NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने युवा कम्युनिस्ट नेताओं को गिरफ्तार किया 
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक यूथ और अन्य प्रगतिशील संगठनों ने यूक्रेन के लेनिनवादी कम्युनिस्ट यूथ यूनियन के नेताओं अलेक्सांद्र कोनोनोविच और मिखाइल कोनोनोविच की गिरफ्तारी की निंदा की है। 
मोहम्मद शबीर
08 Mar 2022
Ukrainian
कोम्सोमोल के नेता अलेक्सांद्र कोनोनोविच और मिखाइल कोनोनोविच (फोटो: ट्वीटर से) 

रविवार, 6 मार्च को, यूक्रेन के सुरक्षा बलों ने मिखाइल कोनोनोविच और उनके भाई अलेक्सांद्र कोनोनोविच को गिरफ्तार कर लिया। दोनों भाई यूक्रेन के लेनिनवादी कम्युनिस्ट यूथ यूनियन (एलकेएसएमयू) का नेतृत्व करते हैं। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) की प्रेस सेवा ने रविवार को कहा कि कोनोनोविच भाइयों को राजधानी कीव से गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसबीयू ने उन पर यूक्रेन में आंतरिक स्थिति को अस्थिर करने और रूस एवं बेलारूस के समर्थक विचारों के प्रोपगैंडा करने के साथ उनके अलग-अलग चैनलों के लिए "आवश्यक सूचना चित्र" बनाने का आरोप लगाया है। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक यूथ (डब्ल्यूएफडीवाई) ने यूक्रेन में एलकेएसएमयू नेताओं की इन गिरफ्तारियों की निंदा की और दुनिया भर के प्रगतिशील युवा समूहों से अपनी स्वतंत्रता की मांग करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया क्योंकि सुरक्षा बलों की हिरासत में उनकी जान पर गंभीर खतरा है। 

यूक्रेन में वर्ष 2014 में यूरोमैदान सरकार के तख्तापलट के बाद, सरकार द्वारा वामपंथी समूहों को निशाना बनाया गया है और उन्हें सताया गया है।  साथ ही, अति-राष्ट्रवादी और नव-नाजी ताकतों द्वारा भी उन्हें सताया गया है। 2015 में, कम्युनिस्ट प्रतीकात्मकता पर प्रतिबंध लगाने के लिए डि-कम्युनाइजेशन कानून पारित किए गए थे और उनके आधार पर, चुनाव आयोग ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ यूक्रेन (केपीयू) को 2019  में चुनावों में भाग लेने से रोक दिया था। एलकेएसएमयू की गतिविधियों को लेकर भी यूक्रेनी अधिकारियों ने धमकी दी थी। कोनोनोविच भाइयों सहित इसके नेतृत्व को देश में कम्युनिस्ट राजनीति का नेतृत्व करने के लिए सरकारी बलों और नव-नाज़ियों द्वारा कई बार निशाना बनाया गया था। 

एलकेएसएमयू वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक यूथ (डब्ल्यूएफडीवाई) में एक सदस्य संगठन है। इसने यूक्रेन के नाटो के साथ नाता तोड़ने एवं रूस के साथ शांतिपूर्ण समाधान करने की मांग लेकर हाल ही में देश के शहरों में "शांति के लिए कोम्सोमोल" नामक एक अभियान का आयोजन किया था! 

कोनोनोविच भाइयों ने 16 फरवरी को, कीव में अमेरिकी दूतावास के सामने एलकेएसएमयू के एक प्रदर्शन में भी भाग लिया था। इसमें अमेरिका के यूक्रेन से बाहर निकलने और विस्तारवाद के अपने साम्राज्यवादी प्रयास पर लगाम लगाने की मांग की गई थी, जिसके चलते ही रूस और यूक्रेन के बीच एक सैन्य संघर्ष की नौबत आई है। कोनोनोविच बंधु यूक्रेन की फासीवादी विरोधी समिति (एंटी फासिस्ट कमिटी ऑफ यूक्रेन-एएफसीयू) में भी सक्रिय रहे हैं। उन पर फरवरी 2018 में कीव में “C14” और “नेशनल कॉर्पस” के नव नाज़ियों द्वारा क्रूरता से हमला किया गया था।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

Aleksandr Kononovich
Communist Party of Ukraine
Euromaidan coup
Leninist Communist Youth Union of Ukraine
Mikhail Kononovich
Russia-Ukraine Conflict
Security Service of Ukraine
SBU
World Federation of Democratic Youth
WFDY

Related Stories

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

यूक्रेन में विपक्षी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध और 'एकीकृत सूचना नीति' लागू की गई

यूक्रेन और वैश्विक आर्थिक युद्ध: बर्बरता या सभ्यता?

नवउदारवादी व्यवस्था में पाबंदियों का खेल

जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...

यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य


बाकी खबरें

  • Urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव में भाजपा विपक्ष से नहीं, हारेगी तो सिर्फ जनता से!
    09 Feb 2022
    क्या किसान आंदोलनकारी बने रहकर सत्ताधारी दल के विरूद्ध मतदान भी करेंगे या जाति, खाप या संप्रदाय में विभाजित हो जायेंगे? इस महत्वपूर्ण चरण के मतदान से पहले #AajKiBaat के नये एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव : मज़दूर किसी भी मुख्य राजनीतिक दल के एजेंडे में नहीं
    09 Feb 2022
    उत्तराखंड में चुनावी शोर है। आगामी 14 फरवरी को पूरे राज्य में एक ही चरण में मतदान होना है। हर दल अपने-अपने विकास के दावे कर रहा है। लेकिन इन सबके बीच मेहनतकश वर्ग कहीं पीछे छूटता दिख रहा है। उसकी…
  • WEST UP LEADERS
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव का पहला चरण: 11 ज़िले, 58 सीटें, पूरी तरह बदला-बदला है माहौल
    09 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की शुरुआत 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान से होगी, दिलचस्प बात ये है कि पिछली बार से इस बार माहौल बिल्कुल अलग है, भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर देखी जा सकती…
  • hijab
    सोनिया यादव
    कर्नाटक हिजाब विवाद : हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को भेजा केस, सियासत हुई और तेज़
    09 Feb 2022
    कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट का अब तक फ़ैसला नहीं आ सका है। बुधवार, 9 फरवरी को लगातार दूसरे दिन मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए इसे बड़ी बेंच को रेफर कर दिया गया।
  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License