NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेशः छात्रों के बीच झगड़े में छह मुस्लिम छात्रों को भेजा गया जेल
एक पुजारी द्वारा एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया जिसमें दिखाया गया है कि बेलथरा स्थित स्कूल में कथित रूप से 'भारत माता की जय' बोलने की इजाज़त नहीं है। ये वीडियो 5 अक्टूबर को वायरल हो गया जिसके बाद 8 अक्टूबर को यहां झगड़ा हुआ।
अब्दुल अलीम जाफ़री
17 Oct 2018
UP clashes among students

उत्तर प्रदेश के बेलथरा रोड स्थित गांधी मोहम्मद अली इंटर कॉलेज के छह नाबालिग मुस्लिम छात्रों को एक झगड़े में शामिल होने के चलते जेल भेज दिया गया है। छात्रों के बीच झगड़ा तब हुआ जब मानस मंदिर के एक पुजारी द्वारा स्कूल का एक वीडियो बनाया किया गया जिसमें छात्रों को'वंदे मातरम्' गाने की अनुमति नहीं दी गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऐसा करके, पुजारी 'भारत माता की जय' बोलने को लेकर कथित रूप से पीटे गए एक छात्र का पांच साल पुराना मुद्दा उखाड़ रहे थे।

पुजारी द्वारा ये वीडियो 5 अक्टूबर को रिकॉर्ड किया गया था और यह घटना तीन दिन बाद यानी 8 अक्टूबर को उस समय हुई थी जब स्कूल के कुछ छात्रों ने 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' का नारा लगाना करना शुरू कर दिया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि कुछ मुस्लिम छात्रों ने 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' का नारा लगाना शुरू कर दिया और प्रतिक्रिया में उन पर हमला किया लेकिन इसके कोई सबूत या वीडियो नहीं है। ये बात बलिया पुलिस ने ट्विटर पर कहा।

bb9a4868-0067-418b-8af4-eb921824b153_0.jpg

जेल भेजे गए छह छात्रों में मुहम्मद कैफ, तंजिल सिद्दीकी, मुहम्मद फ़ैज़ान, मुहम्मद चांद, अख़लाक़, फ़िरोज़ और बुची हैं। इन सभी के ख़िलाफ़ भारत दंड संहिता (आईपीसी) धारा 147 (दंगा करने के लिए दंड), 148 (दंगा भड़काने, घातक हथियार), 149, 323, 506 (आपराधिक धमकी) और3 (1) (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मुस्लिम नाम के चलते स्कूल को निशाना बनाया गया

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बलिया ख़बर के लिए इस स्टोरी को कवर करने वाले कौसर उस्मान ने कहा, "बेलथरा रोड स्थित गांधी मोहम्मद अली मेमोरियल इंटर कॉलेज क़रीब सौ साल पुराना है और तब से अब तक कोई सांप्रदायिक संघर्ष नहीं हुआ है। इस स्कूल में मुस्लिम छात्रों की तुलना में हिंदू छात्रों की संख्या अधिक है। इस स्कूल को निशाना बनाने का कारण यह है कि यह एक अल्पसंख्यक स्कूल है जिसका मुस्लिम नाम है। यह बेलथरा के मुसलमानों को बदनाम करने की भी एक चाल है। पुजारी शिव कुमार जिन्होंने इसे रिकॉर्ड किया सांप्रदायिक शत्रुता को प्रोत्साहित करने के लिए इस वीडियो को बनाया है। पुजारी पर सांप्रदायिक संघर्ष का आरोप है जो साल 2013 में हुआ था जिसे स्थानीय मीडिया द्वारा प्रकाशित किया गया था।"

उस्मान ने आगे कहा, "स्कूल से अनुमति लिए बिना पुजारी ने एक शिक्षक से स्कूल से बाहर आने के लिए कहा। इसके बाद स्कूल में अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले संजय कुमार पांडे बाहर आए और दोनों ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमे दिखाया गया है स्कूल में कथित तौर पर वंदे मातरम् गाने की अनुमति नहीं दी जाती है। ये वीडियो वायरल हो गया। लेकिन दुख की बात यह है कि सभी स्थानीय मीडिया ने बिना किसी जांच के घटना को प्रकाशित कर दिया और बाद में मुख्यधारा की मीडिया ने इस खबर को प्रकाशित कर दिया। अगर संजय को कोई समस्या थी कि स्कूल छात्रों को'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' बोलने की इजाज़त नहीं देता है, तो उन्हें 'पुजारी' को वीडियो साक्षात्कार देने की बजाय स्कूल के प्रिंसिपल से शिकायत करनी चाहिए थी। छह नाबालिग़ छात्र जिन्हें कथित रूप से पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने के लिए गिरफ्तार किया गया वह पूरी तरह बेबुनियाद है, उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है और फ़र्जी़ तरीक़े रचा गया है।"

स्कूल के शिक्षक संजय कुमार पांडे ने न्यूज़क्लिक को बताया, "यह 2014-15 का मामला है जब एक छात्र को भारत माता की जय और वंदे मातरम् बोलने के लिए स्कूल शिक्षक द्वारा पीटा गया था। हाल में मंदिर के पुजारी और कुछ स्थानीय पत्रकार स्कूल के बाहर मुख्य द्वारा पर इकट्ठा हुए। जब मैं स्कूल में प्रवेश कर रहा था तब उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या स्कूल अभी भी छात्रों को ऐसे नारे और राष्ट्रीय गान गाने की इजाज़त नहीं देता है, जिस पर मैंने जवाब दिया कि कभी-कभी होता है। वीडियो वायरल हो जाने के बाद कुछ छात्र स्कूल के हिंदू छात्र को मारने में शामिल थे लेकिन मैंने उनको पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते कभी नहीं सुना। लेकिन छात्रों के खून बह रहे थे।" उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में कभी भी राष्ट्र गान नहीं गया जाता है और प्रार्थना के बाद भी नहीं होता है, छात्र भारत माता की जय के नारे नहीं लगाते हैं। हालांकि, पूछने पर कि उन्होंने इस मामले को अपने प्रिंसिपल के सामने क्यों नहीं उठाया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह कभी-कभी होता है।

स्कूल के प्रिंसिपल ने कथित दावे से किया इंकार

न्यूज़़क्लिक से स्कूल के प्रिंसिपल मजीद नासीर ने कहा, "मुझे यहां रहते हुए 31 साल हो चुके हैं और छात्र राष्ट्रीय गान गाते हैं। हमने कभी किसी को नहीं रोका है। पांडे का आरोप कि हम कभी-कभी रोकते हैं तो यह पूरी तरह से ग़लत है। जहां तक भारत माता की जय नारे लगाने को लेकर छात्रों को पीटे जाने की बात है तो मैंने बाद में एक बयान जारी किया था कि वह उस समय कक्षा छह का छात्र था और ऐसी कोई घटना नहीं थी। साथ ही, उस घटना पर विचार करें कि क्या वास्तव में यह हुआ तो उसके परिवार ने शिकायत क्यों नहीं की? हमने धर्म के आधार पर अपने छात्रों से कभी भेदभाव नहीं किया है। आप छात्रों से भी पूछ सकते हैं कि हमने राष्ट्रीय गान गाने से उन्हें कभी नहीं रोका है।"

न्यूज़क्लिक ने बलिया ज़िला मजिस्ट्रेट भवानी सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली से बात करने की कोशिश की लेकिन बैठक में होने के चलते उनसे बात नहीं हो पाई।

Uttar pradesh
Students clashes
students

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License