NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
खेल
अंतरराष्ट्रीय
फुटबॉल राउंड अप - सर्वेक्षण से उजागर हुआ है कि फुटबाल में महिलाएं लैंगिक भेदभाव का शिकार हैं
शार्ट पासेज (फुटबॉल न्यूज़ राउंड-अप में): ‘हार्टब्रेकिंग’: सर्वेक्षण से फुटबॉल में लैंगिक भेदभाव की मात्रा का खुलासा हुआ है | लड़कों के खिलाफ यौन अपराध के मामले में बैरी बेननेल को पाँचवी दफा जेल की सजा का एलान | पैलेस के चेयरमैन का कहना है कि खेलप्रेमियों की सुरक्षा हेतु क्लब शोध के लिए तैयार | इंग्लैंड में नस्लवाद से निपटने के लिए नए निकाय का गठन | जर्मनी के लोएव ने राष्ट्र संघ खेलों के लिए पाँच खिलाडियों को सूची से बाहर रखा है। 
न्यूज़क्लिक स्पोर्ट्स
10 Oct 2020
फुटबॉल राउंड अप
फुटबॉल में महिलाओं पर किये गए सर्वेक्षण से पता चला है कि मात्र 12% घटनाओं की ही रिपोर्टिंग हुई थी, जोकि इस बात का संकेत हैं कि इस बारे में बात करने को लेकर “अभी भी भय व्याप्त” था। 

एक सर्वेक्षण को फुटबॉल में महिला (डब्ल्यूआईऍफ़) के 4,200 सदस्यों और संगठन की प्रमुख एब्रू कोकसल को भिजवाया गया था, जिसके सर्वे के नतीजे "दिल-दुखाने वाले और हताश करने वाले” साबित हुए हैं।

इस सर्वेक्षण के नतीजों में इस बात का खुलासा हुआ है कि फुटबॉल से जुड़ी हर तीन में से एक महिला को अपने जीवन में कभी न कभी कार्यस्थल पर लैंगिक भेदभाव का सामना करना पड़ा था। डब्ल्यूआईऍफ़ के सदस्य अपनेआप में पेशेवरों के एक समूह के तौर पर हैं जो इस खेल के हर क्षेत्र में, वो चाहे मैदान के भीतर हों या बाहर, कार्यरत हैं।

कोक्सल के अनुसार "आज के दिन और इस जमाने में इस स्थिति को हर्गिज स्वीकार नहीं किया जा सकता है। खेलों में मौजूद यह लैंगिक भेदभाव दशकों से जारी है।"

सर्वेक्षण में आगे इस बात का खुलासा हुआ है कि मात्र 12% घटनाओं की ही रिपोर्टिंग की गई थी और कोक्सल इस बात पर जोर देती हैं कि इस बारे में बाहर बोलने को लेकर "अभी भी काफी भय" व्याप्त है। वे कहती हैं "इनमें से बहुत सी महिलाओं ने कड़ी मेहनत से उस मुकाम को हासिल किया है, जहाँ पर वे आज हैं और कई बार देखने में आया है कि अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में उनमें काफी अधिक योग्यता थी। और वे इस बेहद कठिन परिश्रम से अर्जित सफलता और हैसियत को नहीं खोना चाहती हैं।“

इन जानकारियों के मद्देनजर डब्ल्यूआईऍफ़ ने खेल में लैंगिक भेदभाव को खत्म करने में मदद करने के लिए संचालन निकायों, क्लबों एवं अन्य फुटबॉल हितधारकों के साथ काम करने के लिए एक कॉर्पोरेट सदस्यता योजना शुरू करने की पहल की है।

बैरी बेननेल को पाँचवी दफा कैद की सजा सुनाई गई है 

इस बीच पूर्व फुटबॉल कोच बैरी बेननेल को दो लड़कों के उपर नौ यौन अपराधों के मामले में चार साल की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है।

66 साल के बेनेल पहले से ही 2018 में 52 बाल यौन अपराधों के मामले में दोषी पाए जाने के बाद से कैंब्रिजशायर के एचएमपी लिटिलहे में 30 साल की सजा काट रहे हैं।

भूतपूर्व क्रेवे एलेक्जेंड्रा के प्रशिक्षक, जिन्हें लोग रिचर्ड जोन्स के नाम से भी जानते हैं, ने इससे पहले की सुनवाई के दौरान अप्राकृतिक यौन अपराधों के तीन मामलों और अभद्र हमलों के छह मामलों में दोषी पाए जाने के बाद जेल से वीडिओलिंक के माध्यम से अपनी पेशी दी थी।

