NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तीन तलाक बिल के साथ लोकसभा में पेश हुए 30 गैर सरकारी विधेयक
तीन तलाक बिल के साथ 30 गैरसरकारी विधेयक पेश हुए जिनमें अनुच्छेद 370 में संशोधन और गो संरक्षण से जुड़े विधेयक शामिल हैं.
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Jun 2019
loksabha

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में भारी हंगामे के बीच एक बार फिर तीन तलाक विधेयक पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि तीन तलाक विधेयक पिछली लोकसभा में पारित हो चुका है। 

लेकिन राज्यसभा में लंबित रहने और 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म हो जाने से इसे एक बार फिर लाया गया है। कांग्रेस, एआईएमआईएम समेत विपक्ष दलों ने बिल पेश करने का विरोध किया। 

इसके साथ 30 गैरसरकारी विधेयक पेश हुए जिनमें अनुच्छेद 370 में संशोधन और गो संरक्षण से जुड़े विधेयक शामिल हैं।आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-2005 में संशोधन के लिए गैर सरकारी विधेयक पेश किया।

भाजपा के निशिकांत दुबे ने संविधान के अनुच्छेद 370 में संशोधन के लिए ‘संविधन (संशोधन) विधेयक-2019’ पेश किया।दुबे ने गायों की संख्या का स्थिरीकरण सुनिश्चित करने और गो-हत्या पर प्रतिबंधन लगाने के लिए गो संरक्षण विधेयक-2019 सदन में पेश किया।

बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट और छुट्टा गोवंश की समस्या को लेकर भाजपा के कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने संकल्प रखा और चर्चा शुरू की।उन्होंने कहा कि अगर बुंदेलखंड में पानी की समस्या दूर हो जाए तो दूसरी सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। 

loksabha session
17 th loksabha session
triple talaq bill
ravi shankar prasad
BJP
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • CORONA
    न्यूज़क्लिक टीम
    चिंता: कोरोना ने फिर रफ़्तार पकड़ी, देश में 24 घंटों में 2 लाख के क़रीब नए मामले
    12 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,94,443 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 60 लाख 70 हज़ार 233 हो गयी है।
  • Maurya
    मुकुल सरल
    स्वामी प्रसाद मौर्य का जाना: ...फ़र्क़ साफ़ है
    12 Jan 2022
    यह केवल दल-बदल या अवसरवाद का मामला नहीं है, यह एक मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया है, वो भी श्रम मंत्री ने। यह योगी सरकार की विफलता ही दिखाता है। इसका जवाब योगी जी से लिया ही जाना चाहिए।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तीसरी लहर को रोकने की कैसी तैयारी? डॉक्टर, आइसोलेशन और ऑक्सीजन बेड तो कम हुए हैं : माकपा
    12 Jan 2022
    मध्यप्रदेश में माकपा नेता के अनुसार दूसरी लहर की तुलना में डॉक्टरों की संख्या 1132 से घट कर 705 हो गई है। इसी तरह आइसोलेशन बेड की संख्या 29247 से घटकर 16527 रह गई है। इसी प्रकार ऑक्सीजन बैड भी 28,152…
  • Protest in Afghanistan
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की
    12 Jan 2022
    काबुल यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और क़ानून पढ़ाने वाले डॉ. जलाल तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान के पिछले प्रशासन के आलोचक रहे हैं। उन्होंने महज़ सुरक्षा पर ध्यान दिये जाने की तालिबान सरकार की चिंता की…
  • bjp-rss
    कांचा इलैया शेफर्ड
    उत्तर प्रदेश चुनाव : हौसला बढ़ाते नए संकेत!
    12 Jan 2022
    ज़्यादातर शूद्र, ओबीसी, दलित और आदिवासी जनता ने आरएसएस-भाजपा के हिंदुओं को एकजुट करने के झूठे दावों को संदिग्ध नज़र से देखा है। सपा के अखिलेश यादव जैसे नेताओं को इस असहमति को वोट में बदलने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License