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उन्नाव कांड : पीडिता की हालत में मामूली सुधार, सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली लाने का आदेश
लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती पीड़िता ने नौ दिन बाद सोमवार को आंखे खोलीं, हालांकि उनकी हालत अब भी ख़तरे से बाहर नहीं है। उधर, उच्चतम न्यायालय ने पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए विमान से दिल्ली के एम्स में लाकर भर्ती करने का निर्देश दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Aug 2019
unnao
फोटो साभार : Hindustan

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में सड़क हादसे में बुरी तरह से घायल उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता ने नौ दिन बाद सोमवार को आंखे खोलीं, हालांकि डॉक्टरों के अनुसार दुर्घटना में घायल पीड़िता और वकील दोनों की हालत अब भी खतरे से बाहर नहीं है। उधर, उच्चतम न्यायालय ने पीड़ित को बेहतर इलाज के लिए विमान से दिल्ली के एम्स में लाकर भर्ती करने का निर्देश दिया है।

लखनऊ में डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता की हालत में मामूली सुधार हुआ है और वे उसके हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं जबकि वकील अब भी कोमा में है।

उन्होंने बताया, ‘‘पीड़िता को वेंटीलेटर से हटाने पर विचार किया जा रहा है जबकि वकील को पहले से वेंटीलेटर से हटा लिया गया था। हालांकि दोनों की हालत अब भी खतरे से बाहर नहीं है।’’

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ संदीप तिवारी ने सोमवार को 'भाषा' को बताया, ''पीड़िता की हालत में सुधार हो रहा है। अब वह हमें देख और सुन पा रही है और हमारी बातों को समझ पा रही है।''

उन्होंने बताया, ‘‘अभी उसे मामूली बुखार है और उसको वेंटीलेटर से हटाने के बारे में विचार किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उसकी निगरानी कर रही है। अगर आने वाले एक दो-दिन तक उसकी तबीयत में ऐसे ही सुधार होता रहा तो उसे वेंटीलेटर से हटाने की बात पर विचार किया जायेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘घायल वकील महेंद्र सिंह को वेंटीलेटर से हटा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद वह खतरे से बाहर नही हैं क्योंकि उनके सिर में चोट लगी है और वह लगातार कोमा में चल रहे हैं। उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। उनके और पीड़िता दोनों के गले में छोटा सा छेद करके (ट्रैकियोस्टोमी) ट्यूब द्वारा ऑक्सीजन दिया जा रहा है।’’

डॉ. तिवारी ने कहा, ‘‘हम पीड़िता और उसके वकील का इलाज करने में पूरी तरह से समर्थ हैं और केजीएमयू के सबसे अच्छे डॉक्टरों की टीम दोनों का इलाज कर रही है।’’

उन्होंने कहा कि उनके परिजन की भी यह इच्छा है कि इन दोनों का इलाज लखनऊ में ही कराया जाये।

हालांकि इस दावे के उलट पीड़िता के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट से पीड़िता का दिल्ली के एम्स में इलाज कराने की अपील की, जिसपर कोर्ट ने पीड़िता को इलाज के लिए विमान से दिल्ली लाने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने यह निर्देश देने से कुछ मिनट पहले ही इस महिला और उसके वकील को एम्स स्थानांतरित करने का मामला शुक्रवार के लिये स्थगित किया था क्योंकि उनके परिवार की ओर से इस तरह का अनुरोध करने के लिये कोई उपस्थित नहीं था।

कुछ समय बाद परिवार के सदस्य की ओर से एक वकील पीठ के समक्ष पेश हुआ और कहा कि पीड़ित की मां चाहती हैं कि उनकी बेटी को बेहतर इलाज के लिये दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में स्थानांतरित कर दिया जाये क्योंकि उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुयी है।

पीठ ने पीड़ित की ओर से पेश अधिवक्त डी रामकृष्ण रेड्डी के कथन का संज्ञान लेते हुये उसे किंग जार्ज मेडिकल कालेज से एम्स स्थानांतरित करने का आदेश दिया ।

पीठ ने इस मामले की सुनवाई शुक्रवार के लिये निर्धारित करते हुये स्पष्ट किया कि जख्मी वकील का परिवार भी यह राहत प्राप्त कर सकता है और इसके जब भी आवश्यकता हो, संपर्क कर सकता है।

इसके अलावा उन्नाव कांड के आरोपी भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और सह-आरोपी शशि सिंह दिल्ली की आज, सोमवार को अदालत में पेशी हुई।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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Unnao Rape case survivor
Supreme Court
Delhi
Lucknow
UttarPradesh

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