NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
तिरछी नज़र : काला जादू और मेरी उलझन
मेरी मोदी जी से सविनय प्रार्थना है कि वे अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि का उपयोग कर, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा काला जादू को भी मृत्यु के कारणों में शामिल करवा दें। अतीव कृपा होगी।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
01 Sep 2019
भाजपा के दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देती सांसद प्रज्ञा ठाकुर
सांसद प्रज्ञा ठाकुर का कहना है कि विपक्ष भाजपा नेताओं पर काला जादू कर रहा है!

अफ़सोस है, अभी हाल फिलहाल में ही भाजपा के दो सीनियर नेताओं की मृत्यु हो गई। दोनों लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। यहां तक कि दोनों ने संसद के लिए चुनाव लडऩे से भी स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ही मना कर दिया था। दोनों कुछ दिन के अंतर पर गुजर गये। लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी और, जैसा कि होता ही है, दुनिया चल पड़ी। दुनिया की यही रीत है, यही रिवाज़ है।

सबने उनकी मृत्यु को सामान्य तौर पर लिया जिस तरह से उनकी मृत्यु के कुछ दिन पहले हुई शीला दीक्षित जी की मृत्यु को लिया था। सबने कहा सुषमा स्वराज बीमार रहती थीं, गुर्दा बदला गया, अफ़सोस है और अधिक नहीं जी पायीं। और अरुण जेटली भी बीमार थे। उनका भी गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था। उसके बाद वे भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे। होनी को कौन टाल सकता है, साधु-साध्वियों के अलावा!

पर यह बातें अलग, उनकी बीमारियां अलग, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं अलग। असल में उनकी मौत "काले जादू" की वजह से हुई। यह मुझ नाचीज़ का कहना नहीं है। यह कहा है हमारे एक सांसद ने, लोकसभा के सदस्य ने। एक ऐसे व्यक्ति ने जिस पर देश के कानून बनाने की जिम्मेदारी है। उसे लगता है कि सुषमा जी और जेटली जी की मृत्यु के लिए कांग्रेस का काला जादू जिम्मेदार है। उसे विश्वास है कि कांग्रेस में भी काला जादू जानने वाले लोग हैं, जैसे कि भाजपा में वह स्वयं तथा अन्य कुछ लोग हैं! 

जब देश के सांसद, लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग काले जादू को मानते हैं, उस पर विश्वास करते हैं, तो अब समय आ गया है कि काले जादू पर कानून भी बना दिया जाये। पूर्व काल में हमारे देश को सांप और सपेरों का देश माना जाता था, बीच में कुछ गड़बड़ हो गई पर अब काले जादू का देश माना जाये तो बात बन जाये। 

काले जादू पर कानून बनाते समय कानून में यह प्रवधान अवश्य किया जाये कि कौन किस पर काला जादू कर सकता है। जैसे राष्ट्रपति जी किसी पर भी काला जादू कर सकते हैं पर उन पर कोई भी काला जादू नहीं कर सकता है। उप राष्ट्रपति महोदय पर राष्ट्रपति जी के अलावा अन्य कोई काला जादू नहीं कर सकता है पर वे राष्ट्रपति महोदय के अतिरिक्त सभी पर काला जादू कर सकते हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री महोदय और अन्य केबिनेट मंत्रियों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों, राज्य के मंत्रियों, विधायकों, अफसरों आदि सभी के लिए कानून बनाया जा सकता है कि कौन किस पर काला जादू कर सकता है और किस पर नहीं। आम जनता के बारे में भी यह काम मनु स्मृति के अनुसार किया जा सकता है।

काले जादू के बारे में कानून बनाते समय यह भी ध्यान रखा जाये कि इसे अपराध माना जायेगा या नहीं, या फिर इसे सिर्फ जादू टोने का ही एक हिस्सा माना जायेगा। यदि काले जादू को अपराध माना गया तो इसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की किस धारा में रखा जायेगा। कानून बनाते समय यह ध्यान रहे कि दंड का निर्धारण इस बात को ध्यान रख कर किया जाये कि काले जादू का उपयोग कर कितना नुकसान पहुंचा है, मृत्यु हुई है या फिर सिर्फ धन या स्वास्थ्य की ही हानि हुई है। ध्यान रहे कि काला जादू करने वाले लोग पहुंचे हुए साधू सन्यासी होते हैं। वे जांच करने वाले अधिकारी या सजा सुनाने वाले न्यायाधीश को भी श्राप दे, काला जादू कर भस्म कर सकते हैं। इस लिए काले जादू के केस की जांच करने के लिये विशेष जांच अधिकारी और न्यायाधीश नियुक्त किये जायें जिन्हें काले जादू की काट की विशेष ट्रेनिंग दी जाये। काश ऐसी ट्रेनिंग समय रहते हेमंत करकरे को भी मिल गई होती तो उनकी जान बच सकती थी।

