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कोविड-19
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"क्यूबा की सोबराना वैक्सीन कोई चमत्कार नहीं, बल्कि राजनीतिक निर्णयों का नतीजा है"
15 से 25 नवंबर तक, 35 इटेलियन स्वयंसेवकों ने क्यूबा के हवाना में सोबराना वैक्सीन पर एक नैदानिक परीक्षण में भाग लिया। कैरेबियाई द्वीप दुनिया भर में एकमात्र कम आय वाला देश है, जिसने अपनी सार्वजनिक और उच्च गुणवत्ता वाले जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के चलते  कोविड-19 के अपने ख़ुद के टीके बनाए हैं।
मौरिज़ियो कोपोला
22 Dec 2021
 पोटेरे अल पोपोलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता गिउलिआनो ग्रेनाटो, सोबरानाप्लस ट्यूरिन के नैदानिक परीक्षण में भाग लेने वाले इतालवी स्वयंसेवकों में से एक थे। चित्र: मौरिज़ियो कोपोला। 
पोटेरे अल पोपोलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता गिउलिआनो ग्रेनाटो, सोबरानाप्लस ट्यूरिन के नैदानिक परीक्षण में भाग लेने वाले इतालवी स्वयंसेवकों में से एक थे। चित्र: मौरिज़ियो कोपोला। 

"क्या आप हमारी सोबराना वैक्सीन और फाइजर के बीच अंतर जानते हैं?" इस प्रश्न के साथ, क्यूबा फिनले इंस्टीट्यूट फॉर वैक्सीन्स के सामान्य निदेशक डॉ.विसेंट वेरेज़ बेनकोमो ने नवम्बर 1996 में हवाना में उद्घाटित किए गए अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य केंद्र, ला प्रेडेरा में सोबरानाप्लस ट्यूरिन नामक नैदानिक परीक्षण के लिए आए इतालवी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। 

सोबरानाप्लस ट्यूरिन इटली के 35 स्वयंसेवकों के साथ अवलोकन संबंधी नैदानिक परीक्षण का नाम है, जिन्हें पहले यूरोप में टीका लगाया गया था, जिन्हें बूस्टर के रूप में क्यूबा के टीके सोबरानाप्लस की एक खुराक मिली थी। क्यूबा की नियामक संस्था CECMED (Centro para el Control Estatal de Medicamentos, Equipos y Dispositivos Médicos) द्वारा अधिकृत सोबरानाप्लस वैक्सीन का अवलोकन-अध्ययन इटली में रहने वाले वयस्क मरीजों में इसकी प्रतिक्रियात्मकता और प्रतिरक्षात्मकता का मूल्यांकन करना चाहती है। 

कैरेबियन द्वीप पर अपनी तरह का यह पहला नैदानिक परीक्षण,  वर्तमान की कोविड-19 महामारी के संदर्भ में एक महत्त्वपूर्ण और गहन अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग का परिणाम है। यह मुख्य रूप से क्यूबा के फिनले वैक्सीन संस्थान, ट्यूरिन के एमेडियो डि सावोइया अस्पताल और क्यूबा के साथ इतालवी सांस्कृतिक और आर्थिक आदान-प्रदान एजेंसी (AICEC) के बीच सहयोग का नतीजा है। 

आम जन की वैक्सीन 

डॉ. विसेंट वेरेज़ बेनकोमो का उत्तर सीधा और स्पष्ट था: "फाइजर ने सरकारों को बेचने और बड़ा मुनाफा कमाने के लिए एक उत्पाद विकसित किया है; उसका संपार्श्विक प्रभाव यह पड़ा कि विश्व की आबादी आंशिक रूप से वायरस से सुरक्षित हो सकी थी। क्यूबा में, हमने अपने लोगों की सुरक्षा के लिए एक टीका विकसित किया है और हम इसमें सफल हो रहे हैं। अगर हम अपने काम से कुछ पैसा कमा पाएंगे, तो जाहिर तौर पर हमें इसे नए सार्वजनिक शोध कार्यों में निवेश करने में खुशी होगी।” 

