NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
त्रासदी : यूपी और महाराष्ट्र में 5 कर्मचारियों की मौत
पालघर में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों और नोएडा में सीवर लाइन खोलने के दौरान दो कर्मचारियों की मौत हो गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 May 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: SKA

उत्तर प्रदेश के नोएडा और महाराष्ट्र के पालघर में अलग-अलग घटनाओं में पांच कर्मियों की मौत हो गई। पालघर के नालासोपारा में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से तीन मजदूरों की जान गई, जबकि नोएडा के सलारपुर गांव में सीवर लाइन खोलने के दौरान दो  कर्मचारियों की मौत डूबने से हो गई।

महाराष्ट्र की पालघर पुलिस ने बताया कि हादसा शुक्रवार तड़के एक हाउसिंग सोसायटी नीलमोर इलाके के आनंद व्यू अपार्टमेंट में हुआ।

पालघर थाने के प्रवक्ता हेमंत काटकर ने कहा, ‘‘25 से 35 आयु वर्ग के तीन मजदूर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उसके अंदर गये थे। शायद जहरीली गैस से दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गयी।’’

उन्होंने बताया कि अग्निशमन दल के कर्मियों और आपदा प्रबंधन इकाई की टीम ने शव बाहर निकाले। उन्हें पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है।

काटकर ने कहा, ‘‘आठ व्यक्तियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।’’

नोएडा में दो सफाईकर्मियों की मौत

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर नोएडा के सलारपुर गांव में गुरुवार की रात सीवर लाइन को खोल रहे दो कर्मचारियों की मौत डूबने से हो गई।

सफाईकर्मियों की मौत की सूचना पाकर परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और वहां उन्होंने जमकर हंगामा किया। यह क्षेत्र थाना सेक्टर 39 में आता है। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

नगर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने बताया कि सलारपुर गांव में बंद पड़ी सीवर लाइन को खोलने का काम नोएडा प्राधिकरण का ठेकेदार करवा रहा था। दो कर्मचारी सीवर के गहरे गड्ढ़े में उतरकर जाम सीवर को खोलने के लिए पाइप से मिट्टी हटा रहे थे। जैसे ही कर्मचारियों ने बंद पाइप में से मिट्टी हटाई, तेज गति से पानी खाली पड़ी जगह में भर गया और दोनों कर्मचारी उसमें डूब गए।

उन्होंने बताया कि इस घटना में दोनों  कर्मचारियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि देर रात को एनडीआरएफ की टीम गाजियाबाद से नोएडा पहुंची और दोनों के शवों को पानी से बाहर निकाला।

सिंह ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगर मृतकों के परिजन इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ शिकायत करते हैं तो घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। 

आपको बता दें कि पूरे देश में सीवर में मौतें काफी तेज़ी से बढ़ी हैं। जबकि देश में मैला प्रथा और सीवर या सैप्टिक टैंक में किसी भी व्यक्ति को उतारा जाना गैरकानूनी घोषित हो चुका है। बावजूद इसके ये काम धड़ल्ले से जारी है और कर्मचारियों को इसके लिए मजबूर किया जाता रहा है। 

इसके विरोध में राजधानी दिल्ली समेत देशभर में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। पिछले साल 2018 के नवंबर में एक्टू (AICCTU) और सितंबर में सफाई कर्मचारी आंदोलन (SKA) ने “सफाई कर्मियों की हत्या बंद करो” “Stop Killing Sanitation Workers Mr. Modi !!” के नारे के साथ दिल्ली में बड़े कार्यक्रम किए। बावजूद इसके स्थिति में कोई बदलाव नहीं आ रहा। हां, चुनावी लाभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसी साल मार्च में प्रयागराज (इलाहाबाद) कुंभ मेले में सफाईकर्मियों के पांव धोने का “अराजनीतिक” कार्यक्रम ज़रूर किया गया। मगर “इससे भी” सफाई कर्मियों की मौतें नहीं रुक पाईं हैं और न ही उनके परिवारों की जीवन दशा बदल पाई है। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें : “सफाईकर्मियों की हत्याएं बंद करो, मिस्टर मोदी!”

सीवर में ‘हत्याओं’ के खिलाफ एकजुटता, संसद के भीतर और बाहर लड़ाई का ऐलान

STOP KILLING US
Stop Killing Sanitation Workers
Sanitation Workers
UttarPradesh
noida
Maharashtra
palghar district
SEWER DEATH
septic tanks
SKA
AICCTU
Narendra modi
Modi government
Devendra Fadnavis Government
Yogi govt

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बनारस: आग लगने से साड़ी फिनिशिंग का काम करने वाले 4 लोगों की मौत

अहमदनगर के सरकारी अस्पताल में आग लगने से कोविड के 10 मरीज़ों की मौत

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत

बसों में जानवरों की तरह ठुस कर जोखिम भरा लंबा सफ़र करने को मजबूर बिहार के मज़दूर?

यूपी: आज़मगढ़ में पुलिस पर दलितों के घर तोड़ने, महिलाओं को प्रताड़ित करने का आरोप; परिवार घर छोड़ कर भागे

पुणे रासायनिक संयंत्र अग्निकांड : कंपनी के मालिक के ख़िलाफ़ ग़ैर-इरादतन हत्या का मुक़दमा दर्ज

गैस सिलिंडर फटने से दोमंजिला मकान ढहा, आठ लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License