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त्रिपुरा पुलिस ने पानीसागर में मस्जिद में आग को अफ़वाह बताया, मगर हकीकत कुछ और है
उत्तरी त्रिपुरा के पानीसागर की बताकर कई तस्वीरें और वीडियोज़ शेयर किए गए. लेकिन इस मामले में पुलिस ने कहा, “कोई मस्जिद नहीं जलाई गई और मस्जिद को जलाने, तोड़ने या लाठी इकट्ठा कर रहे लोगों की जो तस्वीरें शेयर की जा रही हैं वो सब नकली है और त्रिपुरा की नहीं हैं.”
अर्चित मेहता
18 Nov 2021
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ़ हिंसा की रिपोर्ट आयी थी. इसके एक हफ़्ते बाद, त्रिपुरा में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर सांप्रदायिक हमले किए गए. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर के आखिरी हफ़्ते में कथित रूप से मुस्लिम समुदाय के घरों, दुकानों और धार्मिक स्थानों को निशाना बनाया गया. इस हिंसा के बीच, विश्व हिंदू परिषद ने बड़ी रैलियां निकालीं जिसकी वज़ह से त्रिपुरा पुलिस के साथ भी उनकी झड़प हुईं.

उत्तरी त्रिपुरा के पानीसागर की बताकर कई तस्वीरें और वीडियोज़ शेयर किए गए. लेकिन इस मामले में पुलिस ने कहा, “कोई मस्जिद नहीं जलाई गई और मस्जिद को जलाने, तोड़ने या लाठी इकट्ठा कर रहे लोगों की जो तस्वीरें शेयर की जा रही हैं वो सब नकली है और त्रिपुरा की नहीं हैं.”

Update from #Tripura:
Khadim's son from Kadamtala mosque area was brutally assaulted by a group of unidentified people. He has been referred to Dharamanagar District Hospital. Tense situations continue to prevail. #TripuraViolence pic.twitter.com/8vooe2RgTP

— Samriddhi K Sakunia (@Samriddhi0809) October 28, 2021

पानीसागर में एक मस्जिद को आग लगाने के दावे के बाद SDPO कंचनपुर और SDPO धर्मनगर ने इसका खंडन किया. और कहा कि “फ़र्ज़ी ख़बर” फैलाने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

SDPO कंचनपुर ने एक वीडियो में बताया, ”

मैं, SDPO कंचनपुर, ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि कंचनपुर सब-डिवीजन पूरी तरह से पीसफुल है. मैं त्रिपुरा वासियों से ये आग्रह करता हूं कि ट्विटर और फ़ेसबुक पर चलाए जा रहे फ़ेक न्यूज़ और रुमर्स से भ्रमित न हों. प्लीज ऐसे फ़ेक न्यूज़ और रुमर्स को शेयर न करिए. त्रिपुरा पुलिस इन फ़ेक न्यूज़ और रुमर्स फ़ैलाने वालों पे उचित कार्रवाई करेगी. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि पानीसागर में मस्जिद में कोई आगजनी नहीं हुई है. और वहां हुए इंसिडेंट पे पुलिस पूरी तरह कानूनी कार्रवाई कर रही है. मेरा त्रिपुरा वासियों से अनुरोध है कि आप पुलिस की सहायता करें और इन फ़ेक न्यूज़ और रुमर्स फ़ैलाने से बचें.”

Tripura Police appeals to all not to spread rumours regarding panisagar incident. Please do not retweet or like the social media post without verification since it amounts to endorsing the view.
Law and Order situation is under control in the state.#Tripura pic.twitter.com/WdOip4fyc1

— Tripura Police (@Tripura_Police) October 28, 2021

गौरतलब है कि त्रिपुरा पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत ऑनलाइन “फ़र्ज़ी जानकारी” शेयर करने वाले 102 सोशल मीडिया अकाउंट्स बुक किए हैं.

धर्मनगर के SDPO कांता जांगीर ने भी ऐसा ही बयान दिया, ”एंटी सोशल एलिमेंट्स सोशल मीडिया का मिसयूज़ करते हुए अफ़वाहें फैला रहे हैं. हम आपको अस्योर करना चाहते हैं कि इस तरह की कोई भी घटना धर्मनगर में घटित नहीं हुई है. पुलिस टीम पूरी तरह से मुस्तैद है, स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है. नॉर्थ त्रिपुरा और पानीसागर की किसी भी मस्जिद में आगजनी की कोई घटना नहीं हुई है. आपको किसी भी तरह की कोई कोई परेशानी होने पर तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करें. मेरी आप सब से विनम्र अपील है इस तरह कि कोई रुमर्स पर ध्यान न दें और न ही इन्हें बढ़ावा दें. आप सब से अपील है कि पुलिस का सहयोग करें और किसी भी तरह से पैनिक न हो. त्रिपुरा पुलिस इस तरह से सोशल मीडिया का मिसयूज़ करने वालों के अगेंस्ट में कठोर कार्रवाई करेगी.”

