र का आगमन हुआ और 'आज तक' के एंकर उसपर खड़े थे और तक़रीबन ख़ुश होकर ऐलान कर रहे थे कि बुलडोज़र आ चुका है। इसी तरह अंजना ओम कश्यप ने भी इसे एक इवेंट की तरह देखा। रिपब्लिक टीवी ने तो अपने शो का नाम "ऑपेरशन शाहीन बाग़" रख दिया था। दरअसल बीजेपी और मेनस्ट्रीम मीडिया चैनलों ने शाहीन बाग़ के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने एक बार फिर से आज शाहीन बाग़ को 'मिनी पाकिस्तान' कह दिया।

जहां संविधान लागू ना हो, जहां कानून की ना चलती हो, जहां पुलिस की नो एंट्री हो

जहां अवैध हथियार , अवैध धंधे और अवैध घुसपैठियों के अड्डे हो उसे क्या कहा जायेगा

ये शाहीन बाग, जहाँगीर पुरी, सीमा पूरी जैसे इलाको को और क्या कहा जाएं pic.twitter.com/jxDpInnajC

— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) May 9, 2022

9 मई की शाम को प्रेस वार्ता करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शाहीन बाग़ के लोगों को 'रोहिंग्या-बांग्लादेशी' कहा। आदेश गुप्ता ने कहा, "रोहिंग्या-बांग्लादेशियों को बचाने के लिए धर्म का सहारा लेना बेहद शर्मनाक, उनका दिल्ली की किसी भी चीज़ पर कोई अधिकार नहीं है।"

adesh gupta

एमसीडी के नोटिस के मुताबिक आने वाले दिनों में 11 मई को बोध मंदिर, 10 मई को बोध धर्म मंदिर, 11 मई को मेहरचंद मार्केट, 12 मई को इस्कॉन टेम्पल और 13 मई को खाड़ा कॉलोनी और इनके आसपास के इलाक़ों के अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

शाहीन बाग़ के एक नागरिक ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए सवाल उठाया, "दिल्ली में डेढ़ हज़ार के क़रीब कॉलोनियां हैं, तो एमसीडी को बीजेपी को सबसे पहले शाहीन बाग़ की ही याद क्यों आई? हम यहाँ कोई बुलडोज़र नहीं चलने देंगे"

 

Shaheen Bagh
shaheen bagh bulldozer
shaheen bagh encroachment
MCD
delhi police
CPIM
BJP
AAP
Shaheen bagh citizens
CAA
Anti CAA Protest

Related Stories

किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़

हम भारत के लोगों की असली चुनौती आज़ादी के आंदोलन के सपने को बचाने की है


बाकी खबरें

  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस से लेकर पंजाब के नए राजनीतिक युग तक
    13 Mar 2022
    हर हफ़्ते की महत्वपूर्ण ख़बरों और उनके पीछे की मंशाओं को समझाने के लिए “ख़बरों के आगे पीछे” लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन
  • vidhansabha
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर
    13 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच बेहद कांटे का मुकाबला रहा। 53 सीटें ऐसी रहीं जहां हार-जीत का अंतर 200 से लेकर 5000…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: चुनाव सेवक का अश्वमेध यज्ञ
    13 Mar 2022
    बीजेपी सरकार चलाने में जितनी मेहनत करती है उससे अधिक मेहनत सरकार बनाने में करती है। सरकार जब एक बार बन जाए तो चल तो रामभरोसे जाती ही है।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'जीते हुए लश्कर के सिपाही, ऐसे कैसे हो जाते हैं?'
    13 Mar 2022
    बमबारी, हमले और जंग के शोर के बीच इतवार की कविता में पढ़िये स्वप्निल तिवारी की लिखी नज़्म 'शेल-शॉक्ड'...
  • एम. के. भद्रकुमार
    'सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों' के साथ तालमेल बिठाता रूस  
    13 Mar 2022
    व्लादिमीर पुतिन की पहली प्राथमिकता यही है कि वह ख़ुद को अपने लोगों के प्रति जवाबदेह बनाये रखें।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License