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तमिलनाडु इस सप्ताह: राज्य सरकार ने सस्ते दामों पर बेचे टमाटर, श्रमिकों ने किसानों के प्रति दिखाई एकजुटता 
इस सप्ताह, तमिलनाडु ने 52,549 करोड़ रूपये की 82 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके साथ ही सरकार ने थूथुकड़ी, नागापट्टिनम और कुड्डालोर में तीन बड़ी पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं की स्थापना के लिए भी निवेश हासिल करने में सफलता प्राप्त की है।
श्रुति एमडी
29 Nov 2021
TN
चित्र साभार: आर प्रकाश 

26 नवंबर को देशव्यापी प्रदर्शन के हिस्से के तौर पर दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के एक वर्ष पूरे हो जाने के अवसर पर सभी मजदूर संगठन, खराब मौसम के बावजूद, तमिलनाडु के जिला मुख्यालयों पर इकट्ठा हुए थे। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण, बेलगाम होती महंगाई के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद की और बिजली (संशोधन) विधेयक को वापस लेने की मांग की। 

सलेम में सभी ट्रेड यूनियनों की ओर से विरोध प्रदर्शन। चित्र साभार: तमिलनाडु सीटू 

इस सप्ताह, तमिलनाडु ने 52,549 करोड़ मूल्य की 82 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। सरकार ने इसके साथ ही थूथुकुड़ी, नागापट्टिनम और कुड्डालोर में तीन बड़ी पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं की स्थापना के लिए भी निवेश हासिल करने में सफलता प्राप्त की है।

25 नवंबर को नई दिल्ली में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (जो केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत आता है), के द्वारा आयोजित एक बैठक में तमिलनाडु ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 650 अम्मा कैंटीन सामुदायिक रसोई को चलाने के लिए 100% सहायता देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, ऐसे 500 भोजनालयों को, द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) नेता एम करुणानिधि, के नाम पर कलैग्नर उनवागम्स नाम से बुलाये जाने का प्रस्ताव रखा है। 

इस बीच, तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने 22 नवंबर को राज भवन में नए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर मुनीश्वर नाथ भंडारी को पद की शपथ दिलाई। न्यूज़क्लिक आपके लिए इस हफ्ते के प्रमुख घटनाक्रमों का सार-संकलन लेकर आया है।

बारिश ने कहर बरपा रखा है 

तमिलनाडु के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई है; समूचे राज्य के निचले इलाकों में भारी जल-जमाव के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण डेल्टा क्षेत्र को फसलों का नुकसान ज्यादा हुआ है। 24 घंटे के भीतर ही 26 नवंबर की सुबह तक बारिश से संबंधित घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है।

इस हफ्ते 15 से भी अधिक जिलों में कई दिनों के लिए विद्यालय बंद रहे।

एक सात सदस्यीय अंतर-मंत्रालयिक केन्द्रीय दल ने बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए तमिलनाडु के वर्षा-प्रभावित जिलों का दौरा किया।

मूसलाधार बारिश ने कई उद्योग धंधों के उत्पादन को भी प्रभावित किया है। कांचीपुरम में छोटे स्तर पर अप्पलम (पापड़) बनाने वाले उद्योगों एवं हथकरघा श्रमिकों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें मुआवजे के तौर पर 5,000 रूपये का भुगतान किया जाये।

24 नवंबर को अप्पलम (पापड़) निर्माताओं का विरोध प्रदर्शन। चित्र साभार मुथु कुमार 

इसके अलावा, जिस चीज ने हर घर को प्रभावित कर रखा है वह है सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि। तमिलनाडु सरकार ने इसमें हस्तक्षेप किया है और जो टमाटर 150 रूपये प्रति किलोग्राम की दर तक पहुँच गया था, उसे 85 रूपये से 100 रूपये प्रति किलोग्राम की दर पर राज्य संचालित फार्म फ्रेश आउटलेट्स के जरिये बेचा गया। 