28 अक्टूबर को त्रिपुरा पुलिस ने पानीसागर की एक मस्जिद की चार तस्वीरें ट्वीट करते हुए लिखा, “ये इस बात का सबूत है कि मस्जिद सुरक्षित है.”

Tripura Police appeals to all not to spread rumours.
Below are photographs of masjid in Panisagar. It is evident that masjid is safe and secure. pic.twitter.com/kp1oCEBa8T

— Tripura Police (@Tripura_Police) October 28, 2021

उसी दिन, त्रिपुरा पुलिस के IGP लॉ एंड ऑर्डर सौरभ त्रिपाठी ने भी पानीसागर में मस्जिद में आगजनी की किसी भी घटना से इनकार किया. कई मीडिया आउटलेट्स ने उनके बयान पर रिपोर्ट किया जिनमें ANI, इंडिया टुडे, इकोनॉमिक टाइम्स, रिपब्लिक, न्यूज़18, फ्री प्रेस जर्नल, ABP लाइव, हिंदुस्तान टाइम्स, द इंडियन एक्सप्रेस, द क्विंट, रेडिफ़, द हिल टाइम्स, त्रिपुरा इंडिया और द वीक शामिल हैं.

 

पुलिस का बयान बनाम ज़मीनी हकीकत

त्रिपुरा पुलिस ने रोवा जामे मस्जिद की तस्वीरें शेयर करते हुए दावा किया था कि पानीसागर में कोई मस्जिद नहीं जलाई गई है. पुलिस द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में से एक तस्वीर दी गई है. मस्जिद का नाम “रोवा जामे मस्जिद” है. इस बंगाली टेक्स्ट को लाल रंग में हाइलाइट किया गया है.

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ऑल्ट न्यूज़ ने स्थानीय पत्रकारों सहित कई लोगों से बात की. हमने अपनी जांच में पाया कि पानीसागर में पूर्व केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) कैंप की एक मस्जिद में तोड़-फोड़ और आगजनी की गई थी. मस्जिद की लोकेशन गूगल मैप्स पर मौजूद नहीं है. लेकिन एक स्थानीय निवासी ने ऑल्ट न्यूज़ के साथ CRPF मस्जिद का अनुमानित लोकेशन शेयर किया. ये रोवा जामे मस्जिद से 3 किलोमीटर से ज़्यादा दूर है.

2 नवंबर को @SultanTripura ने मस्जिद के चार वीडियोज़ ट्वीट किए. इन वीडियोज़ में आग से क्षतिग्रस्त स्थिति दिख रही है. इसमें CRPF मस्जिद का एक वीडियो भी शामिल है. यूज़र ने दावा किया कि 20 अक्टूबर के बाद मस्जिदों में आग लगाई गई थी.

@SultanTripura ने वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शख्स से हमारा संपर्क कराया. इस शख्स के मुताबिक, CRPF मस्जिद रीजनल कॉलेज ऑफ़ फ़िजिकल एजुकेशन से कुछ सौ मीटर की दूरी पर है जो रोवा जामे मस्जिद से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर है.

@SultanTripura द्वारा ट्वीट किये गए पहले वीडियो में CRPF मस्जिद दिख रही है.

4 Masjids that was set on fire by Goons in Tripura-(Video attached)

1. Panisagar, Near CRPFcamp Masjid,NorthTripura dist.(21/10/21)
2. DargaBazar Masjid,GomatiDist.(21/10/21)
3. Palbazar Masjid, UnakotiDist(22/10/21)
4. NarauraTila masjid, Bishalgarh,SipahijalaDist.(23/10/21)
⬇ pic.twitter.com/dmTMxVZbV0

— Sultan... (@SultanTripura) November 2, 2021

अलजज़ीरा ने सांप्रदायिक हिंसा के बाद 5 नवंबर को ग्राउन्ड रिपोर्ट पब्लिश की थी. आर्टिकल में पानीसागर स्थित उसी मस्जिद की तस्वीर शामिल है. एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने के अनुरोध पर अलजज़ीरा को बताया कि 26 अक्टूबर को हुई हिंसा से चार दिन पहले तत्कालीन अर्धसैनिक कैंप की मस्जिद पर हमला किया गया था.

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9 नवंबर को आर्टिकल 14 ने भी यही रिपोर्ट किया. इस रिपोर्ट में CRPF की जली हुई मस्जिद की एक और तस्वीर शेयर की गई थी. त्रिपुरा पुलिस के महानिर्देशक (DGP) V S यादव ने आर्टिकल 14 को बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि इस आगजनी के पीछे कौन है? और साथ में बताया कि बदमाश “किसी भी समुदाय के हो सकते हैं.”

