NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
टीमसी के आतंक से ग्रस्त बंगाल
बीरभूम जिले में दलित नेता और पूर्व सांसद डॉ० रामचंद्र डोम पर हमला हुआ।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Apr 2018
Ramchandra Dom

तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल) के सत्ताधारी गुंडों ने पश्चिम बंगाल राज्य में लगातार आतंक जारी हैं, राज्य में आगामी पंचायत चुनावों में अपना नामांकन दर्ज़ करने से विपक्ष खासकर वामपंथियों को रोकने के लिए अपने सभी दांवपेचों का इस्तेमाल कर रहे हैं |

नलहाटी में, बीरभूम ज़िले में पूर्व सांसद,  दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) के महासचिव और सीपीआई (एम) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य डॉ रामचंद्र डोम पर भी टीएमसी गुंडों ने क्रूरता से हमला कियाI यह हमला तब हुआ जब वह चुनाव लड़ रहे वामपंथी उम्मीदवारों के साथ रैली का नेतृत्व कर रहे थे।  ताकि वे आगामी चुनावों के लिए अपना नामांकन कर सकें। टीएमसी गुंडों द्वारा लगातार बमबारी और पत्थरबाज़ी के  बीच  रैली ने नालाहाटी ब्लॉक के बीडीओ कार्यालय तक अपना रास्ता पूरा कियाI लेकिन इससे पहले ही डॉ रामचंद्र डोम और कई अन्य लोगों पर हमला हो चुका था |

डॉ० डोम को सिर में  चोट लगी  जबकि एक और वाम कार्यकर्त्ता हिरू बम से घायल हो गये थे  और उसे एक गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया था। कई अन्य भी घायल हुए थे, लेकिन साहस दिखाते हुए, रैली के प्रतिभागियों ने इस हमले को सामना किया और फिर से लड़े और उम्मीदवार ने अपना नामांकन जमा किया |

वाम मोर्चा के अध्यक्ष विमान बसु ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि वाम मोर्चा आंदोलन का आयोजन करेगा और कोलकाता के लोवर रोडन स्ट्रीट इलाके में राज्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय के सामने  धरना पर बैठेगा, आयोग को  राज्य में लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए।

पूरे राज्य में टीएमसी गुंडों द्वारा विभिन्न ब्लॉकों के प्रशासनिक मुख्यालय को घेरने की घटनाओं की सूचना दी गई है। यह एक योजनाबद्ध कदम है, इन सशस्त्र गिरोहों ने ब्लॉक कार्यालयों में  वामपंथी उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए परिसर में प्रवेश करने में  अवरोध पैदा किया |

यहाँ तक ​​कि अपने जान पर खतरे के बाद भी, वाम कार्यकर्त्ताओं ने अपने उम्मीदवारों को घेर लिया और अपना नामांकन जमा किया। हालांकि, 5 अप्रैल को, नालहाटी और बीरभूम जिले के मुरारई, बोरजोर, सोनमुखी और बांकुरा ज़िले के बिष्णुपुर, हावड़ा ज़िले के जगतबॉलपोपर, जलपाईगुड़ी ज़िले के मालबज़ार, हुगली ज़िले के बालागढ़, बर्दवान ज़िले के केतुगढ़, पूर्व मिदनापुर ज़िला के माटंगीनी ब्लॉक और मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा में हमले किये गये थे |

Ramchandra Dom
TMC
CPI(M)
West Bengal

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान


बाकी खबरें

  • भाषा
    किसी को भी कोविड-19 टीकाकरण कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता : न्यायालय
    02 May 2022
    पीठ ने कहा, “संख्या कम होने तक, हम सुझाव देते हैं कि संबंधित आदेशों का पालन किया जाए और टीकाकरण नहीं करवाने वाले व्यक्तियों के सार्वजनिक स्थानों में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाए। यदि पहले से…
  • नाइश हसन
    कितने मसलक… कितनी टोपियां...!
    02 May 2022
    सुन्नी जमात हैं तो गोल टोपी... बरेलवी से हैं तो हरी टोपी...., अज़मेरी हैं तो ख़ादिम वाली टोपी.... जमाती होे तो जाली वाली टोपी..... आला हज़रत के मुरीद हों तो लम्बी टोपी। कौन सी टोपी चाहती हैं आप?
  • शिरीष खरे
    कोरोना महामारी अनुभव: प्राइवेट अस्पताल की मुनाफ़ाखोरी पर अंकुश कब?
    02 May 2022
    महाराष्ट्र राज्य के ग़ैर-सरकारी समूहों द्वारा प्रशासनिक स्तर पर अब बड़ी तादाद में शिकायतें कोरोना उपचार के लिए अतिरिक्त खर्च का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई गई हैं। एक नजर उन प्रकरणों पर जहां कोरोनाकाल…
  • सुबोध वर्मा
    पेट्रोल/डीज़ल की बढ़ती क़ीमतें : इस कमर तोड़ महंगाई के लिए कौन है ज़िम्मेदार?
    02 May 2022
    केंद्र सरकार ने पिछले आठ वर्षों में सभी राज्य सरकारों द्वारा करों के माध्यम से कमाए गए 14 लाख करोड़ रुपये की तुलना में केवल उत्पाद शुल्क से ही 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।
  • ज़ाहिद खान
    सत्यजित रे : सिनेमा के ग्रेट मास्टर
    02 May 2022
    2 मई, 1921 को कोलकाता में जन्मे सत्यजित रे सिनेमा ही नहीं कला की तमाम विधाओं में निपुण थे। उनकी जयंती पर पढ़िये यह विशेष लेख।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License