NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूनियनों ने दक्षिण अफ़्रीकी एयरलाइंस को बंद करने की सरकारी योजना का विरोध किया
दक्षिण अफ़्रीका की सरकारी क्षेत्र की विमान कंपनी ने वित्तीय परेशानी का हवाला देते हुए अपने 4700 कर्मचारियों को सेवामुक्त करने और कार्गो सेवा तक सीमित करने की योजना बनाई है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Apr 2020
अफ़्रीकी एयरलाइंस

नेशनल यूनियन ऑफ़ मेटलवर्कर्स ऑफ़ साउथ अफ़्रीका(एनयूएमएसए) ने 22 अप्रैल को डिपार्टमेंट ऑफ़ पब्लिक इंटरप्राइजेज़(डीपीई) के साथ बैठक करने के बाद दक्षिण अफ्रीका की एयरलाइंस (एसएए) को बचाने में विफलता के लिए सरकार की आलोचना की। एसएए ने वित्तीय समस्याओं का हवाला देते हुए अपने सभी कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है।

एसएए के बिजनेस रेस्क्यू प्रैक्टिशनर्स (बीआरपी) द्वारा इस महीने के अंत तक लगभग 4,700 कर्मचारियों की छंटनी करने के प्रस्ताव को यूनियनों ने ख़ारिज कर दिया था जिसके बाद कर्मचारियों के भविष्य पर चर्चा करने के लिए डीपीई द्वारा बुलाए गए बैठक में एनयूएमएसए ने भाग लिया।

इस प्रस्ताव से सहमत होने वालों को नोटिस पे के रूप में एक महीने के वेतन के रिट्रेंचमेंट पैकेज का वादा किया गया है, इसके अलावा कंपनी की सेवा करने वाले हर कर्मचारियों को प्रत्येक साल की बकाया छुट्टियों और सप्ताह के रक़म की भुगतान करने के वादा किया गया है।

इस प्रकार एसएए को बंद करने के बाद बीआरपी की योजना COVID-19 महामारी को रोकने के लिए वैश्विक यात्रा प्रतिबंधों और लॉकडाउन के बीच इस एयरलाइन के संचालन को कार्गो सेवा तक सीमित करने और अन्य देशों में फंसे दक्षिण अफ्रीकी लोगों को निकलने की है।

बीआरपी ने ये प्रस्ताव तब तैयार किया जब एसएए को बंद होने से बचाने के लिए पिछले सप्ताह अतिरिक्त 526मिलियन यूएसडी के उसके अनुरोध को डीपीई ने ठुकरा दिया था। हालांकि, एसएए की संपत्ति को बेचकर इसके निजीकरण करने का एजेंडा सरकार द्वारा अतिरिक्त धनराशि के अनुरोध को अस्वीकार करने से बहुत पहले से है।

एनयूएमएसए और साउथ अफ्रीकन केबिन क्रू एसोसिएशन (एसएसीसीए) ने न केवल रिट्रेंचमेंट पैकेज को ठुकरा दिया है बल्कि रणनीतिक महत्व के सरकार के स्वामित्व वाले इस उद्यम को बेचने की योजना का भी कड़ा विरोध किया है।

इन यूनियनों का मानना है कि इस एयरलाइन को बंद होने से बचाया जा सकता है यदि महंगे अनुबंध - निजी कंपनियों को सौंपना जिसके लिए सुरक्षा, सफाई, आईटी,ग्राउंड-हैंडलिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाएं आउटसोर्स किए गए हैं- को लेकर चर्चा की जाती है या रद्द की जाती है।

कल डीपीई के साथ हुई बैठक के बाद सरकार ने कहा है कि एसएए के भविष्य को लेकर समझौता करने के प्रयास में यूनियनों के साथ आगे की बैठकें की जाएंगी।

कल की बैठक में जो सहमति हुई उसकी बंदिशों को स्पष्ट करते हुए यूनियनों ने एक बयान में कहा है कि, "यह चर्चा किए गए मुद्दों को लेकर वार्ता थी, जो अभी तक फिर से शुरू नहीं हुई है। हम केवल क़रार के रुप में एक संभावित ढांचा या मसौदा समझौता के बारे में चर्चा करने में कामयाब रहे हैं जो उन उद्देश्यों को निर्देशित करेगा जिसके तहत एसएए के भविष्य के बारे में बातचीत होगी।"

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Business Rescue Practitioners
BRP
Department of Public Enterprise
DPE
Layoffs
Liquidation
National Union of Metalworkers of South Africa
NUMSA
Retrenchments
South Africa Airways
SAA
South African Cabin Crew Association
SACCA

Related Stories

श्रमिक संघों ने दक्षिण अफ्रीकी डेयरी दिग्गज पर पेट्रोल बम हमले करवाने और धमकाने के आरोप लगाये

दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी

यूपी : 5,000 से अधिक जल निगमकर्मियों को नौकरी एवं पेंशन से महरूम होने का डर

दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की

दक्षिण अफ़्रीका : मैकस्टील में श्रमिकों की छंटनी के ख़िलाफ़ हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

महाराष्ट्र: लॉकडाउन, छंटनी और मांग घटने से सैकड़ों कपड़ा कारखानों का कामकाज बंद

एनयूएमएसए का वेतन में 20% कटौती के ख़िलाफ़ मैक्स्टेल में हड़ताल

इंडिया लीगल : दूसरों को कानूनी सहायता और अपनों के लिए?, कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप

दक्षिण अफ़्रीका : सोने की खनन कंपनी ने कर्मचारियों को काम पर बुलाने के बाद हटाया

COVID-19: पत्रकारों को निकालने, सैलरी काटने का नया बहाना


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License