NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तेज हजारिका ने लिखी फेसबुक पोस्ट : भारत रत्न की सियासत पर उठाए सवाल
तेज का कहना है कि ऐसे समय में जब पूर्वोत्तर के लोग नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में सड़कों पर है, उनके 'हीरो' को भारत रत्न देना सवाल खड़े करता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Feb 2019
Tej Hazarika, son of singer Bhupen Hazarika
Image Courtesy: Time8

मशहूर गायक भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका आज सुर्खियों में हैं। पिता के भारत रत्न को लेने से इंकार करने संबंधी उनके फैसले को लेकर एक बड़ा वर्ग उनके साथ आया है और उनकी सराहना की है, जबकि सरकार समर्थित एक वर्ग इस कदम के लिए उनकी आलोचना कर रहा है।

अमेरिका में रह रहे तेज हजारिका ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट के जरिये अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने लिखा है “कई पत्रकार मुझसे पूछ रहे हैं कि मैं अपने पिता को दिए गए भारत रत्न को स्वीकार करूंगा या नहीं? उन्हें बता दूं कि मुझे अभी तक इसको लेकर कोई निमंत्रण नहीं मिला है, तो अस्वीकार करने जैसा कुछ है ही नहीं अभी। दूसरी बात, केंद्र सरकार ने इस सम्मान को देने में जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई है और जो समय चुना है वह और कुछ नहीं बस लोकप्रियता का फायदा उठाने का सस्ता तरीका है।”

तेज का कहना है कि ऐसे समय में जब पूर्वोत्तर के लोग नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में सड़कों पर है, उनके 'हीरो' को भारत रत्न देना सवाल खड़े करता है।

TEJ HAZARIKA.jpg

तेज ने लिखा, “मेरा मानना है कि मेरे पिता के नाम का ऐसे समय इस्तेमाल किया गया जब नागरिकता (संशोधन) विधेयक जैसे विवादित बिल को अलोकतांत्रिक तरीके से लाने की तैयारी की जा रही है। यह भूपेन दा की उस विचारधारा के बिल्कुल खिलाफ है जिसका उन्होंने हमेशा समर्थन किया।”

आपको बता दें कि इस बार गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने भूपेन हजारिका, नानाजी देशमुख और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा की थी।

8 सितंबर 1926 में असम में जन्में कवि-गायक भूपेन हजारिका का 85 वर्ष की आयु में 2011 में निधन हो गया था। उन्होंने असमिया लोक गीत और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने असमिया के अलावा हिंदी, बांग्ला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाने गाए। उन्होंने फिल्म 'गांधी टु हिटलर' में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन 'वैष्णव जन' गाया था। उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

इसे भी पढ़ें : नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध

इसे भी पढ़ें : पूर्वोत्तर की 11 पार्टियों ने नागरिकता विधेयक का विरोध किया

Bhupen Hazarika
Tej Hazarika
BHARAT RATAN
Modi government
North East
Citizenship Amendment Bill
Citizenship Bill 2016

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

आख़िर फ़ायदे में चल रही कंपनियां भी क्यों बेचना चाहती है सरकार?

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

फ़िल्म: एक भारतीयता की पहचान वाले तथाकथित पैमानों पर ज़रूरी सवाल उठाती 'अनेक' 

'KG से लेकर PG तक फ़्री पढ़ाई' : विद्यार्थियों और शिक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सभा में उठी मांग

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है


बाकी खबरें

  • UP Teachers Protest
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : आगामी चुनाव से पहले लाखों शिक्षकों ने योगी सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने को कहा
    02 Dec 2021
    विरोध करने वाले शिक्षकों ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, पूर्व वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, डीए की किस्त और बक़ाया राशि जारी करने सहित कई मांगें…
  • bhopal gas tragedy
    अनिल जैन
    भोपाल गैस त्रासदी के 37 बरस, अभी भी थमा नहीं है लोगों का मरना! 
    02 Dec 2021
    आज से ठीक 37 वर्ष पहले दो और तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात को यूनियन कार्बाइड के कारखाने से निकली जहरीली गैस (मिक यानी मिथाइल आइसो साइनाइट) ने अपने-अपने घरों में सोए हजारों लोगों को एक झटके में ही…
  • putin
    एम. के. भद्रकुमार
    मजबूत गठजोड़ की ओर अग्रसर होते चीन और रूस
    02 Dec 2021
    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने उच्च-स्तरीय “स्रोत” के हवाले से खुलासा किया है कि बीजिंग का 2022 के शीतकालीन ओलंपिक में अमेरिकी एवं पश्चिमी राजनेताओं को आमंत्रित करने का कोई इरादा…
  • left
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन
    02 Dec 2021
    इस प्रदर्शन को सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, प्रकाश करात, हन्नान मौल्ला और दिल्ली राज्य कमेटी के नेताओं ने संबोधित किया। इस प्रदर्शन में सांप्रदायिकता का दंश झेल चुके उत्तर पूर्वी दिल्ली…
  • covid
    संदीपन तालुकदार
    ओमिक्रॉन: घबराने की नहीं, सावधानियां रखने की ज़रूरत है
    02 Dec 2021
    विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया सूचना के मुताबिक़, यह साफ़ नहीं है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट समेत, पिछले वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल सकता है या नहीं। फिर भी यह सुझाव है कि अब भी उतनी ही सावधानी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License