विपक्षी एकता के बारे में चल रही नए सिरे की बातचीत के बीच, ग़ैर-भाजपा दलों को आवश्यक सामाजिक और आर्थिक मांगों को पूरा करने के वादों के साथ उसे सांस्कृतिक प्रतीकवाद से जोड़ना होगा।
कार्यकर्ताओं और यूनियनों को इस बात का डर है कि कुछ प्रावधान का दुरुपयोग हो सकता है और उन्होंने तस्करी और सेक्स वर्क के मुद्दे को मिला देने को लेकर भी इस प्रस्तावित विधेयक की आलोचना की है।
साल 2024 में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर विपक्षी पार्टियों की गोलबंदी के प्रयासों के बीच जदयू की तरफ से ऐसे बयान आने लगे हैं, जिससे भाजपा मुश्किल में दिख रही है।
आंगनवाड़ी देश में पोषण प्रदान करने के मामले में महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं। इतनी बड़ी संख्या में पद खाली पड़े होने और सभी स्वीकृत आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन न होने का सीधा प्रभाव बच्चों और महिलाओं को…