NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पर्यावरण
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिकी फ्रैक्ड ‘फ्रीडम गैस’ की वास्तविक लागत
यूरोप के अधिकांश हिस्सों में हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग का कार्य प्रतिबंधित है, लेकिन जैसा कि अब यूरोपीय संघ ने वैकल्पिक गैस की आपूर्ति के लिए अमेरिका की ओर रुख कर लिया है, ऐसे में पिछले दरवाजे से कितनी फ्रैक्ड गैस अंदर आ जाने वाली है, इस बारे में कोई अनुमान नहीं है।

स्टुअर्ट ब्राउन
30 Mar 2022
fracked gas
यूरोप में अधिकाधिक एलएनजी गैस रवाना होने के लिए तैयार है। लेकिन सवाल है किस जलवायु लागत पर?

जर्मनी के एंटी-गैस एवं फ्रैकिंग विरोधी प्रचारक एंडी घेओरघिउ ने कहा, “हम समझते हैं कि हम अपने लिए दूसरे वाहन को चुन सकते हैं, लेकिन हम अभी भी रसातल की ओर ही गाड़ी चलाते जा रहे हैं।” यह बात उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वान डेर लेएन की रुसी उर्जा पर यूरोपीय संघ की निर्भरता को घटाने के लिए एक गैस सौदे की घोषणा के संदर्भ में कहा। 

एक अतिरिक्त 15 अरब क्यूबिक मीटर लिक्विफाइड प्राकृतिक गैस (एलएनजी) जो कि बड़े पैमाने पर हाइड्रोलिक फ्रैकिंग कुँओं से प्राप्त होती है, जो कि समूचे संयुक्त राज्य अमेरिका में जहाँ-तहां फैलती जा रही है - अब इस साल अटलांटिक पार से यूरोप के समुद्री तटों पर उतारी जायेगी। 

यह जर्मनी के द्वारा अकेले रूस से 2022 में पाइप के द्वारा लिए गए गैस का सिर्फ एक तिहाई हिस्सा भर है। फिर भी कार्यकर्ताओं के बीच में इस बात की आशंका बनी हुई है कि एलएनजी गैस के साथ रुसी गैस को प्रतिस्थापित करने से उर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित कर पाना संभव नहीं होगा, बल्कि इसकी वजह से दीर्घकालीक जलवायु लक्ष्य खतरे में पड़ सकते हैं। 

पर्यावरण से सम्बद्ध एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ग्लोबल विटनेस में गैस अभियान के नेता, मरे वर्दी ने कहा, “[इस] समझौते ने यूरोपीय संघ और अमेरिका को यूरोप में जीवाश्म गैस के आयात के लिए नए बुनियादी ढाँचे को तेजी से ट्रैक करके एक गुमराह और खतरनाक राह पर धकेल दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “नए आयात टर्मिनल के निर्माण का अर्थ है आने वाले कई वर्षों तक हमें जीवाश्म गैस के आयात पर खुद को निर्भर बनाये रखना होगा, जबकि यूरोपीय संघ ने काफी समय पहले ही इस जलवायु-विनाशकारी ईंधन को भले के लिए छोड़ने की जरूरत पर बल दिया था।

धरती के भीतर गहराई में जमे शेल को फाड़कर एलएनजी को निकालने के तात्कालिक जलवायु कुप्रभावों के बारे में भी चिंताएं बढ़ रही हैं। 

यद्यपि इसके पर्यावरणीय असर के चलते यूरोप के ज्यादातर भूभाग में फ्रैकिंग पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था, जिसमें भूजल को प्रदूषित करने वाले रासायनिकों का इस्तेमाल भी शामिल है, ऐसे में यूरोपीय संघ अमेरिकी फ्रेकड गैस के स्रोत से खुश है।  

फ्रैक्ड गैस और जलवायु-विनाशकारी मीथेन रिसाव 

जलवायु अभियानकर्ताओं के लिए, एलएनजी से निकलने वाले उच्च मीथेन उत्सर्जन के कारण “फ्रीडम गैस” की ओर बढ़ने ने गंभीर जलवायु दुष्प्रभावों की आशंका को बढ़ा दिया है।

