NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उमर खालिद की पीएचडी थीसिस लेने से जेएनयू ने किया इनकार
"विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरी तरह से कोर्ट और उसके आदेश की अवमानना करना हैI"- उमर खालिद
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jul 2018
Umer Khalid
Image Courtesy : India Today

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने उमर खालिद समेत तीन छात्रों की पीएचडी थीसिस लेने से इनकार कर दिया है। चीफ प्रॉक्टर कौशल कुमार ने इतिहास के छात्र उमर खालिद के अलावा अफ्रिकन स्टडीज़ की छात्रा अस्वति और लॉ और गवर्नेंस के छात्र अनंत प्रकाश नारायण की भी पीएचडी थीसिस स्वीकार करने से मना कर दिया है। कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी इन तीनों छात्रों की पीएचडी थीसीस लेने से जेएनयू प्रशासन ने मना किया है।

ज्ञात हो कि इससे पहले विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय जांच समीति ने 9 फरवरी 2016 पर कथित तौर पर देश विरोधी नारे वाले प्रकरण में कन्हैया कुमार, उमर खालिद समेत इस मामले में कथित तौर पर शामिल छात्रों के ऊपर कार्यवाही की थी। कन्हैया कुमार पर 10 हजार का ज़ुर्माना लगाया था वहीं उमर खालिद को विश्वविद्यालय से निष्काषित करने का फैसला सुनाया था।

हालांकि 17 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनौती दी गई थी जिसके बाद 20 जुलाई को कोर्ट ने आदेश दिया था कि जब तक कोर्ट फैसला नहीं सुनाता है तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन इन छात्रों पर कोई कार्यवाही न करे। कोर्ट ने विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय जांच समीति की रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया थाI

हालांकि कोर्ट ने उमर खालिद की याचिका पर सुनवाई नहीं की थी। कन्हैया कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल ने 9 फरवरी वाले प्रकरण से जुड़े हुए उमर व अन्य छात्रों के बारे में कहा था कि अदालत जब तक अन्य छात्रों की याचिका पर फैसले नहीं ले लेती तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करे।

 

Shocking disregard & violation of court by JNU admin. Despite categorical instructions of the Delhi HC against any coercive action, JNU admin has blocked on the last day, PhD submissions of me and two others. Reason cited by them - non-compliance to punishments of the HLEC!

— Umar Khalid (@UmarKhalidJNU) July 23, 2018

उमर खालिद ने ट्वीट करके इस फैसले पर विरोध जताते हुए कहा कि जेएनयू प्रशासन ने अपने इस फैसले से अदालत के आदेश का उल्लंघन किया है। “दिल्ली हाईकोर्ट के स्पष्ठ निर्देश व आदेश के बावजूद जेएनयू प्रशासन ने मेरे और दो छात्रों की पीएचडी थीसिस को नहीं स्वीकार किया हैं। उनका कहना है कि थीसिस न लेने कारण मेरे द्वारा HLEC के आदेश का अनुपालन न करना है।”

उमर खालिद ने न्यूज़किलक से बात करते हुए कहा कि, ‘‘प्रशासन कोर्ट के फैसले की अवमानना कर रहा है। कल थीसिस जमा करने का आखिरी दिन होने के बावज़ूद उन्होंने बिना किसी कारण इसे स्वीकार नहीं किया। प्रॉक्टर कौशल कुमार का कहना है कि आपने HLEC के आदेश का अनुपालन नहीं किया इस वजह से यह स्वीकार नहीं की जा सकती’’।

उन्होंने कहा कि “प्रशासन हमसे HLEC के आदेश मनवाकर कोर्ट के सामने हमारा केस कमजोर करना चाहता है। जेएनयू प्रशासन एक साज़िश के तहत हम लोगों को निशाना बना रहा है। मेरे साथ और भी दो छात्र को पीएचडी की थीसिस लेने से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरी तरह से कोर्ट और उसके आदेश की अवमानना करना है”।

Umer Khalid
JNU
anti-national
curbing dissent

Related Stories

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

जेएनयू छात्र झड़प : एबीवीपी के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

जेएनयू में फिर हिंसा: एबीवीपी पर नॉनवेज के नाम पर छात्रों और मेस कर्मचारियों पर हमले का आरोप

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

दिल्ली दंगे: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को जमानत देने से अदालत का इनकार


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License