काले जादू को तर्क संगत बनाने के लिए संविधान में काले जादू को संविधान के आर्टिकल 51 ए (एच) में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ शामिल किया जाये। वैज्ञानिक दृष्टिकोण काला जादू के साथ रहेगा तो वैज्ञानिक दृष्टिकोण का महत्व तो बढ़ेगा ही साथ साथ सरकार की मुसीबतें भी कम होंगी। सरकार चाहे तो इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण नाम की नापाक चीज को, आर्टिकल 51ए में बदलाव कर, कूड़ेदान में डाल सकती है। न वैज्ञानिक दृष्टिकोण दृष्टि में रहेगा और न मेरे जैसे लोग काले जादू पर प्रश्न खड़ा कर सकेंगे। सरकार ऐसा कर भी सकती है, मोदी जी हैं, अमित शाह हैं और बहुमत तो है ही। ये सब कुछ है तो कुछ भी मुमकिन है।

मेरी उलझन : चिकित्सक होने के नाते मेरी एक उलझन है। यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो मृत्यु के कारण के कॉलम में हम हृदयाघात, पक्षाघात, आंत्रशोथ, मलेरिया, टी बी, आदि जैसे कारण, ऐसे ज्ञात कारण जिनके कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है, लिख सकते हैं। परन्तु यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु काले जादू से  होती है तो उसकी मृत्यु का कारण क्या लिखा जायेगा, यही मेरी मुश्किल है। अतः मेरी मोदी जी से सविनय प्रार्थना है कि वे अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि का उपयोग कर, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा काला जादू को भी मृत्यु के कारणों में शामिल करवा दें। अतीव कृपा होगी।

(लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Political satire
Narendra modi
Pragya Singh Thakur
black magic

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार-जी, बम केवल साइकिल में ही नहीं लगता

विज्ञापन की महिमा: अगर विज्ञापन न होते तो हमें विकास दिखाई ही न देता

तिरछी नज़र: बजट इस साल का; बात पच्चीस साल की

…सब कुछ ठीक-ठाक है

तिरछी नज़र: ‘ज़िंदा लौट आए’ मतलब लौट के...

बना रहे रस: वे बनारस से उसकी आत्मा छीनना चाहते हैं

तिरछी नज़र: ओमीक्रॉन आला रे...

तिरछी नज़र: ...चुनाव आला रे

चुनावी चक्रम: लाइट-कैमरा-एक्शन और पूजा शुरू

कटाक्ष: इंडिया वालो शर्म करो, मोदी जी का सम्मान करो!


बाकी खबरें

  • तिरछी नज़र: सो सॉरी, सेल नहीं, रेंट
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: सो सॉरी, सेल नहीं, रेंट
    29 Aug 2021
    अब देश की संपत्तियां सेल पर हैं, बेची जा रही हैं, सॉरी! मतलब, किराये पर दी जा रही हैं। सरकार जी खुद ही दे रहे हैं। और हम भी उम्मीद से हैं कि कभी ना कभी हमारा भी मौका आएगा और हम भी कुछ खरीद पाएंगे।
  • गुजरात: धर्म-परिवर्तन क़ानून को लेकर हाईकोर्ट और सरकार के बीच क्या विवाद है?
    सोनिया यादव
    गुजरात: धर्म-परिवर्तन क़ानून को लेकर हाईकोर्ट और सरकार के बीच क्या विवाद है?
    29 Aug 2021
    धर्म-परिवर्तन के नए क़ानून पर हाईकोर्ट की सख़्ती से गुजरात सरकार सकते में है। कानून के कई प्रावधानों पर हाईकोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ राज्य की विजय रुपाणी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है।
  • 200 हल्ला हो: अत्याचार के ख़िलाफ़ दलित महिलाओं का हल्ला बोल
    रचना अग्रवाल
    200 हल्ला हो: अत्याचार के ख़िलाफ़ दलित महिलाओं का हल्ला बोल
    29 Aug 2021
    "जाति के बारे में क्यों ना बोलूं सर जब हर पल हमें हमारी औक़ात याद दिलाई जाती है..."
  • रोटी के लिए जद्दोजहद करते खाना पहुंचाने वाले हाथ
    समृद्धि साकुनिया
    रोटी के लिए जद्दोजहद करते खाना पहुंचाने वाले हाथ
    29 Aug 2021
    नई श्रम सुधार संहिता के दायरे में गिग वर्कर्स को लाए जाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के लाभ प्रदान करने के बावजूद फुड डिलीवरी कर्मचारियों का शोषण बदस्तूर है, खासकर महामारी के बाद से। समृद्धि साकुनिया…
  • अफ़गानिस्तान: ‘ग्रेट गेम’  खेलने की सनक में अमेरिका ने एक देश को तबाह कर दिया
    जॉन पिलगर
    अफ़गानिस्तान: ‘ग्रेट गेम’  खेलने की सनक में अमेरिका ने एक देश को तबाह कर दिया
    29 Aug 2021
    कुछ दशक पहले अफ़गानिस्तान की अवाम ने अपनी आज़ादी ली थी, लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन और उनके सहयोगी देशों की महत्वाकांक्षाओं ने उसे तबाह कर दिया
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License