NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
उत्तराखंड : माइक्रोमैक्स के मज़दूरों का संघर्ष लाया रंग, कोर्ट ने लगाई शिफ्टिंग पर रोक
उत्तराखंड में स्थित भगवती प्रोडक्ट्स माइक्रोमैक्स कंपनी ने 303 मज़दूरों की ग़ैरक़ानूनी छँटनी और राज्य से कंपनी के पलायन के ख़िलाफ़ नैनीताल हाई कोर्ट ने मज़दूरों के पक्ष में फ़ैसला देते हुए कंपनी से किसी भी प्रकार की मशीनरी व मैटेरियल की शिफ्टिंग पर रोक लगा दी है।
मुकुंद झा
01 Aug 2019
Uttrakhand micromax

उत्तराखंड में स्थित भगवती प्रोडक्ट्स माइक्रोमैक्स कंपनी ने 303 मज़दूरों की ग़ैरक़ानूनी छँटनी और राज्य से कंपनी के पलायन के ख़िलाफ़ नैनीताल हाई कोर्ट ने मज़दूरों के पक्ष में फ़ैसला देते हुए कंपनी से किसी भी प्रकार की मशीनरी व मैटेरियल की शिफ्टिंग पर रोक लगा दी है।

कथित तौर पर इस ग़ैरक़ानूनी छंटनी के ख़िलाफ़ मज़दूर काफ़ी लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे लेकिन जब सरकार और प्रबंधन ने इनकी मांगो पर कोई ध्यान नहीं दिया, उसके बाद मज़दूरों ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। जिसके बाद कोर्ट ने मज़दूरों के पक्ष में फ़ैसला देते हुए उत्तराखंड के प्रमुख श्रम सचिव को आपातकालीन स्थिति के मद्देनज़र 40 दिन में मामले के निस्तारण का निर्देश दिया था। लेकिन प्रमुख श्रम सचिव ने मालिकों के पक्ष में उसे निस्तारित कर दिया और कहा कि ऐसी कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है। साथ ही प्रबंधन की तरफ़ से बोलते हुए कोर्ट को बताया था कि प्रबंधन यह प्लांट बंद नहीं कर रहा है।
 

लेकिन भगवती श्रमिक संगठन ने कहा कि प्रबंधन धीरे धीरे प्रशासन के साथ मिलकर कंपनी से मशीनें व मैटेरियल आदि लगातार राज्य से बाहर दूसरे प्लांटों जैसे हरियाणा के भिवाड़ी व हैदराबाद के प्लांटों में शिफ़्ट कर रहा था।

एक तो मज़दूर श्रम सचिव द्वारा कोर्ट के फैसलों को न मानने को लेकर नाराज़ थे, उसके साथ ही लगातर प्लांट से मशीनों को शिफ्ट करने पर मज़दूरों का ग़ुस्सा और भड़क गया था।

इसे भी पढ़े: 7 महीने से आंदोलनरत मज़दूरों की प्रतिरोध सभा, एकजुटता का आह्वान

आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए भगवती श्रमिक संगठन ने दोबारा हाई कोर्ट का रुख किया और मुक़दमा दायर किया। मज़दूरों की तरफ़ से कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता एम सी पंत ने ज़बरदस्त पैरवी की जिसके बाद बुधवार यानी  30 जुलाई 2019 को न्यायाधीश सुधांशु धुलिया की एकल पीठ ने तत्काल प्रभाव से मशीनों की शिफ्टिंग आदि पर पूर्ण रोक लगाने का आदेश दिया। साथ ही प्रमुख सचिव को फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया गया है। इसी के साथ औद्योगिक न्यायाधिकरण को भी जल्दी सुनवाई का निर्देश दिया है।

इस आदेश पर मज़दूरों ने ख़ुशी जताते हुए इसे अपने आंदोलन की एक जीत बताया। भगवती श्रमिक संगठन के अध्यक्ष सूरज सिंह ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "यह हमारे आंदोलन और संघर्ष की एक जीत है लेकिन हमारा संघर्ष रुकेगा नहीं बल्कि इस आदेश के बाद हमारे जोश में और उत्साह और बढ़ गया है। ये आंदोलन तभी रुकेगा जब प्रशासन सभी निकाले गए मज़दूरों को पुनः बहाल करेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार मज़दूरों को गेट से हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन मज़दूर अभी भी गेट पर डटे हुए हैं।"


सूरज ने बताया कि हमारा धरना 215वें दिन तथा क्रमिक अनशन 3वें दिन भी जारी है। हम अब अपने आंदोलन को और तीव्र करेंगे, इसके लिए हम बड़े स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट में मज़दूरों का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता एमसी पंत को और संघर्ष के सभी सहयोगियों, यूनियनों और श्रमिक संयुक्त मोर्चा को धन्यवाद दिया।

 इसे भी पढ़े: आम चुनाव 2019 : उत्तराखंड के मजदूरों की हालत बद से बदतर लेकिन सरकार चुप

आपको बता दें कि ये कर्मचारी 27 दिंसबर 2018 से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों के मुताबिक़ पिछले वर्ष दिसंबर में क्रिसमस के मौके पर उन्हें दो-तीन दिन की छुट्टी दी गई थी, जिसके बाद मज़दूर अपने काम पर आये तो उन्हें गेट पर एक नोटिस लगा मिला, जिसमें 300 से अधिक कर्मचरियों का नाम लिखा था। बताया गया कि इनकी सेवाएं अब समाप्त कर दी गई हैं। इसके बाद बचे हुए कर्मचार्यो में से 47 कर्मचारियों को बिना किसी कारण के ले-ऑफ़ दे दिया गया यानी उन्हें अस्थाई रूप से बाहर कर दिया गया।

इसके बाद से ही भगवती प्रोडक्ट्स (माइक्रोमैक्स) के मज़दूर छँटनी के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं। कंपनी गेट पर रात-दिन धरना जारी है। इस दौरान मैनेजमैंट ने तमाम तरह की दिक़्क़तें पैदा कीं और कई धाराओं में मज़दूरों पर केस भी दर्ज कराया है।

Uttrakhand
Labour Laws
Labour Right
MICROMAX WORKER IN UTTRAKHRN
WORKERS CONDITION IN UTTARKAHND

Related Stories

2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल

उत्तराखंड: गढ़वाल मंडल विकास निगम को राज्य सरकार से मदद की आस

मुश्किलों से जूझ रहे किसानों का भारत बंद आज

हिमाचल में हुई पहली किसान महापंचायत, कृषि क़ानूनों के विरोध के साथ स्थानीय मुद्दे भी उठाए गए!

उत्तराखंड: एक सड़क के लिए दो महीने से आंदोलन फिर भी सुनवाई नहीं

उत्तराखंड: सरकार ने आंदोलनकारी शिक्षक-कर्मचारियों की लिस्ट मंगाई, वेतन रोका

2020 : एक ऐसा साल जिसमें लोग एक दुश्मन सरकार से लड़ते रहे

जब 10 हज़ार पेड़ कट रहे होंगे, चिड़ियों के घोंसले, हाथियों के कॉरिडोर टूट रहे होंगे, आप ख़ामोश रहेंगे?

बन रहा है सपनों का मंदिर मगर ज़िंदगी का असली संघर्ष जारी

‘चलो कृष्णपट्टनम पोर्ट’ : नौकरी में सुरक्षा और श्रम अधिकारों की बहाली को लेकर प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License