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उन्नाव रेप पीड़िता के न्याय की मांग को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप कांड की पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे के बाद लखनऊ से लेकर दिल्ली तक पीड़िता को इंसाफ दिलाने और योगी सरकार के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं।
मुकुंद झा
30 Jul 2019
Unnao protest

उन्नाव रेप पीड़िता की रायबरेली में हुई दुर्घटना के बाद हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। दोनों ही घायल वेंटिलेटर पर हैं। बताया जा रहा है पीड़िता की जांघ की हड्डी टूटी है और चेस्ट इंजरी के साथ हेड इंजरी की भी आशंका है। वहीं वक़ील को मल्टीप्ल फ्रैक्चर और हेड इंजरी है। मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय के लिए आज मंगलवार को कांग्रेस, सपा, बसपा, वामपंथी दलों समेत तमाम दलों के नेताओं ने संसद भवन परिसर में धरना भी दिया। इसके अलावा तमाम संगठन सड़कों पर भी उतरे।

दिल्ली में एडवा (AIDWA) , ऐपवा (AIPWA) , अनहद (ANHAD) , डीवाईएफआई (DYFI) , आइसा (AISA), एसएफआई (SFI) और एआईडीएसओ (AIDSO) सहित कई महिलाओं और युवा संगठनों ने 'दुर्घटना' को 'हत्या का प्रयास' करार देते हुए यूपी भवन के सामने धरना प्रदर्शन किया। रेजिडेंट कमिश्नर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राजयपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने मांग की की इस ममले की निष्पक्ष और त्वरित गति से जाँच हो और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पत्र में अपराधियों के राजनीतिक सरक्षण का भी आरोप लगया गया।

subhashni ali

इस प्रदर्शन में सीपीएम पोलित ब्यूरो सदस्य और कानपुर लोकसभा से पूर्व सांसद सुभाषनी अली भी शमिल हुईं। उन्होंने कहा कि कुलदीप सेंगर जैसे लोग बीजेपी के ताज हैं। यही उनकी संस्कृति है, इसलिए बीजेपी की सरकार से न्याय की उम्मीद करना बेमानी है। न्याय के लिए हमे संघर्ष करना पड़ेगा।

एडवा की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मौमुना मौल्ला ने कहा कि आज हम सभी अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए आये है। साथी ही हमारी मांग है की घायल लड़की और उसके वकील के इलाज और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार ले ,इस तरह के हादसे यूपी और हिंदुस्तान में न हो ,और जो करता है उसपर जल्द से जल्द करवाई हो। आगे वो कहती है कि "इस तरह के अपराधी को जो राजनितिक  संरक्षण मिल रहा है वो इस देश में पूरी तरह से बंद होन चाहिए।" 

छात्र नेता और दिल्ली आइसा की अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर ने कहा कि इस बात पर हैरानी जताई कि आरोपी विधायक जेल में बंद है लेकिन इसके बावजूद उसके पास इतनी शक्ति है की वो जेल के भीतर से ही लोगों की हत्या करा रहा है। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। यहाँ तक की भाजपा ने अभी तक अपने बलात्कार के आरोपी विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही उन्हें पार्टी से निष्कासित किया है।  उन्होंने कहा बीजेपी के लिए यह कोई नई बात नहीं है यादो हो इसी  तरह से अमित शाह के केस में जज लोया की किस तरह से संग्दिघ हालत में मौत हो गई और कैसे व्यापम घोटले में सभी गवाहों की एक- एक कर मौत हुई। आगे वो कहती है कि उत्तर प्रदेश और देश में आरएसएस-बीजेपी शासन सभी लोकतांत्रिक मानदंडों की धज्जियां उड़ा रहा है और सभी विरोधियों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है।

सभी संगठनों ने मांग की कि गंभीर रूप से घायल लड़की और उसके वकील के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाए और उन्हें सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं दी जाए। लड़की, उसके वकील और परिवार को तुरंत सुरक्षा दी जाए;  साथ ही उसकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जेल के आरोपी विधायक सेंगर को दी गई फोन सुविधाओं की तत्काल जांच और संबंधित जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, और  इस केस के ट्रायल को समयबद्ध तरीके से फास्ट ट्रैक कोर्ट में तुरंत शुरू किया जाए।

सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाश्मी ने  इस  'दुर्घटना' के पीछे एक साजिश का आरोप लगाया।

इससे पहले भी दिल्ली नागरिक समाज के लोगों ने सोमवार शाम दिल्ली के इण्डिया गेट पर मोबाइल टॉर्च मार्च किया और पीड़िता को इंसाफ की मांग की। 

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उधर लखनऊ में कांग्रेस ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बर्खास्त करने की मांग को लेकर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया और इस मामले को लेकर बीजेपी और उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये को लेकर सवाल खड़े किए।

एक ट्वीट में, बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा, "बलात्कार के आरोपी भाजपा विधायक के साथ भाजपा सांसद साक्षी महाराज की मुलाकात ने साबित कर दिया कि बलात्कार के आरोपियों को सत्तारूढ़ भाजपा का संरक्षण लगातार मिल रहा है... इस ममले में सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेने की आवश्यकता है।”

उन्नाव रेप पीड़िता के कार की रायबरेली में कल ट्रक से टक्क्र प्रथम दृष्टया उसे जान से मारने का षडयंत्र लगता है जिसमें उसकी चाची व मौसी की मौत हो गई तथा वह स्वंय व उसके वकील गंभीर रूप से घायल हैं। मा. सुप्रीम कोर्ट को इसका संझान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

— Mayawati (@Mayawati) July 29, 2019

 

इस बीच, विपक्ष और नागरिक समाज का दबाव बढ़ने के साथ, सेंगर को भाजपा से निष्कासित करने की मांग पर पार्टी ने दावा किया है कि बलात्कार के आरोपी विधायक को "बहुत पहले" निलंबित कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सेंगर को पार्टी ने पहले ही निलंबित कर दिया था और उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया है।

चीफ जस्टिस को पत्र

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को भी खत लिखा था। यह खत 12 जुलाई 2019 को उन्नाव रेप पीड़िता की तरफ से लिखा गया है। इसमें कहा गया है- “उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कीजिए जो हमें धमका रहे हैं।” पत्र में आगे लिखा गया है- “लोग मेरे घर आते हैं, धमकाते हैं और केस वापस लेने की बात कर ये कहते हैं कि ऐसा नहीं किया तो पूरे परिवार को फर्जी केस में जेल में बंद करवा देंगे।”

हत्या का मुकदमा दर्ज

इस बीच जेल में बंद बलात्कार के मुख्य आरोपी भारतीय जनता पार्टी के विधायक सेंगर, जो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं,  के साथ नौ अन्य लोगों तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। सरकार ने देर रात इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी।

इसे भी पढ़ें : उन्नाव कांड: पीड़ित परिवार का लखनऊ ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरना

चाचा को पेरोल

मंगलवार को ही लड़की के परिजनों ने उसके चाचा की पेरोल की मांग को लेकर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। आखिरकार कई घंटे तक धरने और प्रदर्शन के बाद पीड़िता के चाचा को दाह संस्कार के लिए पेरोल मिल गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मंगलवार दोपहर को पीड़िता के चाचा के एक दिन के परोल पर अपनी मंजूरी दे दी।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायल लड़की का हाल जाना और उनके परिजनों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, ‘‘आखिर परिवार का क्या गुनाह है? सरकार को उसकी मांगें माननी चाहिए। क्या सरकार एक बेटी को न्याय नहीं दिला सकती? अगर पीड़िता और उसके वकील की मौत हुई तो कौन जिम्मेदार होगा? इस घटना के लिए भाजपा सरकार ही जिम्मेदार है। सपा पीड़ित परिवार के साथ है।’’

गौरतलब है कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर करीब दो साल पहले बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की, उसकी चाची और मौसी अपने वकील के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा महेश सिंह से रविवार को मुलाकात करने जा रही थी। रास्ते में रायबरेली के गुरबख्श गंज क्षेत्र में उनकी कार को ट्रक के टक्कर मार दी। इसमें लड़की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि लड़की और वकील गंभीर घायल हैं। इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गयी है।

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