NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश : योगी सरकार में आये दंगा अभियुक्तों के अच्छे दिन!
सांप्रदायिक दंगा भड़काने के अभियुक्त एक राज्यमंत्री को योगी आदित्यनाथ सरकार में पदोन्नति मिली है और एक अभियुक्त विधायक पर से मुक़दमे ख़त्म करने की क़वायद चल रही है। 
असद रिज़वी
23 Aug 2019
yogi government

उत्तर प्रदेश में दंगा अभियुक्तों के लिए अच्छे दिन आ गये है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार दंगा अभियुक्तों पर मेहरबान नज़र आ रही है। सांप्रदायिक दंगा भड़काने के अभियुक्त एक राज्यमंत्री को योगी आदित्यनाथ सरकार में पदोन्नति मिली है और एक अभियुक्त विधायक पर से मुक़दमे ख़त्म करने की क़वायद चल रही है। 

राजधानी लखनऊ में बुधवार को ढाई साल पुरानी भाजपा सरकार का पहला विस्तार हुआ। राजभवन में हुए शपथ ग्रहण कार्यक्रम में23 मंत्रियों ने शपथ ली है। इनमें से 6 को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

 शपथ लेने वालों में मुज़फ़्फ़रनगर दंगे के अभियुक्त सुरेश कुमार राणा भी हैं। सुरेश राणा पहले से सरकार में गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शामिल थे। अब उनकी उत्तर प्रदेश सरकार में पदोन्नति हुई है और वह राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री बना दिए गए हैं। अब उन्हें गन्ना के साथ चीनी मिल भी सौंप दी गईं हैं।

सुरेश राणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली ‘थाना भवन’ सीट से दो बार के विधायक हैं। उनका नाम, अखिलेश यादव की समाजवादी सरकार में मुज़फ्फरनगर में 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगो में एक अभियुक्त के रूप में सामने आया। सुरेश राणा पर दंगा भड़काने और सांप्रदायिक माहौल ख़राब करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज हुआ।

उल्लेखनीय है कि सुरेश राणा को भड़काऊ भाषण देकर दंगा भड़काने के आरोप में सितम्बर 2013 में गिरफ़्तार भी किया गया। उन पर विभिन धाराओं  188, 153(A), 353 और 435 के अंतर्गत मुक़दमे दर्ज हुए। यह सांप्रदायिक माहौल ख़राब करने, सम्पत्ति को बर्बाद करने आदि के आपराधिक मामले थे। बाद में सुरेश राणा को दो महीने बाद एक स्थानीय अदालत से ज़मानत मिली।

उत्तर प्रदेश में जब 2017 में भाजपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनी उस वक़्त सुरेश राणा को भी सरकार में शामिल किया गया था। लेकिन सुरेश राणा को उस वक़्त कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया था। उनको राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया गया था।

लेकिन अब दो साल बाद सरकार का विस्तार हुआ है तो उनको कैबिनेट में जगह दी गई है। राजनीति के जानकार बताते हैं की उनको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से क़रीबी की वजह से कैबिनेट में जगह मिली है। हालाँकि कुछ पार्टी के नेता कहते हैं की यह कट्टर हिंदुत्व के एजेंडे पर चल रही भाजपा सरकार ने आगामी उप-चुनावों को नज़र रखते हुए कट्टरपंथी भगवा नेता की पदोन्नति की है।

sangit som and suresh rana_1.jpg

विधायक संगीत सोम (बाएं) और कैबिनेट मंत्री बने विधायक सुरेश राणा (दाएं)

दूसरी तरफ़ योगी आदित्यनाथ सरकार ने भाजपा विधायक संगीत सोम के ख़िलाफ़ दर्ज मुज़फ़्फ़रनगर सांप्रदायिक दंगे समेत 7मुकदमे भी वापस लेने कवायद शुरू कर दी है। 

उत्तर प्रदेश सरकार के न्याय विभाग ने संगीत सोम के खिलाफ दर्ज मामलों के बारे मे चार जनपदों के जिला प्रशासन से आख्या मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय के जरिये मुकदमे वापस लेने की कार्यवाही होगी।

संगीत सोम मेरठ के सरधना से सत्तारूढ़ बीजेपी विधायक हैं।

उनके खिलाफ सहारनपुर के देवबंद, मुज़फ़्फ़रनगर के खतौली, कोतवाली, सिखेड़ा, मेरठ के सरधना तथा गौतमबुद्धनगर के थाना बिसाहड़ा में मामले दर्ज हैं।

उनके ऊपर चल रहे 7 मुकदमों में से दो मुज़फ़्फ़रनगर के हैं। ये दो मुकदमे 2013 के मुज़फ़्फ़रनगर सांप्रदायिक दंगों से जुड़े हैं। संगीत सोम पर मुज़फ़्फ़रनगर दंगे भड़काने के आरोप सहित कई और आरोप भी लग चुके हैं। 

उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी सरकार के शासनकाल में 2013 में मुज़फ़्फ़रनगर में हुए दंगों में 48लोगों की मौत हुई थी और क़रीब 40 हज़ार अन्य विस्थापित हुए थे। 

 इस तरह उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार में विवादित और आरोपित लोगों के अच्छे दिन चल रहे हैं। भाजपा सरकार अपने लोगों के सभी आरोप और अतीत को नज़रअन्दाज़ करके उनको सरकार में पदोन्नति दे रही है और उनके मुक़दमे वापस ले रही है।

इसे भी पढ़े:  भाजपा विधायक संगीत सोम के ख़िलाफ़ मुज़फ्फ़रनगर दंगे समेत 7 मुकदमे वापस लेने की तैयारी में यूपी सरकार

UttarPradesh
Yogi Adityanath
yogi government
Riot accused
Communal riots
Hindutva
BJP
Sangeet Singh Som
Suresh Rana

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कानपुर हिंसा: दोषियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमे का आदेश... नूपुर शर्मा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं!

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License