NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
UPPSC: पीसीएस के बाद अगले छह माह तक की सभी परीक्षाएं स्थगित
आयोग ने इस साल जुलाई से दिसंबर तक की प्रस्तावित परीक्षाओं का अर्धवार्षिक कैलेंडर स्थगित कर दिया है। इसके अलावा शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के मामले में 12 नामजद और 200 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
अमित सिंह
01 Jun 2019
फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती संस्था है, लेकिन पिछले काफी समय से वह भ्रष्टाचार, प्रदर्शन और धांधली के लिए चर्चा में है। पेपर लीक के मामले में परीक्षा नियंत्रक अंजू लता कटियार की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को लोकसेवा आयोग के बाहर प्रतियोगी छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस 12 नामजद और 200 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा किया है। नामजद आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन पर रास्ता अवरुद्ध करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

हालांकि इसके बावजूद शनिवार को भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है। वहीं, दूसरी ओर आयोग ने इस साल जुलाई से दिसंबर तक की प्रस्तावित परीक्षाओं का अर्धवार्षिक कैलेंडर स्थगित कर दिया है। जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में आयोग के लिए अगले एक साल तक किसी भी परीक्षा का आयोजन करा पाना मुश्किल होगा।

आपको बता दें कि नौ जून को एपीओ-2018 की प्रारंभिक परीक्षा, 28 जुलाई को प्रवक्ता राजकीय डिग्री कॉलेज स्क्रीनिंग परीक्षा 2017, 30 अक्टूबर को पीसीएस-2019 की प्रारंभिक परीक्षा, 13 नवंबर से सहायक वन सरंक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी मुख्य परीक्षा 2018, 22 दिसंबर को सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा 2019 समेत करीब दर्जन भर एग्जाम इस साल प्रस्तावित थे।

प्रियंका गांधी ने किया ट्वीट 

इस मामले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया,'UPPSC के पेपर छापने का ठेका एक defaulter को दिया गया। आयोग के कुछ अधिकारियों ने defaulter के साथ साँठ-गाँठ करके पूरी परीक्षा को कमीशन-घूसखोरी की भेंट चढ़ा दिया। सरकार की नाक के नीचे युवा ठगा जा रहा है, लेकिन UP सरकार defaulters और कमीशनखोरों का हित देखने में मस्त है।'

UPPSC के पेपर छापने का ठेका एक defaulter को दिया गया। आयोग के कुछ अधिकारियों ने defaulter के साथ साँठ-गाँठ करके पूरी परीक्षा को कमीशन-घूसखोरी की भेंट चढ़ा दिया।

सरकार की नाक के नीचे युवा ठगा जा रहा है, लेकिन UP सरकार defaulters और कमीशनखोरों का हित देखने में मस्त है। pic.twitter.com/qKpTGzEJY6

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 31, 2019

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रियंका जल्द ही आंदोलित प्रतियोगी छात्र-छात्राओं से मुलाकात के लिए प्रयागराज आ सकती हैं। आपको बता दें कि इससे पहले 18 मार्च को अपने चुनावी दौरे के दौरान इलाहाबाद पहुंची प्रियंका ने प्रतियोगी छात्रों से नाव पर चर्चा की थी। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली से मुक्ति दिलाएंगी।

नहीं बदला आयोग 

अखिलेश सरकार में हुई दर्जनों भर्तियों में धांधली की सीबीआई जांच से दागदार हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का दामन अब भी साफ नहीं हो सका है। दो साल पहले योगी सरकार ने यूपीपीएससी में साक्षात्कार व परिणाम पर रोक लगाई थी इसके साथ ही यूपीपीएससी में पांच साल की भर्तियों की सीबीआई जांच कराने का ऐलान भी किया था। लेकिन डेढ़ साल तक पड़ताल होने के बाद भी जांच किसी नतीजे पर न पहुंच सकी।