एक प्रचलित अनिवार्य टीकाकरण के बिना भी, नवम्बर 2021 के अंत तक, लगभग 10.2 मिलियन क्यूबन को टीके की कम से कम एक खुराक (व्यावहारिक रूप से वैक्सीन-योग्य आबादी की 100 फीसदी) प्राप्त हुई है। इनमें से 9.2 मिलियन से अधिक लोगों ने टीके की दूसरी खुराक प्राप्त की है और 8.7 मिलियन (78 फीसदी) क्यूबिआइ लोगों ने तीसरी खुराक प्राप्त की है। क्यूबा की कुल आबादी के 82.1 फीसदी (9.18 मिलियन) लोग ने पूरे टीकाकरण कार्यक्रम (सोबराना02 की दो खुराक और सोबरानाप्लस की एक खुराक या अब्दला की तीन खुराक) को भी पूरा कर लिया है।

यह न केवल दुनिया भर के अन्य कम आय वाले देशों की तुलना में एक उच्च टीकाकरण दर है, जहां नवम्बर के अंत तक औसतन केवल 2.8 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया था। यह वैश्विक उत्तर में विकसित देशों की तुलना में टीकाकरण की उच्च दर भी है। और क्यूबा ने भी अपना बूस्टर टीकाकरण कार्यक्रम पहले ही शुरू कर दिया है। नवम्बर के अंत तक, 311,000 से अधिक लोगों को चौथा टीकाकरण प्राप्त हुआ था। जैसा कि वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है, क्यूबा की इस टीकाकरण योजना का 92.4 प्रतिशत सुरक्षात्मक प्रभाव है।वायरस को काबू में करने के लिए सिर्फ वैक्सीन ही काफी नहीं थी।

वायरस को काबू में करने के लिए सिर्फ वैक्सीन ही काफी नहीं थी। वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए रोकथाम के अन्य सख्त एवं आवश्यक उपायों-जैसे मास्क पहनना, शारीरिक दूरी का कड़ाई से पालन करना और 15 नवम्बर, 2021 तक एक रेडिकल लॉकडाउन पर भी अमल किया गया था। नतीजतन, क्यूबा ने नवम्बर के अंतिम सप्ताह में कोविड-19से जुड़ी केवल एक मौत हुई थी और उसकी संक्रमण दर 1 फीसदी से भी कम दर दर्ज की गई थी। आज भी, कम संख्या के बावजूद, पूरे द्वीप में वायरस के संचरण को कम करने के नियमों का पालन किया जाता है। 

सोबराना वास्तव में क्या है?

सोबराना प्लस को उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो वायरस से उबर चुके हैं या जिन्हें पहले ही दूसरा टीका दिया जा चुका है। सोबराना एक प्रोटीन वैक्सीन है, फाइजर या मॉडर्न के विपरीत, जो 

mRNA तकनीक का उपयोग करती है। इस प्रकार क्यूबा ने अपने स्वयं के टीके के विकास और उत्पादन के लिए पहले से ज्ञात टीकों के मंच पर आधारित एक पारंपरिक तकनीक का उपयोग किया है। इसका मतलब यह है कि क्यूबा में, पारंपरिक तकनीक का उपयोग वायरस के एक छोटे टुकड़े तथाकथित "स्पाइक" को टीका लगाने वाले व्यक्ति में डालने के लिए किया जाता है, जो तब आवश्यक एंटीबॉडी का उत्पादन करता है।

दूसरी ओर, mRNA टीके शरीर को 'निर्देश' प्रदान करते हैं, जिसे वह अवशोषित करता है और एंटीबॉडी को बढ़ाता है। अब तक किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि सोबराना प्लस एक बिल्कुल प्रभावी टीका है। यह उन लोगों में एंटीबॉडी की एक बहुत ऊंची दीवार बनाता है, जो पहले ही संक्रमित और ठीक हो चुके हैं, और उन लोगों में भी एंटीबॉडी बनाता है, जिन्हें अन्य टीके लग चुके हैं। सोबराना प्लस बीटा और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भी असरकारी है, इनमें भी पहले वाला बेहद आक्रामक है और बाद वाला तो अब दुनिया भर में प्रमुख वेरिएंट हो गया है। इसके अलावा, नैदानिक अध्ययनों से पता चला है कि इस टीके का लगभग कोई साइड इफेक्ट नहीं है: टीकाकरण वाली आबादी की मात्र एक फीसदी ही कम बुखार होने, इंजेक्शन दी गई जगह पर लाल होने, या और सामान्य अस्वस्थता या एरिथेमा से पीड़ित पाई गई है।