अदालत ने इस बात को सुना कि किस प्रकार से इस पूर्व कोच ने नौ पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार किया था, जब वे उसके क्रेवे और फर्नेस वेले, डर्बीशायर के साथ-साथ चिल्ड्रेन होम टैक्सल एज वाले घरों में रहते थे। पीड़ित प्रभाव वाले बयान में, एक ने बताया था कि अपने राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते वक्त एक पीड़ादायक हमले के बाद से उसने फुटबॉल खेलना छोड़ दिया था।

1998, 2015, 2018 और 2020 में यूके में जेल की सजा को काटने से पहले ही बेननेल को पहली बार अमेरिका में फुटबॉल दौरे पर एक ब्रिटिश लड़के के साथ बलात्कार करने के आरोप में 1994 में फ्लोरिडा में जेल की सजा सुनाई गई थी।

क्लबों को प्रशंसकों की सुरक्षा के उपायों को तलाशना होगा  

क्रिस्टल पैलेस के अध्यक्ष स्टीव पैरिश के अनुसार प्रीमियर लीग क्लबों द्वारा स्टेडियमों में प्रशंसकों की सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाये जायेंगे। वर्तमान में इंग्लैंड में तो इन खेलप्रेमियों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लागू हैं या मात्र फुटबॉल खेलों के पायलट प्रोग्रामों में ही सीमित संख्या में इनके शामिल होने की इजाजत दी जा रही है।

इस बीच ब्रिटिश सरकार की कोशिश थी कि 1 अक्टूबर से 25-33% क्षमता वाली भीड़ को अनुमति दे दी जाए, लेकिन पिछले महीने के अंत तक आते-आते प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा इस फैसले को पलट दिया गया था।

टाइम्स के लिए अपने कॉलम में पारिश ने लिखा है कि “समर्थक चाहें तो सीमित संख्या में आपस में दूरी बनाकर वापसी कर सकते हैं ... लेकिन इसके साथ हम कई अन्य उपायों को अपनाना चाहेंगे, भले ही उसके लिए हमें काफी खर्च करना पड़े।”

"हम एक नई मशीन पर परीक्षण के काम में लगे हैं जिसके जरिये कोविड-19 का परीक्षण संभव है और इसमें परिणाम 30 सेकंड के भीतर मिल सकेंगे... इसमें आप एक डिस्पोजेबल बैग के भीतर सांस लेते हैं और इसमें प्रति जाँच पर मात्र 5 पाउंड (6.45 डॉलर) का खर्च आयेगा।

रंगभेद से निपटने के लिए नया निकाय 

फुटबॉल में नस्लवाद जैसी समस्या से निपटने के लिए पूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों के साथ मिलकर अश्वेत प्रशिक्षकों द्वारा फुटबॉलस ब्लैक कोएलिशन (ऍफ़बीसी) नामक एक नए निकाय को स्थापित किया गया है।

एफबीसी का मकसद संचालन निकायों को खेलों में कम प्रतिनिधित्व के मुद्दों से निपटने के साथ-साथ रंगभेद को चुनौती देने के लिए अधिक से अधिक तैयार करने का है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार यह समूह कहीं न कहीं एमएलएस ब्लैक प्लेयर्स फ़ॉर चेंज ग्रुप (बीपीसीएमएलएस) से प्रेरित था। 25 मई को अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के मद्देनजर जून में बीपीसीएमएलएस की स्थापना की गई थी।

बीपीसीएमएलएस के प्रवक्ता के तौर पर यूएसए अंतर्राष्ट्रीय जस्टिन मोरो ने जून में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि इंग्लैंड में अश्वेत खिलाड़ी अपना एक समूह बनाएंगे। उन्होंने कहा था “मुझे लगता है कि यह कुछ ऐसा है, जिसके बारे में वे खुद समझते हैं, और जिसकी बेहद जरूरत है।”

ऐसा समझा जाता है कि एफबीसी और बीपीसीएमएलएस इस बीच कांफ्रेंस कॉल के माध्यम से संपर्क में बने हुए थे। इस समूह का गठन क्वींस पार्क रेंजर्स के निदेशक लेस फर्डिनेंड के इस कथन के ठीक दो हफ्ते बाद कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि घुटने के नीचे दबाने के असर को “समाप्त” कर दिया गया है।