यहाँ पर यह गौरतलब है कि मीथेन का वैश्विक ऊष्मा प्रभाव सीओ2 की तुलना में करीब 85 गुना अधिक है। घेओरघिउ ने कहा कि अटलांटिक के दोनों किनारों वाले तटों पर “आपूर्ति-पक्ष” के द्वारा मीथेन रिसाव के विविध स्रोतों से निपटने के मामले में बहुत कम काम किया गया है।  

बहरहाल, गुरूवार को घोषित अमेरिकी-यूरोपीय संघ समझौते ने “जलवायु लक्ष्यों” के साथ गैस आपूर्ति में विविधता लाने के लक्ष्य को जोड़ने के प्रति सावधानी दिखाई है।

इस सौदे का उद्देश्य “सभी नए एलएनजी बुनियादी ढाँचे और इससे संबंधित पाइपलाइनों की ग्रीनहाउस गैस की तीव्रता को कम करने, जिसमें ऑनसाईट संचालन के लिए स्वच्छ उर्जा का इस्तेमाल करने, मीथेन के रिसाव को कम करने, और स्वच्छ एवं नवीकरणीय तैयार-हाइड्रोजन के बुनियादी ढांचे को निर्मित करना शामिल है।” 

फिर भी, अगर रुसी गैस को सिर्फ अल्प से मध्यम अवधि के लिए प्रतिस्थापित किया जाना है, तो प्राकृतिक गैस यूरोपीय संघ में कोयले के बाद सीओ2 उत्सर्जन के मामले में दूसरे सबसे बड़े स्रोत के रूप में अपने स्थान को बनाये रखने जा रहा है।

इस बीच, अटलांटिक के उस पार, घेओरघिउ के मुताबिक, असंगत नियमों ने कुछ अमेरिकी राज्यों को फ्रैकिंग उद्योग के लिए “जंगली पश्चिम” बना दिया है। 

उदाहरण के लिए, टेक्सास में तथाकथित मीथेन को उभाड़ने से उच्च उत्सर्जन अक्सर अनियंत्रित हो जाने का खतरा बना हुआ है, जिससे पर्मेइयाई घाटी में हजारों की संख्या में कुओं से रिसाव की अनुमति मिल जाती है, जिसका विस्तार न्यू मेक्सिको तक फैला हुआ है – जिसने इसके गैस भंडारण को “दुनिया के कुछ सबसे गंदे” वाली चिप्पी के लिए आरक्षित कर रखा है।

वास्तव में देखें तो, 2019 के एक अध्ययन ने वैश्विक वायुमंडलीय मीथेन उत्सर्जन में एक दशक तक वृद्धि के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में फ्रैकिंग की धमक को जिम्मेदार ठहराया था। इसने निष्कर्ष निकाला कि उत्तरी अमेरिका में शेल-गैस का उत्पादन संभवतः पिछले दशक में “वैश्विक स्तर पर जीवाश्म ईंधन से बढ़े उत्सर्जन के आधे से अधिक के लिए” जिम्मेदार रहा होगा।  

घेओरघी ने बताया कि यूरोपीय संघ के आयातित एलएनजी को प्लास्टिक एवं उर्वरकों के लिए कच्चे माल के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अभियानकर्ता ने कहा कि चूँकि आयात अनुबंध अक्सर 20 वर्षों की समयावधि के लिए अनुबंधित होते हैं, ऐसे में जीवाश्म ईंधन की उपलब्धता इन उच्च उत्सर्जन वाले कच्चे माल के क्षेत्रों को गैर-कार्बनीकृत करने के लिए कारगर नहीं होने जा रही है।

एलएनजी निर्यात से 1.5 डिग्री लक्ष्य खतरे में   

अमेरिका स्थित प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद की शोधार्थी अमांडा लेविन और क्रिस्टीना स्वांसन ने अपने निष्कर्ष में कहा है कि एलएनजी उत्पादन और निर्यात को तेजी से बढ़ाने के लिए अमेरिकी प्रयास से वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस (2.7 फारेनहाईट) तक सीमति बनाये रखने के किसी भी संभावना को समाप्त कर सकते हैं। 

वे स्वच्छ उर्जा संक्रमण के लिए “पुल” के तौर पर एलएनजी के निर्यात में “तेजी से विस्तार” का वर्णन करती हैं, जिसमें गैस उत्सर्जन कोयले की तुलना में लगभग 50% कम होता है- जो कि “जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को बनाये रखने” वाला साबित होगा, जिससे वास्तविक निम्न-कार्बन एवं कार्बन रहित उर्जा के लिए संक्रमण की राह और भी अधिक कठिन हो जाने वाली है।”

