NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
त्रिपुरा में मंत्री मोनोज पर महिला मंत्री से अभद्र व्यवहार का आरोप, बर्खास्तगी की मांग
"जिस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विप्लब कुमार देव और अन्य लोग जनसभा संबोधित कर रहे थे उस मंच पर एक महिला मंत्री को गलत तरीके से छूने के लिए मोनोज कांती देव को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लेना चाहिए।"
आईएएनएस
12 Feb 2019
त्रिपुरा में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम की कथित तस्वीर
त्रिपुरा में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम की कथित तस्वीर। फोटो साभार : एनडीटीवी

अगरतला। त्रिपुरा में विपक्षी वाम मोर्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार की जनसभा के दौरान राज्य मंत्री मोनोज कांती देव द्वारा उनकी मंत्रीमंडलीय साथी को गलत तरीके से छूने के लिए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वाम मोर्चे पर चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए उसकी मांग को ठुकरा दिया।

वाम मोर्चे के संयोजक बिजन धर ने संवाददाताओं से कहा, "जिस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विप्लब कुमार देव और अन्य लोग जनसभा संबोधित कर रहे थे उस मंच पर एक महिला मंत्री को गलत तरीके से छूने के लिए मोनोज कांती देव को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लेना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स पर यह सार्वजनिक रूप से देखा गया कि देव ने समाज कल्याण और सामाजिक शिक्षा मंत्री संतना चकमा की कमर पर हाथ रखा था। चकमा एक युवा आदिवासी नेता हैं।

उन्होंने कहा, "देव ने त्रिपुरा मंत्रीमंडल की एक मात्र महिला मंत्री के शील, पवित्रता और मर्यादा को सार्वजनिक मंच पर नुकसान पहुंचाया है जहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति मौजूद थे।"

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के केंद्रीय समिति के सदस्य धर ने दावा किया कि 11 महीने पहले त्रिपुरा में भाजपा के सत्ता में आने के बाद जहां कई युवा और अधेड़ महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहा है, उनकी हत्या हो रही है, वहीं सार्वजनिक मंच पर हुआ यह मामला बेहद निंदनीय और दंडनीय है।

कुछ आदिवासी दल भी मंत्री के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन करने की कोशिश कर रहे हैं।

खाद्य, युवा मामले और खेल मंत्रालय देख रहे देव से फोन पर बात की लेकिन उत्तरी त्रिपुरा स्थित अपने गृहनगर कमालपुर से उन्होंने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया।

भाजपा प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्य ने हालांकि कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं मिलने के बाद वाम मोर्चा ने अब झूठे और बिना मतलब के मुद्दों पर भाजपा मंत्रियों का चरित्र हनन शुरू कर दिया है।

उन्होंने सवाल किया, "महिला मंत्री ने कभी वाम दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर बयान या शिकायत नहीं की। वाम दल गंदी राजनीति क्यों कर रहे हैं?"

 

Tripura
BJP government
Narendra modi
biplab kumar deb
minister monoj kanti deb
Adivasi women
women harrasment

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • विकास भदौरिया
    एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ
    20 May 2022
    “प्राकृतिक न्याय सभी कानून से ऊपर है, और सर्वोच्च न्यायालय भी कानून से ऊपर रहना चाहिये ताकि उसे कोई भी आदेश पारित करने का पूरा अधिकार हो जिसे वह न्यायसंगत मानता है।”
  • रवि शंकर दुबे
    27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?
    20 May 2022
    सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान अंतरिम ज़मानत मिलने पर जेल से रिहा हो गए हैं। अब देखना होगा कि उनकी राजनीतिक पारी किस ओर बढ़ती है।
  • डी डब्ल्यू स्टाफ़
    क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?
    20 May 2022
    श्रीलंका की तरह बांग्लादेश ने भी बेहद ख़र्चीली योजनाओं को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर विदेशी क़र्ज़ लिए हैं, जिनसे मुनाफ़ा ना के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका में जारी आर्थिक उथल-पुथल…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...
    20 May 2022
    आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्याएं महंगाई और बेरोज़गारी है। और सत्तारूढ़ दल भाजपा और उसके पितृ संगठन आरएसएस पर सबसे ज़्यादा गैर ज़रूरी और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने का आरोप है, लेकिन…
  • राज वाल्मीकि
    मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?
    20 May 2022
    अभी 11 से 17 मई 2022 तक का सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का “हमें मारना बंद करो” #StopKillingUs का दिल्ली कैंपेन संपन्न हुआ। अब ये कैंपेन 18 मई से उत्तराखंड में शुरू हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License