NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
यूपी का रण, दूसरा चरण: मुस्लिम बाहुल्य इस क्षेत्र में किसका जनाधार?
उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण में 9 ज़िलों की 55 सीटों पर सोमवार, 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इन सभी सीटों पर मुस्लिम वोटरों की आबादी अच्छी-ख़ासी है, ऐसे में देखना होगा कि भारतीय जनता पार्टी कैसा प्रदर्शन कर पाती है।
रवि शंकर दुबे
13 Feb 2022
यूपी का रण, दूसरा चरण: मुस्लिम बाहुल्य इस क्षेत्र में किसका जनाधार?

उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के चुनाव पहले चरण से भी ज्यादा दिलचस्प होने वाले हैं, क्योंकि 55 सीटों में ज्यादातर मुस्लिम बाहुल्य हैं, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाली है।

14 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 9 जिलों की 55 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। एक नज़र में देख लेते हैं किन-किन जिलों कौन से विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं।

दूसरा चरण: 9 जिले, 55 सीटें

· सहारनपुर- बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबन्द, रामपुर मनिहारन, गंगोह

· बिजनौर- बिजनौर, चांदपुर, नगीना, नजीबाबाद, धामपुर, नूरपुर, नहटौर, बढ़ापुर

· अमरोहा- धनौरा(एससी), नौगावां सादत, अमरोहा, हसनपुर

· संभल- बिलारी, चंदौसी(एस सी), असमोली, सम्भल

· मुरादाबाद- ठाकुरद्वारा, कांठ, बिलारी, मुरादाबाद शहर, मुरादाबाद ग्रामीण, कुन्दरकी

· रामपुर- रामपुर, चमरब्बा, बिलासपुर, स्वार, मिलक

· बरेली- बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, बरेली, बरेली कैंट, आंवला

· बदायूं- बिसौली, सहसवान, बिल्सी, बदायूं, शेखूपुर, दातागंज

· शाहजहांपुर- कटरा, जलालाबाद, तिलहर, ददरौल, पुवायां, शाहजहांपुर

दूसरे चरण की सीटों पर मुस्लिम वोटरों का प्रभाव

· मुरादाबाद की 6 में 5 सीटों पर 50-55% तक मुस्लिम मतदाता

· बिजनौर की 8 सीटों पर 40 से 50% मुस्लिम वोटर

· रामपुर की 5 सीटों पर 50% मुस्लिम वोटर

· संभल की 4 सीटों पर यादव और मुस्लिम वोट 60% से ज्यादा

· बरेली में 8 सीटों पर 40% तक मुस्लिम मतदाता

· अमरोहा की 4 सीटों पर 50% मुस्लिम वोटर

· बदायूं की 6 सीटों में 40 से 45% मुस्लिम वोटरों की संख्या

किंगमेकर की भूमिका में दलित वोटर भी

दूसरे चरण की 55 सीटों पर मुस्लिम वोटर काफी अहम हैं, मुसलमानों और जाटों के अलावा लोधी और कुर्मी मतदाता किसी भी प्रत्याशी का खेल बना या बिगाड़ सकते हैं, तो वहीं मौर्य-सैनी और दलित वोटर किंगमेकर की भूमिका में हैं। इस इलाके में समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस और 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा-रालोद के साथ गठबंधन किया था, इन दोनों चुनाव में गठबंधन को इन 55 सीटों पर फायदा मिला था।

कांग्रेस भी मार सकती है बाज़ी
कांग्रेस भी अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। बरेलवी मुसलमानों के धार्मिक गुरु और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल यानी IMC के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन का एलान किया है। वहीं, आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस अंचल की कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जिससे दूसरे चरण का चुनाव दिलचस्प हो गया है।

पिछले दो विधानसभा चुनावों का अंकगणित

सपा के 10 मुस्लिम विधायक बने

बता दें कि 2017 में सपा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था, जिसका नतीजा रहा था कि मुरादाबाद मंडल में सपा का पलड़ा भारी रहा। जबकि बाकी इलाके में बीजेपी ने सपा से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया थे। बरेली में तो सपा का खाता नहीं खुल सका था। पिछले चुनाव में जहां सपा और कांग्रेस को कुल 17 सीटों पर जीत मिली थी, उनमें से 16 मुस्लिम थे। पिछला चुनाव सपा के खाते में आने वाली 15 सीटों में से 10 पर मुस्लिम विधायक बने थे जबकि कांग्रेस को मिलने वाली 2 सीटों में से एक मुस्लिम और दूसरा सैनी समाज से विधायक था।  

मोदी लहर भी नहीं आई थी काम

2019 के लोकसभा चुनाव में इन इलाकों की 11 लोकसभा सीटों में से 7 पर सपा-बसपा गठबंधन ने जीत का परचम लहराया था। सपा ने मुरादाबाद, संभल और रामपुर में जीत हासिल की थी। वहीं बसपा ने सहारनपुर, नगीना, बिजनौर और अमरोहा में बाजी मारी थी। इससे ये तो साफ हो गया था कि इलाके में मुस्लिम, जाट और दलित वोटर्स का कॉम्बिनेशन का फॉर्मूला हिट है। लेकिन इस बार के चुनाव में सपा-बसपा और कांग्रेस का एक दूसरे के साथ कोई गठबंधन नहीं है। बसपा ने जहां अधिकतर सीटों पर मुसलमानों पर दांव खेला है, वहीं कांग्रेस और ओवैसी की AIMIM ने भी मुस्लिम प्रत्याशी ही उतारे हैं।

