NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तराखंड में मज़दूर दमन के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, कैलाश भट्ट की रिहाई की मांग
उत्तराखंड में मज़दूर दमन, गैरकानूनी छँटनी, बंदी आदि को लेकर गणतंत्र दिवस पर रुद्रपुर में एक दिवसीय सत्याग्रह व उपवास का कार्यक्रम रखा गया था। उसके बाद रैली निकाली गई लेकिन रैली से घर लौटते समय मज़दूर नेता कैलाश भट्ट को पुलिस ने रास्ते से उठा लिया।

मुकुंद झा
28 Jan 2019
उत्तराखंड

26 जनवरी को जब देशभर में संविधान लागू होने का जश्न मनाया जा रहा था,  उसी समय उत्तराखंड की भाजपा  सरकार उसी संविधान द्वारा मजदूरों को दिए गए श्रम कानूनों को लागू करने के लिए आंदोलन कर रहे मज़दूरों को किसी तरह तोड़ने की जुगत लगा रही थी। जी हां, मजदूर नेता कैलाश भट्ट जो इंक़लाबी मज़दूर केन्द्र के अध्यक्ष हैं, उन्हें रुद्रपुर में 26 जनवरी को एक सभा के बाद घर जाते वक्त हिरासत में ले लिया गया। भट्ट के साथियों का कहना है उत्तराखंड पुलिस ने सरेशाम रास्ते से बिना बताए कैलाश भट्ट को उठा लिया और शुरू में ये भी नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया गया है।

कैलाश भट्ट के साथियों ने आज सोमवार को दिल्ली स्थित उत्तरखंड भवन पर प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार पर  दमन का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने रेजिडेंट कमिशनर को ज्ञापन भी दिया। इसके साथ ही कई औद्योगिक क्षेत्रों में उत्तराखंड सरकार का पुतला भी फूंका गया। मजदूरों का कहना है कि इस दमन चक्र का मुकाबला हम  देशभर में अपनी क्रन्तिकारी एकता से करेंगे।

 

इंकलाबी मजदूर केंद्र ने मांग की है कि कैलाश भट्ट को तत्काल रिहा किया जाए। फर्जी मुक़दमें वापस लिए जाएं।

uttrakhnd 1_0.jpg

दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे मजदूर का कहना था कि 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर रुद्रपुर समेत पूरे उत्तराखंड में मज़दूर दमन, गैरकानूनी छँटनी, बंदी आदि को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह व उपवास का कार्यक्रम रखा गया  था। उसके बाद निकलने वाली रैली को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपना जोर लगाया परन्तु मजदूरों की एकता के चलते एक सफल रैली निकली। इस रैली कि समाप्ति के बाद पुलिस प्रशासन ने फैक्ट्री मालिकों के प्रति वफादारी दिखाते हुए  घर जाते समय कैलाश भट्ट को अकेला देख रास्ते से उठाकर किच्छा थाने में बंद कर दिया और पूर्ववर्ती केस में गैर जमानती धाराएं थोप दीं, जो घोर निंदनीय है। हम इस फर्जी गिरफ्तारी का विरोध राज्य के साथ साथ पूरे देश में कर रहे हैं।

मजदूर क्यों कर रहे हैं आंदोलन?

उत्तराखंढ के रुद्रपुर में इंट्रार्क मजदूरों का काफी लंबे समय से शोषण-उत्पीड़न हो रहा है। इसी के खिलाफ मज़दूर पिछले दिनों से आंदोलन कर रहे थे। अगस्त से शुरू हुए एक बड़े आंदोलन के दौरान मजदूरों के परिवार 22 दिन धरने व अमरण अनशन पर भी बैठे। इसके बाद 3 दिन तक फैक्ट्री का घेराव भी किया गया।

