NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तेज बहादुर की उम्मीदवारी का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को तेज बहादुर को सुनने और गुरुवार, 9 मई तक जवाब देने को कहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 May 2019
Tej Bahadur
फोटो साभार: India TV

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को पूर्व जवान तेज बहादुर यादव की आपत्तियों को जांचने के बाद चुनाव आयोग को गुरुवार, 9 मई को उसे इस बारे में अवगत कराने को कहा है।

वाराणसी में प्रधानमंत्री के खिलाफ खड़े होने वाले यादव का नामंकन रद्द कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने 1 मई को यादव का नामांकन रद्द कर दिया था।

तेज बहादुर इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए। जहां आज उनकी सुनवाई हुई। तेज बहादुर का दावा है कि आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) के कहे अनुसार उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एनओसी जमा किया था। लेकिन इसके बाद भी उनका पर्चा रद्द कर दिया गया।

तेज बहादुर का आरोप है कि भाजपा ने उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने के लिए ‘‘तानाशाही कदम’’ का सहारा लिया।

आपको मालूम होगा कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने जवानों को दिए जाने वाले भोजन के बारे में शिकायत करते हुए एक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया था। इसके बाद 2017 में यादव को बल से बर्खास्त कर दिया गया था।

इसके बाद उन्होंने बनारस (वाराणसी) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया। सपा ने तेज बहादुर को वाराणसी संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया था। सपा ने शुरू में मोदी के खिलाफ शालिनी यादव को टिकट दिया था लेकिन बाद में उसने प्रत्याशी बदल कर तेज बहादुर को वाराणसी संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया।

तेज बहादुर ने 29 अप्रैल  को नामांकन के आखिरी दिन सपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल किया। इससे पहले वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन कर चुके थे।  पहली मई को जांच के बाद उनका पर्चा खारिज करते हुए उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दे दिया गया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)


बाकी खबरें

  • मुकुल सरल
    मदर्स डे: प्यार का इज़हार भी ज़रूरी है
    08 May 2022
    कभी-कभी प्यार और सद्भावना को जताना भी चाहिए। अच्छा लगता है। जैसे मां-बाप हमें जीने की दुआ हर दिन हर पल देते हैं, लेकिन हमारे जन्मदिन पर अतिरिक्त प्यार और दुआएं मिलती हैं। तो यह प्रदर्शन भी बुरा नहीं।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल के ‘गुजरात प्लान’ से लेकर रिजर्व बैंक तक
    08 May 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को लेकर एक बार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: हम सहनशील तो हैं, पर इतने भी नहीं
    08 May 2022
    हम ग़रीबी, बेरोज़गारी को लेकर भी सहनशील हैं। महंगाई को लेकर सहनशील हो गए हैं...लेकिन दलित-बहुजन को लेकर....अज़ान को लेकर...न भई न...
  • बोअवेंटुरा डे सौसा सैंटोस
    यूक्रेन-रूस युद्ध के ख़ात्मे के लिए, क्यों आह्वान नहीं करता यूरोप?
    08 May 2022
    रूस जो कि यूरोप का हिस्सा है, यूरोप के लिए तब तक खतरा नहीं बन सकता है जब तक कि यूरोप खुद को विशाल अमेरिकी सैन्य अड्डे के तौर पर तब्दील न कर ले। इसलिए, नाटो का विस्तार असल में यूरोप के सामने एक…
  • जितेन्द्र कुमार
    सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी
    08 May 2022
    सामाजिक न्याय चाहने वाली ताक़तों की समस्या यह भी है कि वे अपना सारा काम उन्हीं यथास्थितिवादियों के सहारे करना चाहती हैं जो उन्हें नेस्तनाबूद कर देना चाहते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License