इन उम्मीदवारों की साख लगी है दांव पर

· सुरेश खन्ना- शाहजहांपुर सदर विधानसभा सीट पर भाजपा के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना की सीधी टक्कर समाजवादी पार्टी के तनवीर खान से है, जबकि सपा के सर्वेश चंद्र यहां से प्रत्याशी हैं।

· आज़म खान- रामपुर सदर सीट सपा के दिग्गज नेता आज़म खान मैदान में हैं, जो फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं। आज़म के खिलाफ भाजपा के आकाश सक्सेना हैं। जबकि बसपा से शंकर लाल सैनी मैदान में हैं।

· धर्म सिंह सैनी- योगी सरकार में मंत्री रहे धर्म सिंह सैनी को सपा ने सहारनपुर की नकुल विधानसभा से टिकट दिया है, उनके सामने भाजपा के मुकेश चौधरी मैदान में हैं।

· धर्म पाल सिंह- योगी सरकार में मंत्री धर्म पाल सिंह आंवला विधानसभा सीट से मैदान में हैं, उनका सामना सपा के राधाकृष्ण शर्मा, बसपा के लक्ष्मण प्रसाद और कांग्रेस के ओमवीर यादव से है।

· महबूब अली- अमरोहा सीट की बात करें तो यहां से सपा ने एक बार फिर महबूब अली को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा के राम सिंह सैनी मैदान में हैं, तो बसपा के नावेद इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।

· बलदेव सिंह औलख- योगी सरकार के एकमात्र सिख मंत्री बलदेव सिंह औलख बिलासपुर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं, उनके सामने सपा के अमरजीत सिंह और बसपा के राम अवतार कश्यप और कांग्रेस के संजय कपूर मैदान में है।

· गुलाबो देवी- योगी सरकार में मंत्री गुलाबो देवी एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं, इनका मुकाबला कांग्रेस के मिथिलेश, सपा के विमिलेश और बसपा के रणविजय सिंह से है।

586 में से 25 फीसदी पर आपराधिक मामले

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR के मुताबिक दूसरे चरण की 55 सीटों पर कुल 586 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 25 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, 45 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। सभी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.11 करोड़ रुपये है।

भाजपा के 98, सपा के 92 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति

रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा के 53 में से 52 यानी 98 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, सपा के 52 में से 48 उम्मीदवार करोड़पति हैं। बसपा के 46, रालोद के दो, कांग्रेस के 31 और आप के 16 उम्मीदवार करोड़पति हैं। रामपुर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार काजिम अली खान इस चरण के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। उनके पास 296 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। बरेली कैंट से सपा उम्मीदवार सुप्रिया ऐरन दूसरे नंबर पर हैं। उनके पास 157 करोड़ रुपये की संपत्ति है। 140 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक भाजपा के देवेंद्र नागपाल तीसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।
 

UP ELections 2022
west up
AZAM KHAN
SAMAJWADI PARTY
BAHUJAN SAMAJ PARTY
BJP
Muslim population

Related Stories

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

हार के बाद सपा-बसपा में दिशाहीनता और कांग्रेस खोजे सहारा

सियासत: अखिलेश ने क्यों तय किया सांसद की जगह विधायक रहना!

यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर

यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान

यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना

जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता

पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने

यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !


बाकी खबरें

  • Maurya
    मुकुल सरल
    स्वामी प्रसाद मौर्य का जाना: ...फ़र्क़ साफ़ है
    12 Jan 2022
    यह केवल दल-बदल या अवसरवाद का मामला नहीं है, यह एक मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया है, वो भी श्रम मंत्री ने। यह योगी सरकार की विफलता ही दिखाता है। इसका जवाब योगी जी से लिया ही जाना चाहिए।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तीसरी लहर को रोकने की कैसी तैयारी? डॉक्टर, आइसोलेशन और ऑक्सीजन बेड तो कम हुए हैं : माकपा
    12 Jan 2022
    मध्यप्रदेश में माकपा नेता के अनुसार दूसरी लहर की तुलना में डॉक्टरों की संख्या 1132 से घट कर 705 हो गई है। इसी तरह आइसोलेशन बेड की संख्या 29247 से घटकर 16527 रह गई है। इसी प्रकार ऑक्सीजन बैड भी 28,152…
  • Protest in Afghanistan
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की
    12 Jan 2022
    काबुल यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और क़ानून पढ़ाने वाले डॉ. जलाल तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान के पिछले प्रशासन के आलोचक रहे हैं। उन्होंने महज़ सुरक्षा पर ध्यान दिये जाने की तालिबान सरकार की चिंता की…
  • bjp-rss
    कांचा इलैया शेफर्ड
    उत्तर प्रदेश चुनाव : हौसला बढ़ाते नए संकेत!
    12 Jan 2022
    ज़्यादातर शूद्र, ओबीसी, दलित और आदिवासी जनता ने आरएसएस-भाजपा के हिंदुओं को एकजुट करने के झूठे दावों को संदिग्ध नज़र से देखा है। सपा के अखिलेश यादव जैसे नेताओं को इस असहमति को वोट में बदलने की ज़रूरत है।
  • Agriculture
    शिरीष खरे
    देशभर में घटते खेत के आकार, बढ़ता खाद्य संकट!
    12 Jan 2022
    प्रधानमंत्री के निर्णय के बाद राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसान घर लौट गए हैं। एक बार फिर गंभीरतापूर्वक यह प्रश्न पूछा जाना चाहिए कि क्या कृषि क्षेत्र पर छाया संकट टल गया है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License