उत्तराखंड.jpg

इंकलाबी मजदूर केंद्र का कहना है कि उस दौरान कई बार महिलाओं और अन्य मजदूरों, मजदूर केंद्र के कार्यकर्ताओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा आंदोलन को खत्म करने के लिए दबाव बनाया गया और उन्हें धमकाया भी गया।  इसी बीच एक दिसम्बर,2018 को उत्तराखंड पुलिस ने फर्जी मुकदमा लगाकर 61 मजदूरों, 18 महिलाओं तथा 9 बच्चों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसी दिन देर रात तक बहुत से मजदूरों को छोड़ दिया, किन्तु पांच मजदूरों को जेल में बंद कर दिया गया। कई कार्यकर्ताओ पर फर्जी मुकदमे लगे। लेकिन मज़दूर डटे रहे,  जिसके बाद मालिक को आखिरकार झुकना पड़ा और कई मांगें मान ली गईं। लेकिन अब भी बहुत सी मांगें पूरी नहीं की गई हैं।

सुरेन्द्र जो उत्तराखंड इंक़लाबी मजदूर केंद्र के नेता हैं उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि कैलाश भट्ट रूद्रपुर के मजदूर आन्दोलन के अग्रणी  मजदूर नेता रहे। इसीलिये पुलिस ने फर्जी मुकदमा लगाकर कैलाश भट्ट को गिरफ्तार किया है। साथ ही भट्ट पर गैर जामनती धाराएं लगाई गई हैं। मजदूरों की एकता तोड़ने के लिए भाजपा सरकार व पूंजीपतियों का गठजोड़ साफ साफ नजर आ रहा है।

गणतंत्र दिवस पर हुई इस अवैध गिरफ्तारी के विरोध में सभी प्रदर्शनकारियों ने उत्तराखंड सरकार की कठोर शब्दों में निन्दा की तथा बिना शर्त रिहाई की मांग की। आज 28 जनवरी को इंकलाबी मजदूर केंद्र के नेता कैलाश भट्ट की रिहाई के लिए दिल्ली के अलावा हरिद्वार भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, क्रान्तिकारी लोक अधिकार संगठन द्वारा भी विरोध प्रदर्शन किया गया और जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन दिया गया।

 

 

 

 

 

workers protest
इंक़लाबी मज़दूर केंद्र
BJP
UTTARAKHAND
uttarakhand govt.
INTERARCH

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • prashant kishor
    अनिल सिन्हा
    नज़रिया: प्रशांत किशोर; कांग्रेस और लोकतंत्र के सफ़ाए की रणनीति!
    04 Dec 2021
    ग़ौर से देखेंगे तो किशोर भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ तोड़ने में लगे हैं। वह देश को कारपोरेट लोकतंत्र में बदलना चाहते हैं और संसदीय लोकतंत्र की जगह टेक्नोक्रेट संचालित लोकतंत्र स्थापित करना चाहते हैं…
  • All five accused arrested in the murder case
    भाषा
    माकपा के स्थानीय नेता की हत्या के मामले में सभी पांच आरोपी गिरफ्तार
    04 Dec 2021
    घटना पर माकपा प्रदेश सचिवालय ने एक बयान जारी कर आरएसएस को हत्या का जिम्मेदार बताया है और मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है.पुलिस के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे हुई थी और संदीप…
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    MSP की कानूनी गारंटी ही यूपी के किसानों के लिए ठोस उपलब्धि हो सकती है
    04 Dec 2021
    पंजाब-हरियाणा के बाहर के, विशेषकर UP के किसानों और उनके नेताओं की स्थिति वस्तुगत रूप से भिन्न है। MSP की कानूनी गारंटी ही उनके लिए इस आंदोलन की एक ठोस उपलब्धि हो सकती है, जो अभी अधर में है। इसलिए वे…
  • covid
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देशभर में 8,603 नए मामले सामने आए, उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से कम हुई
    04 Dec 2021
    देश में कोविड-19 के 8,603 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,46,24,360 हो गई है।  
  • uttarkhand
    सत्यम कुमार
    देहरादून: प्रधानमंत्री के स्वागत में, आमरण अनशन पर बैठे बेरोज़गारों को पुलिस ने जबरन उठाया
    04 Dec 2021
    4 दिसंबर 2021 को उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। लेकिन इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए आमरण अनशन पर बैठे बेरोजगार युवाओं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License