NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
उचित वेतन और समानता के लिये स्विट्जरलैंड में महिलाओं का प्रदर्शन
लैंगिकता को लेकर नाराजगी और कार्यस्थल पर जड़ें जमाती असामनता को लेकर बढ़ते आक्रोश ने स्विट्जरलैंड में ‘‘महिला आंदोलन’’ को जन्म दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jun 2019
स्विट्जरलैंड में महिलाओं का प्रदर्शन
Image Courtesy: France 24

समूचे स्विट्जरलैंड में महिलाएं उचित वेतन, समानता, यौन उत्पीड़न एवं हिंसा की रोकथाम की मांग को लेकर अपनी-अपनी नौकरियां छोड़कर सड़कों पर उतर आयी हैं। महिलाएं अपने अंत:वस्त्रों को जलाकर रोष प्रकट कर रही हैं और प्रदर्शन कर रही हैं।

देश में 28 साल में इस तरह का महिलाओं का यह पहला प्रदर्शन है। स्विस संविधान में लैंगिक समानता को शामिल करने के 10 साल बाद 14 जून 1991 को लगातार विषमताओं का सामना कर रही करीब पांच लाख महिलाएं घरों और कार्यस्थलों से बाहर निकल पड़ी थीं।

switzerland.jpg

(फोटो साभार : Naidunia)

लैंगिकता को लेकर नाराजगी और कार्यस्थल पर जड़ें जमाती असामनता को लेकर बढ़ते आक्रोश ने स्विट्जरलैंड में ‘‘महिला आंदोलन’’ को जन्म दिया। इनमें कई महिलाएं घरेलू सहायिकाओं, शिक्षिकाओं और देखभाल का काम करने वाली महिलाओं के लिये अधिक वेतन की मांग कर रही हैं। आम तौर इस तरह का काम महिलाएं ही करती हैं।

स्विट्जरलैंड में महिलाएं को अभी भी पुरुषों की तुलना में 20 फीसद कम वेतन मिलता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, समान योग्यता वाले पुरुषों और महिलाओं की मजदूरी का अंतर लगभग आठ प्रतिशत है।

लौसेन में मध्यरात्रि में सैकड़ों की तादाद में महिलाएं एकजुट हुईं और शहर के कैथेड्रल में रैली निकालते हुए शहर के केंद्र की ओर मार्च निकाला, जहां उन्होंने लकड़ियों में आग लगायी और फिर उस आग में अपनी टाई, अंत:वस्त्रों को फेंक दिया।

महिलाओं के इस प्रदर्शन को ‘‘पर्पल वेव’’ कहा गया क्योंकि इस प्रदर्शन के लिये महिलाओं ने पर्पल (जामुनी) रंग को चुना था।

(एपी/भाषा के इनपुट के साथ)

Switzerland
Swiss women strike
Swiss women strike for gender equality
Central European
Women Rights
Gender Equality

Related Stories

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

भारतीय कैंपस के होस्टलों में ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अब भी जगह नहीं

यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी

त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है

सोनी सोरी और बेला भाटिया: संघर्ष-ग्रस्त बस्तर में आदिवासियों-महिलाओं के लिए मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली योद्धा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के संघर्ष और बेहतर कल की उम्मीद


बाकी खबरें

  • fertilizer
    तारिक अनवर
    उप्र चुनाव: उर्वरकों की कमी, एमएसपी पर 'खोखला' वादा घटा सकता है भाजपा का जनाधार
    04 Feb 2022
    राज्य के कई जिलों के किसानों ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा संचालित केंद्रों पर डीएपी और उर्वरकों की "बनावटी" की कमी की वजह से इन्हें कालाबाजार से उच्च दरों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 5 लाख के पार
    04 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,49,394 नए मामले सामने आए और 1,072 मरीज़ों की मौत हुई है। देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • SKM
    रौनक छाबड़ा
    यूपी चुनाव से पहले एसकेएम की मतदाताओं से अपील: 'चुनाव में बीजेपी को सबक़ सिखायें'
    04 Feb 2022
    एसकेएम ने गुरुवार को अपने 'मिशन यूपी' अभियान को फिर से शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा कि 57 किसान संगठनों ने मतदाताओं से आगामी यूपी चुनावों में भाजपा को वोट नहीं देने का आग्रह किया है।
  • unemployment
    अजय कुमार
    क्या बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ने से बेरोज़गारी दूर हो जाएगी?
    03 Feb 2022
    बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ जाने से क्या बेरोज़गारी का अंत हो जाएगा या ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही बात कह रही है?
  • farmers SKM
    रवि कौशल
    कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा
    03 Feb 2022
    मोर्चा ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार भी किसानों की आय को दुगुना किये जाने का उल्लेख नहीं किया है क्योंकि कई वर्षों के बाद भी वे इस परिणाम को हासिल कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License