NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश, बिहार उपचुनाव:सभी तीनों लोकसभा सीटों पर भाजपा हारी
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में सपा-बसपा जीतीं और बिहार के अररिया में विपक्षी आरजेडी-कांग्रेस विजयी हुईं|

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Mar 2018
up bypoll

समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (एसपी-बसपा) गठबंधन उत्तर प्रदेश के फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विजयी हुई,जबकि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टीकी हार हुई , जबकि बिहार के अररिया निर्वाचन क्षेत्र में 11 मार्च को हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस नेतृत्व वाली गठबंधन ने भाजपा-जेडी (यू) गठबंधन को हराया। वहीं बिहार के दो विधानसभा क्षेत्रों में, आरजेडी के उम्मीदवार ने जहानाबाद सीट जीती और भाजपा ने भभुआ सीट पर को बरकरार रखा।

गोरखपुर में ,सपा उम्मीदवार प्रवीण कुमार निषाद ने भाजपा के उपेन्द्र दत्त शुक्ला को 21,961 मतों के अंतर से पराजित किया |

फूलपुर में सपा उम्मीदवार नागेन्द्र सिंह पटेल ने भाजपा के कौसलेंद्र सिंह पटेल को 59,613 मतों से पराजित किया |

बिहार के अररिया लोकसभा क्षेत्र में ,आरजेडी उम्मीदवार सरफराज़ आलम को 5,09,334 मत प्राप्त किये उन्होंने भाजपा के प्रदीप सिंह को 61,998 मतों से पराजित किया |

गोरखपुर में 47.45 प्रतिशत, फूलपुर में 37.3 9 प्रतिशत और अररिया निर्वाचन क्षेत्र में 57 प्रतिशत मतदान हुआ।

फूलपुर और गोरखपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारो की ज़मानत ज़ब्त हो गई ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले साल सितंबर में राज्य विधान परिषद के चुनाव लड़ने के लिए क्रमश: गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों को खाली कर दिया गया था। आरजेडी सांसद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन की मौत के बाद अररिया सीट के लिए उपचुनाव करवाना जरूरी था।

जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में, आरजेडी के उम्मीदवार कुमार कृष्ण मोहन ने जेडी (यू) उम्मीदवार अभिराम  सिंह को 35,036 वोटों से हराया। भभुआ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार रिंकी राणी पांडे ने कांग्रेस उम्मीदवार शंभू पटेल को 15,000 से अधिक मतों से हराया।

बिहार के जहानाबाद और भभुआ विधानसभा क्षेत्रों में, आरजेडी के विधायक मुंडिका यादव की मौत और बीजेपी के विधायक आनंद भूषण पांडे की मौत के बाद इन विधानसभा क्षेत्रोँ में उपचुनाव करना जरूरी था | जहानाबाद में 50.06 प्रतिशत और भभुआ में 54.03 प्रतिशत मतदान हुआ।

बिहार में, विपक्षी आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन ने तीन सीटों में से दो में सत्ताधारी भाजपा-जेडी (यू) गठबंधन को हराया, इस परिणाम राज्य में सामान्य जनभावना के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह पिछले वर्ष मुख्यमंत्री और जेडी(यू) प्रमुख नितीश कुमार के राजद और काँग्रेस के गठबंधन से अलग होने और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने के बाद,राज्य में  ये पहली चुनावी लड़ाई थी |

सपा-बसपा गठबंधन का गठन उत्तर प्रदेश के सत्तारूढ़ भाजपा को हराने के लिए किया गया था। संभव है की, ये विजय होकर उभरने वाला चुनावी गठबंधन 2019 में भी जारी रहे |अकेले उत्तर प्रदेश में देश के कुल 545 लोकसभा सीटों में से 80 लोकसभा सीटें हैं।

इस बीच, यह बताया गया है कि, जैसे ही सत्तारूढ़ भाजपा सपा उम्मीदवार से रुझान में पिछड़ना शुरू हुई,तभी अधिकारियों ने मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया, जो गोरखपुर विधानसभा क्षेत्र की काउंटिंग सेंटर में उपस्थित थे | जिला मजिस्ट्रेट राजीव रौतेला(Rajeev Rautela )ने गिनती केंद्र में प्रवेश किया और मीडिया को जानकारी देने से चुनाव आयोग के अधिकारियों को रोक दिया। हालांकि, मीडिया ने विरोध प्रदर्शन करने के बाद ज़ानकारी हासिल कर ली। विपक्षी दलों द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा और लोकसभा में चल रहे सत्रों में इस घटना को उठाया । 

up bypoll
BSP
SP
बीजेपी
गोरखपुर
फूलपुर
बिहार
RJD

Related Stories

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल

सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी

तेजप्रताप यादव की “स्टाइल ऑफ पॉलिटिक्स” महज मज़ाक नहीं...

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

बिहार: नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने समान नागरिक संहिता का किया विरोध

मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा पर अखिलेश व मायावती क्यों चुप हैं?

लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा

यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा-सपा की सीधी टक्कर

एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?


बाकी खबरें

  • Asha Usha workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार
    07 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शिवराज सरकार की बढ़ती 'तानाशाही' की निंदा करते हुए कहा, "शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस को बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है,…
  • Syrian refugees
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों हम सभी शरणार्थियों को यूक्रेनी शरणार्थियों की तरह नहीं मानते?
    07 Mar 2022
    अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया, सोमालिया, यमन और दूसरी जगह के शरणार्थियों के साथ यूरोप में नस्लीय भेदभाव और दुर्व्यवहार किया जाता रहा है। यूक्रेन का शरणार्थी संकट पश्चिम का दोहरा रवैया प्रदर्शित कर रहा…
  • air pollution
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान
    07 Mar 2022
    वायु गुणवत्ता सूचकांक की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहर अब भी प्रदूषण के मामले में शीर्ष स्थान पर हैं। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद जैसे बड़े शहर प्रमुख हैं।
  • Chaudhary Charan Singh University
    महेश कुमार
    मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का नहीं कोई ज़िक्र, राज्यपाल ने किया जवाब तलब
    07 Mar 2022
    मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और…
  • shimla
    टिकेंदर सिंह पंवार
    गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है
    07 Mar 2022
    स्मार्ट सिटी परियोजनाएं एक बड़ी विफलता हैं, और यहां तक कि अब सरकार भी इसे महसूस करने लगी है। इसीलिए कभी खूब जोर-शोर से शुरू की गई इस योजना का नए केंद्रीय बजट में शायद ही कोई उल्लेख किया गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License