NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
उत्तराखंड: गुप्ता परिवार की शादियों से पर्यावरण को हुए नुकसान पर हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
पिछले महीने औली में गुप्ता परिवार में दो शादियां हुई थीं जिसके कारण वहां गंदगी और कूडे़ के अंबार लग गए थे तथा धौलीगंगा समेत कई जलस्रोत दूषित हो गए थे। 
भाषा
18 Jul 2019
उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विश्वप्रसिद्ध स्की रिजॉर्ट औली में एनआरआई कारोबारी गुप्ता परिवार में हाल में हुई शादियों से पर्यावरण को पहुंचे नुकसान के बारे में राज्य सरकार और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। 
पिछले महीने औली में गुप्ता परिवार में दो शादियां हुई थीं जिसके कारण वहां गंदगी और कूडे़ के अंबार लग गए थे तथा धौलीगंगा समेत कई जलस्रोत दूषित हो गए थे। 
गुप्ता बंधुओं के दो पुत्रों की चार दिन तक चली भव्य शादी में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, योग गुरू रामदेव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट समेत बड़ी संख्या में विशिष्ट लोग पहुंचे थे।
दक्षिण अफ्रीका में कारोबार करने वाले अप्रवासी कारोबारी अजय गुप्ता के पुत्र सूर्यकांत का विवाह 19-20 जून को तथा अतुल गुप्ता के पुत्र शशांक का विवाह 21-22 जून को औली में संपन्न हुआ था। 

 इस संबंध में दायर एक जनहित याचिका पर कल सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन तथा न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और चमोली के जिलाधिकारी से 10 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा कि मेजबानों ने प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन किया या नहीं और स्की रिजार्ट में छोडे़ गए कई टन कूडे़ को कैसे हटाया गया। 

 उच्च न्यायालय यह जानना चाहता है कि क्या अधिकारियों ने बायोडिग्रेडेबल (प्राकृतिक तरीके से सड़नशील) और नॉन-बायोडिग्रेडेबल (प्राकृतिक तरीके से नहीं सड़ने वाला) कूडे़ का निस्तारण अलग-अलग किया और धौली गंगा तथा अन्य जलस्रोतों पर इसका क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। 
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अदालत के समक्ष पेश अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि गुप्ता परिवार की शादियों के बाद औली में 320 टन कूडे़ का निस्तारण करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, चार दिन तक चले शादी समारोह के दौरान रिजार्ट में 200 मजदूर रहे और उनके लिए शौचालयों की सुविधा के अभाव के चलते उन्हें खुले में शौच करना पड़ा और बारिश के पानी के साथ बहकर मानव मल धौलीगंगा में चला गया। 
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से धौलीगंगा में प्रदूषण के स्तर की जांच करने का आदेश देते हुए अदालत ने कहा कि स्पष्ट रूप से यह बताया जाए कि आयोजकों से पर्यावरण को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में कितनी राशि मांगी जानी चाहिए। 
 

Uttrakhand
UTTRAKHND HIGH COURT
environment degradation

Related Stories

बच्चों को कौन बता रहा है दलित और सवर्ण में अंतर?

उत्तराखंड: क्षमता से अधिक पर्यटक, हिमालयी पारिस्थितकीय के लिए ख़तरा!

दिल्ली से देहरादून जल्दी पहुंचने के लिए सैकड़ों वर्ष पुराने साल समेत हज़ारों वृक्षों के काटने का विरोध

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव परिणाम: हिंदुत्व की लहर या विपक्ष का ढीलापन?

उत्तराखंड में बीजेपी को बहुमत लेकिन मुख्यमंत्री धामी नहीं बचा सके अपनी सीट

EXIT POLL: बिग मीडिया से उलट तस्वीर दिखा रहे हैं स्मॉल मीडिया-सोशल मीडिया

उत्तराखंड चुनाव: एक विश्लेषण: बहुत आसान नहीं रहा चुनाव, भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर

उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस

उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल

बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License