NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
उन्नाव कांड : पीडिता की हालत में मामूली सुधार, सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली लाने का आदेश
लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती पीड़िता ने नौ दिन बाद सोमवार को आंखे खोलीं, हालांकि उनकी हालत अब भी ख़तरे से बाहर नहीं है। उधर, उच्चतम न्यायालय ने पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए विमान से दिल्ली के एम्स में लाकर भर्ती करने का निर्देश दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Aug 2019
unnao
फोटो साभार : Hindustan

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में सड़क हादसे में बुरी तरह से घायल उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता ने नौ दिन बाद सोमवार को आंखे खोलीं, हालांकि डॉक्टरों के अनुसार दुर्घटना में घायल पीड़िता और वकील दोनों की हालत अब भी खतरे से बाहर नहीं है। उधर, उच्चतम न्यायालय ने पीड़ित को बेहतर इलाज के लिए विमान से दिल्ली के एम्स में लाकर भर्ती करने का निर्देश दिया है।

लखनऊ में डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता की हालत में मामूली सुधार हुआ है और वे उसके हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं जबकि वकील अब भी कोमा में है।

उन्होंने बताया, ‘‘पीड़िता को वेंटीलेटर से हटाने पर विचार किया जा रहा है जबकि वकील को पहले से वेंटीलेटर से हटा लिया गया था। हालांकि दोनों की हालत अब भी खतरे से बाहर नहीं है।’’

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ संदीप तिवारी ने सोमवार को 'भाषा' को बताया, ''पीड़िता की हालत में सुधार हो रहा है। अब वह हमें देख और सुन पा रही है और हमारी बातों को समझ पा रही है।''

उन्होंने बताया, ‘‘अभी उसे मामूली बुखार है और उसको वेंटीलेटर से हटाने के बारे में विचार किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उसकी निगरानी कर रही है। अगर आने वाले एक दो-दिन तक उसकी तबीयत में ऐसे ही सुधार होता रहा तो उसे वेंटीलेटर से हटाने की बात पर विचार किया जायेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘घायल वकील महेंद्र सिंह को वेंटीलेटर से हटा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद वह खतरे से बाहर नही हैं क्योंकि उनके सिर में चोट लगी है और वह लगातार कोमा में चल रहे हैं। उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। उनके और पीड़िता दोनों के गले में छोटा सा छेद करके (ट्रैकियोस्टोमी) ट्यूब द्वारा ऑक्सीजन दिया जा रहा है।’’

डॉ. तिवारी ने कहा, ‘‘हम पीड़िता और उसके वकील का इलाज करने में पूरी तरह से समर्थ हैं और केजीएमयू के सबसे अच्छे डॉक्टरों की टीम दोनों का इलाज कर रही है।’’

उन्होंने कहा कि उनके परिजन की भी यह इच्छा है कि इन दोनों का इलाज लखनऊ में ही कराया जाये।

हालांकि इस दावे के उलट पीड़िता के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट से पीड़िता का दिल्ली के एम्स में इलाज कराने की अपील की, जिसपर कोर्ट ने पीड़िता को इलाज के लिए विमान से दिल्ली लाने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने यह निर्देश देने से कुछ मिनट पहले ही इस महिला और उसके वकील को एम्स स्थानांतरित करने का मामला शुक्रवार के लिये स्थगित किया था क्योंकि उनके परिवार की ओर से इस तरह का अनुरोध करने के लिये कोई उपस्थित नहीं था।

कुछ समय बाद परिवार के सदस्य की ओर से एक वकील पीठ के समक्ष पेश हुआ और कहा कि पीड़ित की मां चाहती हैं कि उनकी बेटी को बेहतर इलाज के लिये दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में स्थानांतरित कर दिया जाये क्योंकि उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुयी है।

पीठ ने पीड़ित की ओर से पेश अधिवक्त डी रामकृष्ण रेड्डी के कथन का संज्ञान लेते हुये उसे किंग जार्ज मेडिकल कालेज से एम्स स्थानांतरित करने का आदेश दिया ।

पीठ ने इस मामले की सुनवाई शुक्रवार के लिये निर्धारित करते हुये स्पष्ट किया कि जख्मी वकील का परिवार भी यह राहत प्राप्त कर सकता है और इसके जब भी आवश्यकता हो, संपर्क कर सकता है।

इसके अलावा उन्नाव कांड के आरोपी भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और सह-आरोपी शशि सिंह दिल्ली की आज, सोमवार को अदालत में पेशी हुई।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Unnao Rape Case
Unnao Rape Victim
Unnao Rape Victim Accident
Unnao Rape case survivor
Supreme Court
Delhi
Lucknow
UttarPradesh

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपीटीईटी पेपर लीक मामले में दो और गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License