दुख की बात यह भी है कि हम में अधिकतर लोगों ने आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में अपना जीवन खपा देने वाले इस इंसान के बारे में तब जाना जब भीमा कोरेगांव मामले में इन्हें गिरफ्तार किया गया।
अल्जीरिया में अभी भी क़रीब 300 राजनीतिक क़ैदी हैं। भले ही राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और रिहाई होगी ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि इन क़ैदियों रिहा किया जाएगा या नहीं।
इज़रायल का अस्थायी सिटीजनशिप एंड इंट्री लॉ इज़रायल के फ़िलिस्तीनी नागरिकों को अपने जीवनसाथी को इज़रायल लाने से रोकता है यदि वे क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों और अरब देशों से हैं।