शोधकर्ताओं ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि, एलएनजी का जलवायु पर दुष्प्रभाव दुगुना हो जायेगा जब गैस जलाने के लिए ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में निष्कर्षण, परिवहन, द्रवीकरण एवं पुनः गैसीयकरण को जोड़ा जाता है। 

लेखकों के मुताबिक, 2020 से लेकर 2030 के बीच निर्यात के तीन गुना बढ़ने से अमेरिका में 13 से लेकर 21 करोड़ मीट्रिक टन (143-235 शार्ट टन) नए जीएचजी उत्सर्जन से सालाना सड़कों पर 4.5 करोड़ और जीवाश्म ईंधन से चलने वाली कारों को उतारने जैसा होगा। यह पिछले दशक में हासिल की गई 1% वार्षिक जीएचजी की कमी के लक्ष्य को हासिल किया गया था को भी उलट कर रख देगा।

एलएनजी फिर भी रुसी गैस को प्रतिस्थापित नहीं कर पायेगा 

हालाँकि जर्मन अर्थव्यवस्था मंत्री रोबर्ट हैबेक भी इस महीने क़तर और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर हैं और ज्यादा से ज्यादा गैस के विकल्पों को तलाश रहे हैं, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि सीमति आपूर्ति और आसमान छूती वैश्विक मांग ने यूरोप के लिए एलएनजी के प्रवाह को बड़े पैमाने पर कठिन बना दिया है।

इस बीच, टर्मिनल जैसे आवश्यक बुनियादी ढाँचे के निर्माण में दो से तीन साल लग जायेंगे, ऐसे में यूरोपीय संघ का रुसी गैस के आयात में साल के अंत तक दो-तिहाई की कटौती के लक्ष्य को हासिल कर पाना नामुमिकन है।

जलवायु अभियानकर्ताओं के लिए, जीवाश्म ईंधन उर्जा युद्ध का एक मुख्य चालक शक्ति है और इसे चरणबद्ध तरीके से नवीकरणीय उर्जा के जरिये प्रतिस्थापित किये जाने की आवश्यकता है।

ग्लोबल विटनेस के मुरे वर्दी ने कहा, “जीवाश्म इंधन पर ज्यादा निवेश और निर्भरता दुनिया भर के तानशाहों और युद्ध का आह्वान करने वालों के कानों के लिए संगीत के समान है, जो इसे एक उर्जा प्रणाली के रूप में महत्व देते हैं जो उन्हें लाभ की स्थिति में बनाये रखती है।” उनके मुतबिक, “यदि यूरोप वास्तव में रुसी गैस से छुटकारा पाना चाहता है, तो उसके पास एकमात्र वास्तिवक विकल्प गैस के उपर अपनी निर्भरता को समाप्त करने में है।”

घेओरघिउ ने कहा, “हमारे पास उर्जा के उत्पादन और उपभोग करने के तरीके में आमूलचूल बदलाव के लिए अब चुनने का एक अनूठा ऐतिहासिक अवसर और दायित्व आ चुका है। लेकिन हमारी ट्रांस-अटलांटिक सरकारों ने जो समाधान प्रस्तुत किये हैं, वे हमेशा की तरह व्यापार से अधिक कुछ नहीं है।”

संपादन: सारा स्टीफेन 

साभार: डीडब्ल्यू 

अंग्रेजी में मूल रूप से लिखे गए लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें 

https://www.newsclick.in/the-true-cost-fracked-US-reedom-gas

Oil and Gas
USA
Russia
ukraine
methane emissions

Related Stories


बाकी खबरें

  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • beedi worker
    सतीश भारतीय
    बीड़ी कारोबार शरीर को बर्बाद कर देता है, मगर सवाल यह है बीड़ी मजदूर जाएं तो जाएं कहां?
    05 Feb 2022
    मध्यप्रदेश का सागर जिला जिसे बीड़ी उद्योग का घर कहा जाता है, वहां बीड़ी कारोबार नशा से बढ़कर गरीब आवाम की रोजी-रोटी का सहारा है। उन्हें बीड़ी कारोबार से बाहर निकालकर गरिमा पूर्ण जीवन मुहैया करवाने के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License