क्यूपीआर ने 18 सितंबर को कोवेंट्री सिटी के खिलाफ अपने चैम्पियनशिप मैच से पहले ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के समर्थन में कोई संकेत नहीं दिए थे।

लोएव ने पाँच खिलाडियों को टीम में जगह नहीं दी है

जर्मन कोच जोआचिम लोएव ने राष्ट्र संघ के खेलों में यूक्रेन और स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैचों में अपने दल के पांच खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया। इस बीच जर्मनी ने बुधवार को तुर्की के खिलाफ खेले गए मैच में 3-3 से ड्रॉ पर खेल को समाप्त किया है, जिसमें कई नियमित खिलाडियों को आराम देने के साथ लोएव ने इस गेम के लिए दोयम दर्जे की टीम की घोषणा की थी।

इससे पहले यूक्रेन के साथ हुए मैच से पहले बेंजामिन हेनरिक्स, निको शुल्ज़, निकल्स स्टार्क, नदीम अमीरी और महमूद दाउद को टीम में जगह नहीं दी गई थी।

बेयर्न के जोशुआ किमिच, सेर्गे ग्नब्री, निकलेस सूले, लियोन गोर्त्ज़का और कीपर मैनुअल नयूएर को लोएव अपने 23 सदस्यीय दल में शामिल करने जा रहे हैं, यदि वे अपने कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल को संपन्न कर लेंगे और पर्याप्त विश्राम कर चुके होंगे। इस दल में उन्होंने आरबी लीपज़िग के मार्सेल हैल्स्टेनबर्ग और लुकास क्लोस्टरमैन को भी शामिल किया है।

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Survey Reveals Two-Thirds of Women Face Gender Discrimination in Football; Barry Bennell Sentenced to fifth Jail Term for 22 Sexual Offences and More (Football Round-Up)

Women in Football
WiF
Ebru Köksal
Barry Bennell
Crewe Alexandra . Manchester City
Stoke City coach
Richard Jones
Joachim Loew
Bayern Munich
RB Leipzig
Benjamin Henrichs
Nico Schulz
Niklas Stark
Nadiem Amiri
Mahmoud Dahoud
ukraine
Joshua Kimmich
Serge Gnabry
Niklas Suele
Leon Goretzka
Manuel Neuer
Marcel Halstenberg
Lukas Klostermann
Crystal Palace
Xherdan Shaqiri
Football

Related Stories


बाकी खबरें

  • bonded labour
    द लीफ़लेट
    भारत में अभी भी क्यों जारी है बंधुआ मज़दूरी?
    15 Sep 2021
    हालांकि हम 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं मगर भारत में बंधुआ मज़दूरी अभी भी एक हक़ीक़त है। मानव गुप्ता और कशिश गुप्ता बंधुआ मज़दूरी से बचने के लिए भारत में क़ानूनों का विश्लेषण कर रहे हैं और इस ख़तरे को…
  • Big auto companies leaving India is a big blow to Modi's Make-in-India
    बी. सिवरामन
    बड़ी ऑटो कम्पनियों का भारत छोड़ना मोदी के मेक-इन-इंडिया के लिए भारी धक्का
    15 Sep 2021
    एक भी बड़े ऑटोमोबाइल प्लांट का बंद होना किसी देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में दुर्घटना बनकर उसे बुरी तरह हिला सकता है। बड़ी धूम-धाम के साथ मेक-इन-इंडिया की घोषणा के 6 वर्षों के अंदर फोर्ड छठी…
  • norway
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: नॉर्वे में लेबर की अगुआई में मध्य-वाम गठजोड़ सत्ता में
    15 Sep 2021
    नॉर्व में चुनावी मुद्दे बाकी देशों जैसे नहीं रहे हैं। नॉर्वे की नाजुक पारिस्थितिकी का असर यह है कि जलवायु परिवर्तन भी वहां बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है, और साथ ही लोगों की आर्थिक सेहत के बीच बढ़ती खाई…
  • 1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे
    पीपल्स डिस्पैच
    1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे
    15 Sep 2021
    6 सितंबर को गिल्बोआ जेल से छह कैदियों के भागने के बाद इजरायल की जेलों और हिरासत केंद्रों के अंदर बढ़ी क्रूरता और दमन का विरोध
  • नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
    पीपल्स डिस्पैच
    नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
    15 Sep 2021
    169 सीटों वाली नॉर्वे की संसद के आम चुनावों के नतीजे मंगलवार 14 सितंबर को घोषित कर दिए गए। परिणामों के अनुसार, सोमवार को हुए
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License