कोविड-19 के वैश्विक नियंत्रण के दृष्टिकोण से, क्यूबा के टीके के दो अन्य प्रमुख लाभ हैं। सबसे पहले, इसकी उत्पादन लागत बेहद कम है। इसका मतलब यह है कि दुनिया के किसी भी कोने में वैक्सीन का उत्पादन संभावित रूप से किया जा सकता है (ईरान पहले से ही क्यूबा की तकनीक पर आधारित एक वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है), यहां तक कि उन देशों में भी जहां प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाला खर्च 20 डॉलर प्रति वर्ष से कम है। इस टीके की अधिकतम लागत फाइजर की एक खुराक जितनी ही होगी। दूसरा, सोबराना वैक्सीन की कोई विशेष लॉजिस्टिक आवश्यकता नहीं है; वैक्सीन के भंडारण और परिवहन के लिए किसी उन्नत या महंगी तकनीक की आवश्यकता नहीं है। सोबराना को बच्चों के टीके के रूप में डिजाइन किया गया था। 

इसके अलावा,और भी बहुत कुछ है: क्यूबा बाल चिकित्सा आबादी के लिए टीकाकरण अभियान में सबसे आगे है। यह पहले ही 2 से 18 वर्ष की आयु के 2 मिलियन से अधिक बच्चों और किशोरों का टीकाकरण कर चुका है। दरअसल, Soberana02 मूल रूप से बच्चों के लिए बनाया गया एक उत्पाद है। महामारी की शुरुआत में, जबकि दुनिया भर के विशेषज्ञ और सरकारें यह दावा कर रही थीं कि वायरस बच्चों को पीड़ित नहीं करेगा, क्यूबा में वैज्ञानिक यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे थे कि उनमें से कोई भी वास्तव में कोविड-19 के संक्रमण से मर तो नहीं गया था या इसके कारण इंटुबैट तो नहीं किया गया था। इसी वजह से “हमारे लिए पहले से ही यह लक्ष्य स्पष्ट था कि कोई भी बच्चा कोविड-19 से नहीं मरना चाहिए। इसलिए बच्चों के लिए एक टीकाकरण कार्यक्रम जिसकी विस्तार से योजना बनाई गई थी, उसका एक केंद्रीय महत्त्व था," फिनले इंस्टीट्यूट में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के प्रमुख रिकार्डो पेरेज़ वेलेरिनो बताते हैं। 

पेरेज़ वेलेरिनो ने कहा, "यह सच है, वयस्कों की तुलना में बच्चे वायरस से बेहतर तरीके से निपटने में सक्षम हैं, लेकिन वे बीमारी के वाहक हैं। हमारे दादा-दादी, वयस्क बीमार हो रहे थे और वायरस कभी-कभी तो उनके पोते और बच्चों द्वारा ले जाया जाता था। लेकिन साथ ही, हमने यह देखना शुरू किया कि सबसे छोटे बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। इसलिए आदर्श बात यह थी कि एक ऐसा टीका बनाया जाए जो काम करे और हमारे बच्चों के लिए भी सुरक्षित हो।” 

आज पश्चिमी देशों में युवा आबादी में वास्तव में नए संक्रमण बढ़ रहे हैं, जिसके कारण जर्मनी, इटली और अन्य देशों में स्कूल बंद हो गए हैं। उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका में, बच्चों के बारे में नवंबर 2021 की साप्ताहिक रिपोर्ट में कोविड-19 से 25.1 फीसदी बच्चे पीड़ित थे। इटली में, लगभग एक ही समय में 30 फीसदी से अधिक नए कोरोना मामले वर्तमान में नाबालिगों में थे, जिनमें 6 से 11 वर्ष की आयु के बच्चे विशेष रूप से पीड़ित थे। कई पश्चिमी देशों में, इनमें सबसे अधिक अमेरिका और इटली में, और यूरोपीय संघ के अन्य देशों में भी, नाबालिगों का टीकाकरण पहले से ही शुरू कर दिया गया है।