आयोग की सीबीआई जांच एसपी राजीव रंजन की अगुवाई में शुरू हुई। लेकिन 17 नवंबर 2018 को उन्हें हटाकर गृह प्रदेश सिक्किम भेज दिया गया। इसके बाद से जांच बहुत ही धीमी गति से हो रही है। इस मामले में अब तक एक एफआईआर अज्ञात के खिलाफ हुई है।

पेपर लीक बड़ी समस्या

आपको बता दें कि यूपीपीएसी में पेपर लीक बड़ी समस्या रहा है। जुलाई 2018 में हुई एलटी ग्रेड परीक्षा और पीसीएस मुख्य परीक्षा के पेपर आउट होने से पहले भी कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। इससे सबसे महत्वपूर्ण 2015 में पीसीएस परीक्षा का पेपर कुछ घंटे पहले लीक हो गया था। बाद आयोग ने इस प्रश्न पत्र की परीक्षा दोबारा कराई। यह आयोग की सबसे विवादित परीक्षाओं में एक मानी जाती है। इस मामले की एफआईआर लखनऊ के कृष्णानगर थाने में दर्ज करवाई गई थी। 

इससे बाद 27 नवम्बर 2016 को आरओ/एआरओ का पेपर परीक्षा से पहले ही वॉट्सऐप पर लीक हो गया था। इस मामले में 7 जनवरी 2017 को कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद पीसीएस 2017 मेंस का पेपर भी प्रयागराज के जीआईसी सेंटर पर लीक हो गया था। इस मामले में आयोग ने कॉलेज को अगले 3 साल के लिए बैन कर दिया था। साथ ही आयोग ने पीसीएस मेंस 2017 परीक्षा के प्रश्न पत्र छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस को 2 वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया। 

सरकार की सफाई 

इस पूरे मामले पर यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि यूपी लोक सेवा आयोग पारदर्शिता के साथ काम करे योगी सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 

उन्होंने कहा कि योगी सरकार में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से काम हो रहा है और भाजपा सरकार में ऐसे मामले के सामने आने के बाद कार्रवाई हो रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पिछली सरकारों में तो ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होती थी।

वहीं, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि जहां तक प्रियंका के ट्वीट का सवाल है तो यूपीपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति कांग्रेस की ही सहयोगी रही समाजवादी पार्टी की सरकार में हुई थी। सरकार ने परीक्षा में कमीशनखोरी के आरोपों को गम्भीरता से लिया है। इसमें जिनकी भी संलिप्तता पायी जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

UPPSC
UP Public Service Commission
pcs-2018
ALLAHABAD
Yogi Adityanath
yogi government
Uttar pradesh
priyanka gandhi

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव


बाकी खबरें

  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    संतूर के शहंशाह पंडित शिवकुमार शर्मा का मुंबई में निधन
    10 May 2022
    पंडित शिवकुमार शर्मा 13 वर्ष की उम्र में ही संतूर बजाना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय…
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ग़ाज़ीपुर के ज़हूराबाद में सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर पर हमला!, शोक संतप्त परिवार से गए थे मिलने
    10 May 2022
    ओमप्रकाश राजभर ने तत्काल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम, गाजीपुर के एसपी, एसओ को इस घटना की जानकारी दी है। हमले संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा है कि भाजपा के…
  • कामरान यूसुफ़, सुहैल भट्ट
    जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती
    10 May 2022
    आम आदमी पार्टी ने भगवा पार्टी के निराश समर्थकों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए जम्मू में भाजपा की शासन संबंधी विफलताओं का इस्तेमाल किया है।
  • संदीप चक्रवर्ती
    मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF
    10 May 2022
    AIFFWF ने अपनी संगठनात्मक रिपोर्ट में छोटे स्तर पर मछली आखेटन करने वाले 2250 परिवारों के 10,187 एकड़ की झील से विस्थापित होने की घटना का जिक्र भी किया है।
  • राज कुमार
    जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप
    10 May 2022
    सम्मेलन में वक्ताओं ने उन तबकों की आज़ादी का दावा रखा जिन्हें इंसान तक नहीं माना जाता और जिन्हें बिल्कुल अनदेखा करके आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन तबकों की स्थिति सामने रखी जिन तक आज़ादी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License