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भारत
राजनीति
उप्र : नहीं रुक रहीं उन्मादी भीड़ की हिंसा
उत्तर प्रदेश में बच्चा चोरी को लेकर फैल रही अफ़वाहों के बीच बच्चाचोरी के शक में बलिया और बांदा में लोगों ने एक महिला और चार मज़दूरों की पिटाई कर दी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Aug 2019
child lifting

बलिया से मिली ख़बर के मुताबिक़ शहर कोतवाली क्षेत्र के बाहरी इलाक़े में भीख मांगने वाली रीना नामक महिला को शुक्रवार मोहल्ले के लोगों ने बच्चा चोर समझकर घेर लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि सूचना पाकर बलिया के यातायात उपनिरीक्षक सुरेश चन्द्र द्रिवेदी मौक़े पर पहुंचे और भीड़ के आक्रोश से उस महिला को बाहर निकाला।

इसके बाद पुलिस महिला को कोतवाली ले गई, जहां जांच पड़ताल के बाद यह पता चला कि महिला बैरिया इलाक़े की रहने वाली है और भीख मांग कर अपना गुज़ारा करती है।

आपको बता दें कि क़रीब एक महीने से उत्तर प्रदेश में बच्चाचोरी की अफ़वाह पर भीड़ द्वारा हिंसा की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। ऐसे तमाम घटनाएँ हैं जहां भीड़ ने बच्चाचोरी के शक में या तो किसी व्यक्ति की पिटाई की है, या उन्हें जान से मार दिया है। 

स्तिथि इतनी भयावह हो चुकी है कि केवल उत्तर प्रदेश में विगत 4 दिनों के अंदर अलग अलग स्थानों पर भीड़तंत्र की क्रूरता के लगभग 20 से ज़्यादा मामले हो चुके हैं। 

कई मामले तो ऐसे हैं जिनमें परिवार वालों को ही बच्चाचोर समझ कर मारा गया है। 

इसके अलावा ये ज़्यादातर घटनाएँ दलितों, मज़दूरों, मानसिक तौर पर बीमार लोगों और भिखारियों पर हुई है।

उधर बांदा से प्राप्त समाचार के अनुसार अतर्रा क़स्बे में बच्चा चोर समझ कर भीड़ ने शुक्रवार को चार मज़दूरों को पिटाई कर दी और बाद में पुलिस हवाले कर दिया।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से क़स्बे में मज़दूरी करने आये चार मज़दूर काम नहीं मिलने पर लोहिया नहर पुल के पास बैठे हुए थे।

पुलिस के मुताबिक़ कुछ लोगों ने उनके बच्चाचोर होने की अफ़वाह फैला दी, जिससे भीड़ इकट्ठा हो गई और उनकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया था। क़रीब तीन घण्टे की पूछताछ में मज़दूरों से हक़ीक़त का पता चला तो उन्हें छोड़ दिया गया है।

थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी ने कहा, ''शुक्रवार को मैं एक साक्ष्य के सिलसिले में ज़िले से बाहर था। शाम को थाने वापस आने पर घटना की जानकारी मिली है। भीड़ में शामिल लोगों की पहचान कर अगली कार्रवाई की जाएगी।"

(भाषा से इनपुट के साथ)

UttarPradesh
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yogi aditynatah and lynching
BJP
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