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असम के नुरुल इस्लाम मज़ारभुइया ने हिंसा के बाद नुकसान का जायजा लेने के लिए त्रिपुरा का दौरा किया. वो नई दिल्ली स्थित एसोसिएशन फ़ॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स (APCR) के सलाहकार और असम दक्षिण क्षेत्र जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष हैं. फ़ोन पर हुई बातचीत में उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ को बताया कि वो CRPF मस्जिद गए थे. जहां उन्होंने देखा कि मस्जिद को जलाया गया था साथ में अंदर मौजूद कुछ सामान भी जल गया था.

हमने DGP, VS यादव से भी बात की. उन्होंने बताया, “ये मस्जिद [CRPF मस्जिद] एक दशक से ज़्यादा समय से प्रयोग में नहीं थी. फ़रवरी 2017 में मस्जिद पर एक पेड़ गिर गया और भारी नुकसान हुआ था. तब किसी ने इसकी मरम्मत नहीं की. तो कोई इसे मस्जिद कैसे मानता है? बहुत सारे धार्मिक स्थल छोड़ दिए जाते हैं. तो हम उनकी गिनती नहीं करते हैं. फिर आप इसे मस्जिद के रूप में क्यों गिन रहे हैं? ये सरकारी ज़मीन पर है और एक दशक पहले तक सिर्फ़ CRPF ही इसका इस्तेमाल कर रही थी. किसी भी सार्वजनिक प्रवेश की अनुमति नहीं थी. इसलिए हमने साफ तौर पर कहा कि कोई मस्जिद नहीं जलाई गई. इसके अलावा, मस्जिद में आगजनी के संबंध में पुलिस स्टेशन में मदद के लिए कोई कॉल नहीं आया था. ”

ऑल्ट न्यूज़ को CRPF मस्जिद के पूर्व प्रमुख के निधन के बाद एक नई मस्जिद समिति के गठन पर 2020 के एक लेटर का एक्सेस मिला. इस डॉक्यूमेंट में उनके फ़ोन नंबरों के साथ उपाध्यक्ष, अध्यक्ष, कैशियर, वाइस कैशियर और सचिव के नाम लिखे हैं.

मस्जिद समिति के सदस्यों में से एक ने नाम उजागर न करने की शर्त पर ऑल्ट न्यूज़ से बात की. सदस्य ने DGP, V S यादव के इस दावे की पुष्टि की कि एक पेड़ से मस्जिद को नुकसान पहुंचा था. लेकिन उन्होंने बताया कि ये घटना पिछले साल नई मस्जिद कमेटी के गठन से पहले की है. जब मस्जिद के चारों ओर पेड़ काटे जा रहे थे तो पेड़ के गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस घटना में मस्जिद का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था. सदस्य ने ये भी बताया कि मस्जिद में लोगों की भीड़ कम थी. लेकिन सप्ताह में कम से कम एक बार शुक्रवार को नमाज़ पढ़ी जाती थी.

इससे भी ज़रूरी बात ये है कि हमें CRPF मस्जिद की प्रबंध समिति द्वारा सब डिविज़नल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) पानीसागर को भेजा गया एक लेटर (PDF देखें) मिला. ये 1, जनवरी 2021 की है. इसमें मस्जिद को स्थानांतरित नहीं करने का अनुरोध किया गया था. इस धार्मिक स्थल को “रीज़नल कॉलेज ऑफ़ फ़िजिकल एजुकेशन (RCPE) के पास की मस्जिद” के रूप में जाना जाता है. इसे 1982 में CRPF के जवानों ने एक मंदिर के साथ बनाया था.

पानीसागर SDM द्वारा 18 जनवरी 2021 को “अनाधिकृत धार्मिक संरचनाओं” के स्थानांतरण / हटाने पर जारी एक ज्ञापन के जवाब में ये लेटर दिया गया था. इसमें RCPE कॉलेज के पास मस्जिद (हरे रंग में हाइलाइट किया गया) और हिंदू मंदिर, देबोस्थान मंदिर (लाल रंग से हाइलाइट किया गया) भी शामिल है. ये लेटर संबंधित धार्मिक स्थलों के अध्यक्ष/सचिव को संबोधित किया गया है.

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कई स्थानीय एकाउंट्स ने कंफ़र्म किया कि त्रिपुरा में हिंसा के दौरान RCPE कॉलेज के पास पानीसागर में CRPF द्वारा बनाई गई मस्जिद में तोड़-फोड़ और आगजनी की गई. स्थानीय एकाउंट्स से ये भी पता चलता है कि CRPF मस्जिद का इस्तेमाल कभी-कभी नमाज़ अदा करने के लिए किया जाता था. पानीसागर के SDM के 18 जनवरी 2021 के ज्ञापन में मस्जिद के अध्यक्ष / सचिव को संबोधित किया गया है. इसका मतलब है कि इसके लिए एक कार्यात्मक मस्जिद समिति गठित थी. लेकिन त्रिपुरा पुलिस ने पानीसागर में रोवा जामे मस्जिद की तस्वीरें शेयर करते हुए दावा किया है कि वहां किसी भी मस्जिद को नहीं जलाया गया. ये दावा ग़लत है क्योंकि CRPF मस्जिद असल में जलाई गई थी.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

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