NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा मुज्ज़फरनगर दंगों के आरोपियों को बचाने का प्रयास
मुजफ्फरनगर दंगों के 131 मामलों से पीछे हटने की प्रक्रिया में अब योगी सरकार ने VHP नेता साध्वी प्राची, 3 बीजेपी विधायकों और 2 बीजेपी सांसदों के खिलाफ 2 मामलों को वापस लेने की कोशिश कर रही है I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Apr 2018
sadhvi prachi

ऐसा लग रहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है I ये कोई हैरानी की बात नहीं है , कि जिन आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है वे या तो बीजेपी से जुड़े हैं या हिंदुत्व के प्रचारक हैं I मुजफ्फरनगर दंगों के 131 मामलों से पीछे हटने की प्रक्रिया में अब योगी सरकार ने VHP नेता साध्वी प्राची, 3 बीजेपी विधायकों और 2 बीजेपी सांसदों के खिलाफ 2 मामलों को वापस लेने की कोशिश कर रही है I

जिन दो मामलों को वापस लेने की बात की जा रही है वे उस महापंचायत से जुड़े हुए हैं जो मुजफ्फरनगर दंगों से पहले आयोजित की गयीं थीं I सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ये आरोप लगाया है कि जिन लोगों पर मामले दर्ज़ हैं वे भड़काऊ भाषण देने के लिए प्रख्यात हैं I

अरोपियीं में VHP नेता साध्वी प्राची , बीजेपी सांसद कुंवर भारतेन्द्र , केंद्रीय मंत्री रहे संजीव बाल्यान, बीजेपी विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा शामिल हैं I आरोप है कि ये सभी लोग उस महापंचायतों में शामिल थे जहाँ भड़काऊ भाषण दिए गए I

ये दो महापंचायतें 31 अगस्त को और 7 सितम्बर 2013 को हुई थी जिसके बाद इलाके में दंगे भड़के जिसमें 62 लोगों की मौत हुई , 100 लोग घायल हुए और 50,000 से ज़्यादा लोग बेघर हो गए I

उत्तर प्रदेश के कानून विभाग ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को मुजफ्फरनगर दंगों के कानूनी मामलों की विस्तृत जानकारी देने को कहा गया I चिठ्ठी में एक जगह लिखा गया था कि ये कानूनी मामलों से पीछे हटने के सम्बन्ध में है और इन मामलों के बारे में जनहित में उनकी राय मांगी गयी है I

पहला मामला 31 अगस्त को हुई महापंचायत से जुड़ा हुआ है और इसमें साध्वी प्राची के साथ और भी कई लोग मुख्य आरोपी हैं I इनके खिलाफ दंगा भड़काने और एक धर्म ,संप्रदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप हैं I इसके खिलाफ FIR धारा 154-A के तहत दर्ज़ की गयी थी जबकि चार्जशीट में ये नहीं जोड़ा गया था I इसकी वजह थी कि राज्य सरकार ने पुलिस से इसकी पहले इजाज़त नहीं ली गयी थी I इस मामले में 5 मई को आरोप तय किये जायेंगे I

दूसरी महापंचायत के मामले में साध्वी प्राची , संगीत सोम के अलावा और 13 लोग आरोपी है I इस मामले में धारा 154-A के अंतर्गत केस दर्ज़ किये गए थे, इस मामले में 29 अप्रैल को सुनवाई होगी और आरोप तय किये जायेंगे I

इस मुद्दे पर बात करते हुए CPI(M) की पोलित ब्यूरो की सदस्य और कानपूर से पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा “वैसे तो सरकार ने मामलों से पीछे हटने की प्रक्रिया अभी शुरू ही की है , पहले उन्हें ज़िला प्रशासन से सहमति चाहिए होगी उनके मानने पर ही सरकार आगे हाई कोर्ट में जा सकती है I लेकिन इस तरह केस बंद करने की प्रक्रिया अपने आप में ही बेहद गलत है क्योंकि ये मामले भयानक जुर्मों जैसे रेप , क़त्ल और दंगों से जुड़े हुए हैं I इन मामलों से पीछे हटने की कोशिश करना इतना ग़लत है कि इसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता I जो भी लोग इन मामलों में आरोपी हैं वह काफी बार पहले भी भड़काऊ भाषण देने के आरोपी रहे हैं I”

साध्वी प्राची
संगीत सोम
मुज्ज़फरनगर
मुज्ज़फरनगर दंगे
उत्तर प्रदेश सरकार

Related Stories

बीआरडी त्रासदी: एक और डॉक्टर जेल में कैद है

उत्तर प्रदेश में बलत्कार की घटनाओं में वृद्धि लगतार ज़ारी

अगला निशाना: मुज़फ्फरनगर राहत शिविर


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    देश भर में निकाली गई हनुमान जयंती की शोभायात्रा, रामनवमी जुलूस में झुलसे घरों की किसी को नहीं याद?
    16 Apr 2022
    एक धार्मिक जुलूस से पैदा हुई दहशत और घायल लोगों की चीख़-पुकार अभी फ़िज़ा में मौजूद है कि राजधानी दिल्ली सहित देश भर में एक और त्योहार के जुलूस निकाले गए। और वह भी बाक़ायदा सरकारी आयोजन की तरह। सवाल…
  • पलानीवेल राजन सी
    अपनी ज़मीन बचाने के लिए संघर्ष करते ईरुला वनवासी, कहा- मरते दम तक लड़ेंगे
    16 Apr 2022
    पिल्लूर में स्थानीय समुदायों की लगभग 24 बस्तियां हैं, जो सामुदायिक वन अधिकारों की मांग कर रही हैं, जैसा कि एफआरए के तहत उन्हें आश्वस्त किया गया था।
  • रूबी सरकार
    बुलडोज़र की राजनीति पर चलता लोकतंत्र, क्या कानून और अदालतों का राज समाप्त हो गया है?
    16 Apr 2022
    जिस तरह एक ख़ास धर्म के ख़िलाफ़ माहौल बनाने के लिए भाजपा की राज्य सरकारें बुलडोज़र को आगे कर रही हैं उससे लोकतंत्र हर रोज़ मरणासन्न स्थिति की ओर जा रहा है। 
  • सत्यम श्रीवास्तव
    कन्क्लूसिव लैंड टाईटलिंग की भारत सरकार की बड़ी छलांग
    16 Apr 2022
    देश में मौजूद ज़मीन के हर एक पीस/प्लॉट का एक आधार नंबर दिया जाना जिसे इस बजट भाषण में यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) कहा गया है। इसके लिए बाज़ाब्ता ज़मीन के हर टुकड़े के अक्षांश और देशांत…
  • विजय विनीत
    पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन
    16 Apr 2022
    पेपर लीक मामले में पत्रकारों की गिरफ़्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ आज बलिया में ऐतिहासिक बंदी है। बलिया शहर के अलावा बैरिया, बांसडीह, बेलथरा रोड, रसड़ा और सिकंदरपुर समेत ज़िले के सभी छोटे-बड़े बाज़ार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License