NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
टिकटॉक ने डेटा साझा करने के आरोपों को खारिज किया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को लोकसभा में आरोप लगाया था कि यह इस शॉर्ट वीडियो प्लेटफार्म द्वारा गैरकानूनी तरीके से डेटा जुटाकर चीन को भेजा जा रहा है। थरूर ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Jul 2019
Tik Tok

चीन की कंपनी के स्वामित्व वाली लघु अवधि की वीडियो शेयरिंग एप टिकटॉक ने मंगलवार को इन आरोपों को खारिज किया कि वह गैरकानूनी तरीके से प्रयोगकर्ताओं के आंकड़े या डेटा जुटा रही है। कंपनी ने कहा कि वह वह सभी स्थानीय कानूनों और नियमनों का अनुपालन कर रही है। 

चीन की कंपनी बाइटडांस की इकाई टिकटॉक ने बयान में कहा कि उपयोक्ताओं की सुरक्षा और निजता उसकी शीर्ष प्राथमिकता है। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को लोकसभा में आरोप लगाया था कि यह इस शॉर्ट वीडियो प्लेटफार्म द्वारा गैरकानूनी तरीके से डेटा जुटाकर चीन को भेजा जा रहा है। थरूर ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया था। 

टिकटॉक ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह जिन बाजारों में कामकाज करती है, वहां के कानूनों और नियमनों का अनुपालन करती है। उसने कहा कि चीन की सरकार की टिकटॉक के प्रयोगकर्ताओं के डेटा तक कोई पहुंच नहीं है और न ही उसकी चाइना टेलीकॉम के साथ मौजूदा समय में कोई भागीदारी है। 

कंपनी ने कहा कि ये दावे पूरी तरह असत्य हैं। बयान में आगे कहा गया है कि भारतीय प्रयोगकर्ताओं के डेटा को अमेरिका और सिंगापुर में इस उद्योग में अग्रणी तीसरे पक्ष के डेटा सेंटरों में रखा जाता है। 

कंपनी ने कहा कि वह चीन में परिचालन नहीं करती है और उनकी सरकार की टिकटॉक के प्रयोगकर्ताओं तक कोई पहुंच नहीं है। न ही उसकी चाइना टेलीकॉम के साथ कोई भागीदारी है। 

आपको बता दें कि डेटा चोरी का आरोप सिर्फ टिकटॉक पर ही नहीं बल्कि फेसबुक जैसी बड़ी सोशल मीडिया कंपनी पर भी लग चूका है। 2018 में फेसबुक डेटा चोरी बहुत ही बड़ा विवादित मुद्दा था। 

आपको यह भी बता दे कि 3 अप्रैल को तमिल नाडू की एक कोर्ट ने सरकार से टिकटॉक पर बैन लगाने को कहा था। कोर्ट का कहना था की यह चाइल्ड पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देती है। तभी मद्रास हाई कोर्ट ने इसे बैन करने का फैसला किया था और इसी आदेश के बाद सरकार ने गूगल और एप्पल को लेटर लिख कर टिकटॉक एप को अपने प्लेटफार्म से हटाने को कहा था।

 

tik tok
Shashi Tharoor
court
data breach
data leak
data privacy
Data Protection

Related Stories

सर्विलांस राज्य ही विश्व का 'न्यू नॉर्मल'

क्या है तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी और पुलिस कमिश्नर सज्जनार का इतिहास!


बाकी खबरें

  • भाषा
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में फ़ैसला सुरक्षित
    06 May 2022
    अदालत ने बृहस्पतिवार को इस मामले की पोषणीयता पर फैसला सुरक्षित रखते हुए निर्णय सुनाने के लिए 19 मई की तिथि नियत की है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लंबे समय के बाद RBI द्वारा की गई रेपो रेट में बढ़ोतरी का क्या मतलब है?
    06 May 2022
    रेपो दरों में 40 बेसिस पॉइन्ट की बढ़ोतरी मतलब है कि पहले के मुकाबले किसी भी तरह का क़र्ज़ लेना महंगा होगा। अब तक सरकार को तकरीबन 7 से 7.5 फीसदी की दर से क़र्ज़ मिल रहा था। बैंक आरबीआई से 4.40 फ़ीसदी दर पर…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?
    06 May 2022
    कोरोना में हुई मौतों पर डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट जारी की है, जो भारत सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट से बिल्कुल अलग है।
  • भाषा
    पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला
    06 May 2022
    भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा बग्गा के पिता को पीटे जाने के आरोप में राष्ट्रीय राजधानी के जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
  • सारा थानावाला
    क्या लिव-इन संबंधों पर न्यायिक स्पष्टता की कमी है?
    06 May 2022
    न्यायालयों को किसी व्यक्ति के बिना विवाह के किसी के साथ रहने के मौलिक अधिकार को मान्यता देनी होगी। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License