क्यूबा भी इस मामले में अग्रणी है। सबसे पहले, शिशुओं में पहले से उपयोग किए जा रहे टीकों के आधार पर Sars-Cov-2 की जगह एक टीका विकसित किया गया था, जिसने स्वास्थ्य के दुष्प्रभावों और नए टीकाकरण की समस्याओं को व्यावहारिक रूप से शून्य स्तर पर ला दिया। इस नए टीके ने माता-पिता के विश्वास को और मजबूत किया। दूसरा, पूरी आबादी-बच्चों सहित-को शुरू से ही टीकाकरण अभियान में एकीकृत किया गया था, जिसे महामारी में आगे होने वाले विकास को देखते हुए आगे की सोच के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। 

महामारी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय सहयोग 

"क्यूबा की वैक्सीन और उसका टीकाकरण अभियान रातों रात हुए किसी चमत्कार का परिणाम नहीं है, बल्कि वे राजनीतिक निर्णयों के सुपरिणाम हैं," इतालवी वैज्ञानिक फैब्रीज़ियो चियोडो कहते हैं। फैब्रीजियो वैक्सीन विकसित करने में क्यूबा फिनले संस्थान के साथ सहयोग करते हैं तथा क्यूबा एवं इटली के बीच नैदानिक सहयोग संबंध का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, "अगर हम आज महामारी के खिलाफ वैश्विक संघर्ष में क्यूबा और उसके टीकों की ओर उम्मीद से देख रहे हैं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि क्यूबा एक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली और सार्वजनिक जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान विकसित करने के मामले में दूरदर्शी था।" 

इस संदर्भ में सार्वजनिक बनाम निजी केवल एक वैचारिक प्रश्न नहीं है। दुनिया के नक्शे पर छोटा सा कैरिबियाई द्वीप, जो 60 से अधिक वर्षों से नाकाबंदी के तहत काम कर रहा है, उसने बहुत कम समय में तीन टीके और दो वैक्सीन कैंडिडेट्स विकसित करने में सक्षम हो गया था क्योंकि क्यूबा ने खुद को बहुराष्ट्रीय निगमों और बिग फार्मा के तर्कों के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल और शैक्षिक और अनुसंधान प्रणालियों में निवेश किया, जो उच्च गुणवत्ता वाले पेशेवरों की गारंटी देती हैं। 

क्यूबाई द्वीप पर टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किए जाने के तुरंत बाद बीच सितम्बर 2021 में, क्यूबा ने अपने टीके की मान्यता दिलाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में आवेदन दिया था। सोबेराना की अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए सोबराना की अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए, क्यूबा सरकार ने जानबूझकर यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) और यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) में अनुमोदन के लिए आवेदन करने के खिलाफ फैसला किया। ईएमए और एफडीए द्वारा चीनी सिनोवैक और रूसी स्पुतनिक की अस्वीकृति इस बात का प्रमाण है कि ये एजेंसियां राजनीतिक निर्णय लेती हैं। हालाँकि, क्यूबा में महामारी के खिलाफ वैश्विक सहयोग के परिप्रेक्ष्य में, केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन को ही बहुपक्षीय तटस्थ निकाय के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस प्रकार, क्यूबा द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटना पूरी दुनिया के लिए एक सबक है: यह लोगों के स्वास्थ्य को निजी लाभ से पहले रखता है, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है और राज्यों और बहुराष्ट्रीय निगमों के बीच व्यापार युद्धों को सख्ती से खारिज करता है।

इस प्रकार, क्यूबा द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने का तौर-तरीका पूरी दुनिया के लिए एक सबक है: यह लोगों के स्वास्थ्य को निजी लाभ से पहले रखता है, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है, और राज्यों एवं बहुराष्ट्रीय निगमों के बीच व्यापार युद्धों को सख्ती से खारिज करता है। इसलिए कोविड-19 के खिलाफ विश्व स्तर पर एकजुट लड़ाई के संबंध में क्यूबा के अनुभव की अवहेलना करना एक घातक गलती होगी। 

(लेखक मौरिज़ियो कोपोला इस लेख में वर्णित नैदानिक परीक्षण में भाग लेने वालों में से एक हैं।)

अंग्रेज़ी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

“The Cuban Soberana vaccine is not due to a miracle but the consequence of political decisions”

Abdala
Amedeo Di Savoia Hospital
Centro para el Control Estatal de Medicamentos
COVID-19 in Cuba
Cuban vaccine
Equipos y Dispositivos Médicos
Finlay Vaccine Institute of Cuba
Pfizer
Sinovac
Soberana
SoberanaPlus
SoberanaPlusTurin
World Health Organization

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