NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अर्थव्यवस्था
तेल की कीमतें अस्थिर दौर में पहुंची : आईईए
रपट में बताया गया है कि वैश्विक ऊर्जा महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसमें विद्युतीकरण में तेजी के साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा का भी विस्तार शामिल है।
आईएएनएस
13 Nov 2018
iea
Image Courtesy: greeners.co

तेल बाजार अनिश्चितता और अस्थिरता की स्थिति में प्रवेश कर रहे हैं, साथ ही साल 2020 की शुरुआत में आपूर्ति में बाधा भी आ सकती है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी है।

आईईए ने कहा कि प्राकृतिक गैस की मांग बढ़ती जा रही है, क्योंकि चीन एक विशाल उपभोक्ता बन गया है। सोलर पीवी का बाजार भी आगे बढ़ रहा है, लेकिन अन्य कम-कार्बन प्रौद्योगिकीयों और खासतौर से प्रभावी नीतियों की अभी भी जरूरत है, ताकि इसे बढ़ावा दिया जा सके।

आईएए पब्लिकेशन की वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2018 रपट से यह जानकारी मिली है, जिसमें वैश्विक ऊर्जा के विस्तृत प्रचलन की जानकारी दी गई है, साथ ही इसमें मांग और आपूर्ति, कार्बन उत्सर्जन, वायु प्रदूषण और ऊर्जा तक पहुंच पर भी प्रकाश डाला गया है।

रपट में बताया गया है कि वैश्विक ऊर्जा महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसमें विद्युतीकरण में तेजी के साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा का भी विस्तार शामिल है। साथ ही तेल उत्पादन और प्राकृतिक गैस बाजार के वैश्वीकरण में उथल-पुथल का माहौल है। 

सभी क्षेत्रों और सभी तरह के ईंधन में सरकार की बनाई गई नीतियां ही भविष्य की ऊर्जा प्रणाली की दशा-दिशा निर्धारित करेंगी। 

आईईए के कार्यकारी निदेशक फैथ बिरोल ने कहा, "हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि 70 फीसदी से अधिक वैश्विक ऊर्जा निवेश सरकार के द्वारा किया जा रहा है और इसका संदेश साफ है कि दुनिया की ऊर्जा नियति सरकारी फैसलों पर निर्भर है।"
 

International Energy Agency
iea
Petrol & diesel price
natural gas
Electrification

Related Stories

‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!

प्रधानमंत्री जी... पक्का ये भाषण राजनीतिक नहीं था?

महंगाई के आक्रोश को मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत बढ़ाकर ढकने की कोशिश, आख़िर किसका नुक़सान? 

कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध भारत की उर्वरक आपूर्ति में डालेगा बाधा? खेती-किसानी पर पड़ेगा भारी असर

नॉर्ड स्ट्रीम 2: गैस पाइपलाइन को लेकर दूसरा शक्ति संघर्ष

तिरछी नज़र: सर जी, प्लीज़ यह महंगाई हमसे मत छीनिये

तेल एवं प्राकृतिक गैस की निकासी ‘खनन’ नहीं : वन्यजीव संरक्षण पैनल

तनिक महंगे हैं तो क्या हुआ दिन अच्छे हैं!

फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, चेन्नई में पेट्रोल 99 रुपये प्रति लीटर के करीब

दिन महंगे ही अच्छे!


बाकी खबरें

  • राजु कुमार
    मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी
    09 May 2022
    सिवनी की घटना से मध्यप्रदेश का पूरा आदिवासी क्षेत्र आक्रोशित है। आज कई आदिवासी संगठनों ने संयुक्त रूप से सिवनी बंद का आह्वान किया था, जो पूरी तरह सफल रहा। सिवनी से लगे गांवों के आदिवासी भी इस बंद में…
  • भाषा
    श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया
    09 May 2022
    श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा सोमवार को पूरे देश में कर्फ्यू लगाये जाने के बीच प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफा दे दिया।
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कोर्ट कमिश्नर बदलने के मामले में मंगलवार को फ़ैसला
    09 May 2022
    वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने कहा है कि सर्वे की टीम के कमिश्नर को बदलने की मांग वाली याचिका पर फ़ैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा।
  • प्रभात पटनायक
    युद्ध, खाद्यान्न और औपनिवेशीकरण
    09 May 2022
    दुनियाभर के गेहूं के कुल निर्यात में 30 फीसद हिस्सा रूस और यूक्रेन मिलकर मुहैया कराते हैं। विशेष रूप से अफ्रीका के अनेक देश उनकी खाद्यान्न आपूर्ति पर ही ज्यादातर निर्भर हैं।
  • असद रिज़वी
    यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन
    09 May 2022
    यूपी पुलिस पर नागरिक समाज का आरोप है कि वह अपराधियों से अधिक, पीड़ित और उसके परिवार पर खामोश रहने के लिए दबाव बना रही है। “धमकाना , वसूली, झूठे मुकदमों में फंसा देने की धमकी जैसे अब आम बात हो गई है।”
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License