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थाईलैंड : पुलिस द्वारा प्रदर्शन से पहले की गई गिरफ़्तारियों को लेकर विरोध तेज़
21 लोगों को बैंकॉक में डेमोक्रेसी मोनूमेंट के पास से गिरफ़्तार किया गया क्योंकि वे प्रदर्शनों से पहले एकत्र हुए थे।
पीपल्स डिस्पैच
14 Oct 2020
Bangkok

थाईलैंड के प्रदर्शनकारियों ने बुधवार 14 अक्टूबर को राजधानी बैंकॉक के केंद्र में प्रतिष्ठित डेमोक्रेसी मोनूमेंट पर क़ब्ज़ा कर लिया है। ये क़ब्ज़ा 13 अक्टूबर को मौनूमेंट से 21 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की प्रतिक्रिया में किया गया। इस गिरफ़्तारी ने विरोध प्रदर्शन कनरे वाले आयोजकों को दोपहर से सुबह तक प्रदर्शन करने को मजबूर किया।

गिरफ़्तार किए गए लोगों में स्टूडेंट एक्टिविस्ट और लंबे समय से राजशाही सुधार की बात करने वाले अधिवक्ता जातुपत बूनपट्टाररकसा जिन्हें आमतौर पर पाई दाओ दीन कहा जाता था और गायक चाई-अमोर्न कैव्यीबुनपन जिन्हें उनके ऐमी के मंचन के लिए जाना जाता है। 

नेशनल पुलिस फॉर बॉर्डर सिक्योरिटी एंड काउंटर इंसर्जेंसी के अधीन अर्धसैनिक बल बॉर्डर पेट्रोल पुलिस द्वारा डेमोक्रेसी मोनूमेंट के पास मंगलवार को गिरफ्तारी की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जो बुधवार दोपहर को निर्धारित प्रदर्शनों के लिए मोनूमेंट के पास पहुंचे थे।

इन गिरफ्तारियों की ख़बर के बाद प्रदर्शनों को उग्र कर दिया और बड़े पैमाने पर गुस्सा भड़क गया। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर सैकड़ों प्रदर्शनकारी कुछ ही घंटों में पुलिस मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए। नेशनल पुलिस द्वारा प्री-इंप्टिव गिरफ्तारियों की प्रतिक्रिया में शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए गए।

पीपुल्स ग्रुप के आह्वान पर बुधवार का प्रदर्शन किया गया। इस संगठन की स्थापना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने वाले कई एक्टिविस्ट ने की। इस प्रदर्शन का आह्वान रॉयल मोटरकेड ( royal motorcade)के समय में किया गया है जिसे मोनूमेंट द्वारा दोपहर दो बजे पारित किया जाना निर्धारित था।  

प्रदर्शनकारी सुबह-सुबह मोनूमेंट पर इकट्ठा हो गए और विरोध में बगल की सड़क पर कब्जा करने लगे और रोकने लगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आयोजकों के निर्देशों पर 2019 में सरकार द्वारा लगाए गए पौधों और झाड़ियों को भी हटा दिया, ताकि कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को उक्त स्थान का उपयोग करने से रोका जा सके। वर्ष 1932 की क्रांति को याद में 1939 में इस मोनूमेंट का निर्माण किया गया था जिसने देश में पहली संवैधानिक राजतंत्र की स्थापना की।

थाईलैंड में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में संवैधानिक सुधारों का आह्वान किया गया है, जिसमें राजशाही की शक्तियों को सीमित करना, लोकतंत्र की वापसी और प्रयुत चान-ओ-चा के अधीन नागरिक-सैन्य सरकार का विघटन तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक अधिकार शामिल हैं।

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