NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तड़वी मामला: आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग कराएगा उच्च न्यायालय
न्यायमूर्ति डी एस नायडू हेमा आहूजा, भक्ति मेहर और अंकिता खंडेलवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इन तीनों को जातिवादी टिप्पणी करने और अपनी सहयोगी डॉ. पायल तड़वी को आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
भाषा
25 Jul 2019
तड़वी मामला

बंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया कि वह तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई की वीडियोग्राफी के लिये व्यवस्था करे। इन चिकित्सकों को यहां नगर निकाय संचालित एक अस्पताल में अपने कनिष्ठ सहयोगी को आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

 न्यायमूर्ति डी एस नायडू हेमा आहूजा, भक्ति मेहर और अंकिता खंडेलवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इन तीनों को जातिवादी टिप्पणी करने और अपनी सहयोगी डॉ. पायल तड़वी को आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इसे भी पढ़े ;- रोहित वेमुला से लेकर डॉ. पायल तक : जातीय शोषण की अंतहीन कथा

तड़वी (26) मेडिकल में स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और वह बी वाई एल नायर अस्पताल से संबद्ध थी। उसने 22 मई को अपने हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

न्यायमूर्ति नायडू ने गुरुवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम की धारा 15 (ए) (10) पर गौर किया जिसमें यह प्रावधान है कि अधिनियम के तहत सभी कार्यवाही की संबंधित अदालत वीडियो रिकॉर्डिंग कराए।

इसे भी पढ़े ;- डॉ. पायल आत्महत्या मामले में आरोपी तीनों डॉक्टर गिरफ़्तार, मुंबई-दिल्ली समेत कई जगह प्रदर्शन

इस प्रावधान का उल्लेख पीड़िता की मां के वकील गुणारतन सदावर्ते ने किया।

जहां विशेष लोक अभियोजक राजा ठाकरे ने कहा कि यह नीतिगत मामला है। वहीं, आरोपी की ओर से उपस्थित अधिवक्ता आबाद पोंडा ने कहा कि यह प्रावधान सिर्फ मुकदमे की सुनवाई के लिये है, न कि जमानत पर सुनवाई के लिये।

हालांकि, न्यायमूर्ति नायडू ने कहा कि कार्यवाही से आशय सभी न्यायिक कार्यवाही से है।

 

इसके बाद अदालत ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्री विभाग को वीडियो रिकॉर्डिंग के लिये सभी जरूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया और जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई की तारीख 30 जुलाई को निर्धारित कर दी।

 इसे भी पढ़े ;-#JusticeForDrPayal : बेटी के इंसाफ के लिए माता-पिता का मुंबई में अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

 

dr payal
payal tadvi
Dalit atrocities
Caste Atrocities
Adivasis in India
Protest
Mumbai
mumbai high court

Related Stories

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन

बिहार : सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने सिर मुंडन करवाया

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

लखीमपुर खीरी कांड में एक और अहम गवाह पर हमले की खबर  


बाकी खबरें

  • election
    मुकुल सरल
    जनादेश—2022: वोटों में क्यों नहीं ट्रांसलेट हो पाया जनता का गुस्सा
    11 Mar 2022
    यूपी को लेकर अभी बहुत समीक्षा होगी कि जाट कहां गया, मुसलमान कहां गया, दलित कहां गया। महिलाओं का वोट किसे मिला आदि...आदि। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या ग्राउंड ज़ीरो से आ रहीं रिपोर्ट्स, लोगों की…
  • uttarakhand
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड में भाजपा को पूर्ण बहुमत के बीच कुछ ज़रूरी सवाल
    11 Mar 2022
    "बेरोजगारी यहां बड़ा मुद्दा था। पर्वतीय क्षेत्रों का विकास भी बड़ा मुद्दा था। भू-कानून, पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली बड़ा मुद्दा था। पलायन बड़ा मुद्दा था। लेकिन नतीजे तो यही कहते हैं कि सभी…
  • पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'
    जगन्नाथ कुमार यादव
    पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'
    11 Mar 2022
    इस महासम्मेलन में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा बिहार तकनीकी सेवा आयोग समेत 20 से ज़्यादा विभाग के अभ्यर्थी शामिल थे।
  • ukraine
    एपी/भाषा
    यूक्रेन-रूस अपडेट: चीन ने की यूक्रेन को मदद की पेशकश, रूस पर प्रतिबंधों को भी बताया गलत
    11 Mar 2022
    चीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अनुकूल सभी प्रयासों का समर्थन करता है और इसमें वह सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
  • विजय प्रसाद
    एक महान मार्क्सवादी विचारक का जीवन: एजाज़ अहमद (1941-2022)
    11 Mar 2022
    एजाज़ अहमद (1941-2022) की जब 9 मार्च को मौत हुई तो वे अपनी किताबों, अपने बच्चों और दोस्तों की गर्मजोशी से घिरे हुए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License