NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ताज विवांता में दो सफाई कर्मचारियों की मौत, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा राज्य को कार्यवाही करनी होगी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मैनुअल स्कैवेंजिंग को गैरकानूनी घोषित किये जाने के बावजूद , इसे अब तक कराया जा रहा है I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 May 2018
vejanta

दिल्ली के खान मार्किट स्थित ताज विवानता होटल में दो मैन्युअल सफाई कर्मचारियों की मौत से काम करने की जगहों पर कर्मचारियों के ख़राब हालातों की सच्चाई  फिर से सामने आयी है I 5 कर्मचारियों के साथ मरने वाला व्यक्ति भी होटल के नाले को साफ़ करने लिए उसमें उतरा और बेहश हो गया I

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 308(गैरइरादतन हत्या करने की कोशिश जिसमें ज्यादाता से ज़्यादा 7 साल की सज़ा और जुर्माना होता है) के तहत होटल साफ़ करने के लिए ज़िम्मेदार संस्था Eco pollutech के खिलाफ मामला दर्ज़ किया है I इसके साथ ही FIR में IPC की धारा 304 (यानी बिना क़त्ल किये गैरइरादतन हत्या, इसमें ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल की सज़ा और जुर्माना हो सकता है ) को भी जोड़ा गया है I

इंडियन एक्सप्रेस के हिसाब से पिछले 7 सालों में विभिन्न शहरों में 31 मैन्युअल स्कैवेंजरों की मैंनहोल साफ करते समय मौतें हुई हैं I लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि इन मामलों में किसी को भी दोषी नहीं ठहराया गया और हर मामले में प्रशासन मामलों में एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे I दिलचस्प बात ये है कि Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act 2013 के अंतर्गत  नालों और सेप्टिक टैंकों में बिना उपकरणों के जाना गैरकानूनी है I

अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि सुरक्षा उपकरणों के बिना मैन्युअल स्कैवेंजेरों का प्रवेश गैरकानूनी है I निर्णय में कहा गया “नालों में मौतें- आपातकाल स्थितियों में भी बिना सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश को अपराध माना जाना चाहिए I 1993 से जितने भी लोग नालों की सफाई करते हुए मरे हैं उनके परिवार को ढूंढ़कर हर एक को 10 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाना चाहिए I”

दिल्ली सफाई कर्मचारी कमीशन के पूर्व अध्यक्ष हरनाम सिंह ने कहा ये मौतें होना और इन मामलों में किसी को सज़ा न होना कमज़ोर कानूनों की वजह से है I इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा “अब जब ज़िम्मेदार लोगों को आप कड़ी सज़ा नहीं देंगे तो निजी कंपनियां , ठेकेदार और सरकारी अधिकारी क्यों रुकेंगे ?”

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए सफाई कर्मचारी आन्दोलन के बेजवाडा विल्सन ने कहा कि इन मौतों के लिए दिल्ली सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए I विल्सन ने कहा “हमने दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल को वसंत कुंज में हुए हादसे के बाद चिट्ठी लिखी थी कि सभी मुख्य संस्थाओं के साथ इस मुद्दे पर एक मीटिंग होनी चाहिए जिससे आगे के कदम उठाने के लिए आगाह किया जाए I पर अब तक इस तरह की मीटिंग नहीं बुलाई गयी है I”

मुआवज़े के बारे में बात करते हुए विल्सन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद नालों में मरने वाले कर्मचारियों में से 80 % को कोई मुआवज़ा नहीं मिला है I


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?
    25 May 2022
    मृत सिंगर के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने शुरुआत में जब पुलिस से मदद मांगी थी तो पुलिस ने उन्हें नज़रअंदाज़ किया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया। परिवार का ये भी कहना है कि देश की राजधानी में उनकी…
  • sibal
    रवि शंकर दुबे
    ‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल
    25 May 2022
    वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कांग्रेस छोड़कर सपा का दामन थाम लिया है और अब सपा के समर्थन से राज्यसभा के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
  • varanasi
    विजय विनीत
    बनारस : गंगा में डूबती ज़िंदगियों का गुनहगार कौन, सिस्टम की नाकामी या डबल इंजन की सरकार?
    25 May 2022
    पिछले दो महीनों में गंगा में डूबने वाले 55 से अधिक लोगों के शव निकाले गए। सिर्फ़ एनडीआरएफ़ की टीम ने 60 दिनों में 35 शवों को गंगा से निकाला है।
  • Coal
    असद रिज़वी
    कोल संकट: राज्यों के बिजली घरों पर ‘कोयला आयात’ का दबाव डालती केंद्र सरकार
    25 May 2022
    विद्युत अभियंताओं का कहना है कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 11 के अनुसार भारत सरकार राज्यों को निर्देश नहीं दे सकती है।
  • kapil sibal
    भाषा
    कपिल सिब्बल ने छोड़ी कांग्रेस, सपा के समर्थन से दाखिल किया राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन
    25 May 2022
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे कपिल सिब्बल ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। सिब्बल ने यह भी बताया कि वह पिछले 16 मई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License