कोविड-19: घर-घर जाकर टीकाकरण 

23 नवंबर को तमिलनाडु के गाँवों में घर-घर जाकर टीकाकरण अभियान के माध्यम से एक दिन में 3 लाख से अधिक लोगों को कोविड-19 के खिलाफ टीका लगाया गया।

वर्तमान में, तकरीबन 76% लोगों को उनकी पहली खुराक दी जा चुकी है, जबकि दूसरी खुराक का प्रतिशत 40% तक पहुँच गया है। राज्य में कुलमिलाकर अभी तक 6.71 करोड़ डोज दी जा चुकी है।

एक सप्ताह में यह दूसरी बार है, जब राज्य में नए कोविड-19 के मामलों में मामूली बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। 25 नवंबर को ये मामले 739 थे जो अगले दिन बढ़कर 746 हो गये थे, और मौतों की संख्या क्रमशः 17 और 11 थीं।

शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए तैयारी 

सत्तारूढ़ दल डीएमके और विपक्षी आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) की ओर से स्थानीय शहरी निकायों के चुनाव लड़ने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से आवेदन आमंत्रित किये गए हैं जिनके जल्द ही आयोजित किये जाने की उम्मीद है।

चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का आकलन करने और संगठनात्मक चुनावों पर फैसला लेने के लिए 24 नवंबर को आयोजित अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक का समापन अराजकता के बीच संपन्न हुआ। वी के शशिकला को फिर से शामिल करने सहित पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन और पार्टी संचालन समिति की कार्य-कुशलता जैसे विषयों ने बैठक को बार-बार प्रभावित करके रख दिया। 

अन्नाद्रमुक के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सचिव ए अनवर राजा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) के नामों का उल्लेख किये बगैर, पार्टी को अकेले दम पर चुनाव लड़ने की मांग की है। 

सूत की कीमतों में बढ़ोत्तरी के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल 

सूत के दामों में वृद्धि की निंदा करते हए और कपास निर्यात पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से, तिरुपुर बुनकर वस्त्र निर्माताओं और निर्यातकों ने 26 नवंबर को एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया।

इस आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता को जाहिर करते हुए तमाम श्रमिक संघों, राजनीतिक दलों, और अन्य वस्तुओं की खरीद-फरोख्त का काम करने वाले व्यापारियों के संगठनों ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया और तिरुपुर में एक दिन के लिए कारोबार को बंद रखा। अधिक पढ़ें 

परिवहन कर्मी भूख हड़ताल पर बैठे 

तत्काल वेतन संशोधन वार्ता, उचित स्वास्थ्य बीमा एवं अन्य मांगों को लेकर जारी अपने संघर्ष के हिस्से के तौर पर, तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम के श्रमिकों ने राज्य के सभी बस डिपो में 22 और 23 नवंबर को भूख हड़ताल की। 

विरुधुनगर में परिवहन कर्मी भूख हड़ताल पर। चित्र साभार: तमिलनाडु सीटू  

तमिलनाडु सरकारी परिवहन श्रमिक सम्मेलन के पर्चे में कहा गया है: “शासन में बदलाव के साथ, श्रमिक बेसब्री से अपनी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा में थे; किंतु नई सरकार बनने के छह महीने बाद भी, आशा की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।”

कांची में श्रमिकों का संयुक्त विरोध प्रदर्शन 

कांचीपुरम में बहुराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के बर्खास्त श्रमिकों को फिर से बहाल किये जाने की मांग के साथ 22 नवंबर को एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। अतीत में जेबीएम, फॉक्सकॉन और तांगसिन के श्रमिकों को भारी संख्या में नौकरियों से निकाल दिया गया था, और सीटू के नेतृत्व में हुई विरोध सभा में मांग की गई कि इन श्रमिकों की नौकरियां बहाल की जाये। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

TN this Week: State Govt Sells Tomato at Lower Price, Workers Extend Solidarity to Farmers

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