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भारत
राजनीति
तेज बहादुर की उम्मीदवारी का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को तेज बहादुर को सुनने और गुरुवार, 9 मई तक जवाब देने को कहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 May 2019
Tej Bahadur
फोटो साभार: India TV

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को पूर्व जवान तेज बहादुर यादव की आपत्तियों को जांचने के बाद चुनाव आयोग को गुरुवार, 9 मई को उसे इस बारे में अवगत कराने को कहा है।

वाराणसी में प्रधानमंत्री के खिलाफ खड़े होने वाले यादव का नामंकन रद्द कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने 1 मई को यादव का नामांकन रद्द कर दिया था।

तेज बहादुर इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए। जहां आज उनकी सुनवाई हुई। तेज बहादुर का दावा है कि आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) के कहे अनुसार उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एनओसी जमा किया था। लेकिन इसके बाद भी उनका पर्चा रद्द कर दिया गया।

तेज बहादुर का आरोप है कि भाजपा ने उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने के लिए ‘‘तानाशाही कदम’’ का सहारा लिया।

आपको मालूम होगा कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने जवानों को दिए जाने वाले भोजन के बारे में शिकायत करते हुए एक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया था। इसके बाद 2017 में यादव को बल से बर्खास्त कर दिया गया था।

इसके बाद उन्होंने बनारस (वाराणसी) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया। सपा ने तेज बहादुर को वाराणसी संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया था। सपा ने शुरू में मोदी के खिलाफ शालिनी यादव को टिकट दिया था लेकिन बाद में उसने प्रत्याशी बदल कर तेज बहादुर को वाराणसी संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया।

तेज बहादुर ने 29 अप्रैल  को नामांकन के आखिरी दिन सपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल किया। इससे पहले वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन कर चुके थे।  पहली मई को जांच के बाद उनका पर्चा खारिज करते हुए उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दे दिया गया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)


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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License