NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
तुर्की के विपक्षी नेता सेलैहट्टिन की हिरासत उनके अधिकारों का उल्लंघनः संवैधानिक कोर्ट
पीकेके के साथ कथित संबंधों को लेकर एर्दोगन सरकार द्वारा सेलैहट्टिन डेमिरटस और उनकी वामपंथी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी एचडीपी को निशाना बनाया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Jun 2020
तुर्की

तुर्की की संवैधानिक अदालत ने शुक्रवार 19 जून की सुबह फैसला सुनाया कि वामपंथी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचडीपी) के पूर्व प्रमुख सेलैहट्टिन डेमिरटस और पार्टी के मौजूदा सह-अध्यक्ष की लंबी क़ैद देश के संविधान द्वारा प्रदान किए गए स्वतंत्रता और सुरक्षा के उनके अधिकारों का उल्लंघन है।

अदालत के फैसले में कहा गया है कि उनकी हिरासत पर्याप्त अवधि से अधिक हो गई है। अदालत ने सरकार से मुआवज़े के रूप में 50 हजार तुर्की लीरा अदा करने को कहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि सरकार उनको रिहा करेगी या नहीं।

सेलैहट्टीन डेमिरटस सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) और राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन के मुखर आलोचक हैं। डेमिरटस कुर्दिश समर्थक वामपंथी एचडीपी के नेता थे और 2014 व 2018 में दो बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों ही मौकों पर वे क्रमशः 9.77% और 8.40% वोट के साथ तीसरे स्थान पर आए।

उन्हें नवंबर 2016 में तुर्की के अधिकारियों द्वारा कुर्दिश वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के साथ उनके कथित संबंधों के लिए गिरफ़्तार किया गया था। इस संगठन को तुर्की क़ानूनों के अनुसार एक आतंकवादी संगठन माना जाता है। उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों का दोषी पाए जाने पर उन्हें 146 साल की सजा हो सकती है।

पीकेके तुर्की के कुर्दिश क्षेत्रों की मुक्ति के लिए लड़ता है और तुर्की पर कुर्दिश अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का आरोप लगाता है।

अदालत ने पिछले सितंबर में डेमिरटस को ज़मानत पर रिहा करने को कहा था। हालांकि, पर्सक्यूशन ने नई जांच शुरू की और उनकी रिहाई को रोक दिया।

वाम पंथी और कुर्दिश अल्पसंख्यक समर्थक माना जाने वाला एचडीपी तुर्की संसद में तीसरा सबसे बड़ा दल है। साल 2018 के चुनावों में इसने 600 में से 59 सीटें जीती थीं। हालांकि, एचडीपी के दो सांसदों को तुर्की सरकार ने डेमिरटस के जैसे आरोपों में गिरफ़्तार किया गया है। 5 जून को ये दोनों सांसद लेयला गुवेन और मूसा फ़ैरिसियोगुलारि को मुख्य विपक्षी रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) के एक सांसद के साथ निष्कासित कर दिया गया और जेल में डाल दिया गया। गुवेन और फ़ैरिसियोगुलारि को पीकेके का सदस्य होने का दोषी ठहराया गया है।

पिछले साल अगस्त में तुर्की सरकार ने इसी तरह के आरोपों में एचडीपी से संबंधित कई निर्वाचित महापौरों को हटा दिया और उनकी जगह सरकार-समर्थक नेताओं को नियुक्त किया।

एचडीपी ने कई मौक़ों पर पीकेके से अपने संबंध से इनकार किया है। इसने अपने नेताओं के ख़िलाफ़ मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताया है।

Kurdish leader
Demirtas
Constitutional Court in Turkey
Selahttin Demirtas

Related Stories


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License