NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
त्रिपुरा : मॉब लिंचिंग से जनता खौफज़दा, मुख्यमंत्री कह रहे हैं आनंद लीजिए
पिछले 15 दिनों में सिर्फ त्रिपुरा में ही अफवाहों के चलते चार मौतें हो चुकी हैंI
हर्ष कुमार
07 Jul 2018
त्रिपुरा : मॉब लिंचिंग

देश भर में महज़ अफवाह के आधार पर भीड़ द्वारा हत्या की घटनाओं में लगातार इज़ाफा हो रहा है। यह अफवाहें सोशल मीडिया विशेषकर व्हाट्सऐप के माध्यम से फैलाई जाती हैं। जहाँ कभी बच्चा चोरी तो कभी धर्म के आधार पर देश के सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने का प्रयास इन तथ्यहीन व्हाट्सऐप संदेशो द्वारा हो रहा है। देश के बाकी राज्यों की तरह पूर्वोत्तरी राज्य भी इन अफवाहों के बाज़ार से अछूते नहीं हैं। अकेले त्रिपुरा में ही बीते 15 दिनों अफवाह के कारण 4 मौतें हो चुकी हैं।

28 जुन को त्रिपुरा के सिधाई मोहनपुर में भीड़ ने तीन लोगों को बच्चा चोर होने के शक में पीटना शुरू कर दिया जिसमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई। मारे जाने वाले शख्स की पहचान ज़हीर ख़ान (30 वर्ष) के तौर पर हुई है। जबकी अन्य दो की पहचान गुलज़ार और ख़ुर्शीद के तौर पर हुई है। यह सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले है और त्रिपुरा में रेहड़ी पर कपड़े बेचते थे। जैसे ही ये गाँव में दाखिल हुए भीड़ ने इन पर हमला कर दिया।

यह भी पढ़े उनसे नफरत करो, उन्हें मार डालो – हिंसक भीड़ ने 14 राज्यों में 27 लोगों को मार डाला

त्रिपुरा में एक गांव में भीड़ ने उसी शख्स को मार डाला, जिसे राज्य सरकार की ओर अफवाओं को रोकने के लिए भेजा गया था। सुकांता चक्रवर्ती अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। एक गांव से दूसरे गांव सिर्फ इसलिए घूम रहे थे कि लोगों को बता सकें कि सोशल मीडिया पर बच्चो को अगवा किए जाने वाली खबरें सिर्फ अफवाह हैं और वे इससे दूर रहें। वे एक लाउडस्पीकर के जरिये गांव के लोगों को समझा रहे थे कि वे अफवाहों से कैसे दूर रहें।

पिछले महीने त्रिपुरा के ही जोगेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर कुछ युवकों ने अधेड़ उम्र की एक महिला पर हमला कर दिया था। जहां महिला अपने दो बच्चों के साथ रेलवे स्टेशन पहुंची थी लेकिन कुछ लोगों के एक समूह ने उसे बच्चों की तस्करी करने वाला समझकर उस पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से ज़ख्मी महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गौरतलब है कि त्रिपुरा में बीते कुछ दिनों से अफवाह है कि कुछ लोग बच्चों को अगवा करने के बाद उनके अंग निकालकर बेच रहे हैं। ये आग उस वक्त और भड़क उठी जब मंगलवार 26 जून  को एक11 साल का बच्चा गायब हो गया। गायब बच्चे का नाम पूर्ण विश्वास था। पश्चिमी त्रिपुरा के मोहनपुर में उसका घर था। बाद में उसके घर के पास ही उसकी लाश बरामद हुई। उसकी निर्मम तरीके से हत्या की गई थी। हालांकि पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। जबकि स्थानीय लोगों का दावा था कि लड़के की दोनों किडनी गायब थीं।

त्रिपुरा में विप्लब देव शासित भाजपा सरकार आने के बाद से मॉब लिंचिंग की घटनाओं में एकाएक इज़ाफा हुआ है। राज्य सरकार बच्चा चोरी की फैल रही अफवाहों को रोकने में ठोस कदम उठा पाने में नाकाम रही है। सरकार को लगता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने का उपाय केवल इंटरनेट को प्रतिबंधित करना ही है। वहीं ऐसी घटनाओं में भीड़ के सामने पुलिस भी मूकदर्शक बनने को ही मजबूर रहती है, क्योंकि कई बार भीड़ हज़ारो की संख्या में होती है।

जिस समय राज्य के मुख्यमंत्री को ऐसी घटनाओं से निपटने के कदम उठाने चाहिए, उस समय वे अनर्गल बयानबाज़ी करते दिख रहे हैं। हाल ही में जब उनसे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये सरकार की ओर से उठाये जा रहे कदमों के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि त्रिपुरा में एक आनंद की लहर चल रही है। उन्होंने लोगों को भी इस लहर का उपभोग करने को कहा। उन्होंने अपने चेहरे की ख़ुशी का हवाला देते हुए सबको खुश रहने का सुझाव दियाI उनके इस बयान को सुनकर वहाँ मौजूद पत्रकार हैरान रह गये क्योंकि उनको उम्मीद थी कि सीएम बिप्लव देब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये सरकार की ओर से उठाये गये कदमों की जानकारी देंगे।

जहाँ एक तरफ कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून लाने की बात कर रहे हैं, भरोसा दिला रहे हैं कि सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है कि अफवाहों की वजह से किसी की जान ना जाए। वे यह भी कह रहे हैं कि हमारी सरकार व्हाट्सऐप के अधिकारियों से भी बात कर रही है कि कैसे इस अफवाहों को रोका जाए। हालांकि यह अफ़वाहें व्हाट्सऐप की वजह से नहीं उसके माध्यम से फैलाई जा रही हैं, इसलिए इनका हल सोशल मीडिया नहीं बल्कि समाज और राजनीति में किया जाना चाहिएI खैर यह प्रयास भी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के असंवेदनशील बयान से साफ़ ज़ाहिर है कि मौजूदा सरकार इन मामलों को कितनी गंभीरता से देख रही है!

Tripura
mob lynching
विप्लव देव
BJP government
Social Media

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

पूर्वोत्तर के 40% से अधिक छात्रों को महामारी के दौरान पढ़ाई के लिए गैजेट उपलब्ध नहीं रहा

त्रिपुरा: बिप्लब देब के इस्तीफे से बीजेपी को फ़ायदा या नुक़सान?

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर

बिहार: बीफ खाने के नाम पर खलील की हत्या, परिवार का आरोप; उच्च-स्तरीय जांच की मांग

यूपी चुनाव: योगी आदित्यनाथ बार-बार  क्यों कर रहे हैं 'डबल इंजन की सरकार' के वाक्यांश का इस्तेमाल?

रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License