NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
यूपी: कस्तूरबा विद्यालयों में 9 करोड़ का कथित घोटाला, बेसिक शिक्षा मंत्री की बर्ख़ास्तगी की मांग
कोरोना संकट के दौरान राज्य में जब ये स्कूल बंद थे, तब भी सरकारी अधिकारी खर्च दिखाकर पैसे निकालते रहे। कुल 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के खातों से साल 2020-21 के सत्र के लिए तकरीबन 9 करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
सोनिया यादव
02 Jun 2021
Image Courtesy:  Social Media

कुछ दिनों पहले ही योगी सरकार के ‘रामराज’ की स्वास्थ्य व्यवस्था को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘राम-भरोसे’ बताया था, अब प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भी राम-भरोसे ही नज़र आती है। राज्य में कोरोना संकट के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा आपदा में अवसर की आड़ में करोड़ों के घोटाले की खबर सामने आ रही है। यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी पर भी इस कथित घोटाले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक ओर विपक्ष उनकी बर्खास्तगी की मांग कर रहा है तो वहीं भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली योगी सरकार फिलहाल चुप्पी साधे हुए है।

ताजा मामला कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में तकरीबन 9 करोड़ रुपये के घपले से जुड़ा हुआ है। घोटाला सामने आते ही शासन-प्रशासन में खलबली मची हुई है। आनन-फानन में जांच कराकर जवाब-तलब किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

यूपी के लगभग हर जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खोले गए हैं। इन विद्यालयों में कम से कम 75% सीटें अनुसूचित जाति व जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्गों की लड़कियों के लिए रिजर्व होती हैं। बाकी 25% सीटें गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की बेटियों के लिए होती हैं। यूपी सरकार के ये विद्यालय कक्षा 6 से लेकर 8वीं तक की लड़कियों के रहने-खाने और पढ़ाई आदि का पूरा जिम्मा उठाते हैं। यानी छात्राएं विद्यालय परिसर में ही रहती हैं, और उनके भोजन, स्टेशनरी, साबुन, तेल व अन्य जरूरी सामान के लिए शासन स्तर से बजट दिया जाता है। इसके लिए हर स्कूल को बच्चियों की संख्या के हिसाब से बजट दिया जाता है। स्कूल ऑनलाइन ‘प्रेरणा पोर्टल’ पर स्टूडेंट्स की एंट्री करके हर महीने अपने बजट का पैसा निकाल लेते हैं।

अब घोटाला इसी बजट को लेकर सामने आया है। खबरों की माने तो कोरोना संकट के दौरान राज्य में जब ये स्कूल बंद थे, तब भी सरकारी अधिकारी खर्च दिखाकर पैसे निकालते रहे। कुल 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के खातों से साल 2020-21 के सत्र के लिए तकरीबन 9 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। विभाग ने जांच कराई तो पता चला कि पढ़ने वाली लड़कियां अपने-अपने घरों पर थीं। फिर भी उनके खाने-पीने, रहने से लेकर पढ़ाई तक के हर खर्च के मद में पैसे स्कूल अधिकारी निकालते रहे।

जिन 18 जिलों से गड़बड़ी की खबरों आ रही हैं, उनमें बरेली, बिजनौर, देवरिया, फतेहपुर, गाजियाबाद, गोंडा, कासगंज (कांशीराम नगर), मऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव, वाराणसी शामिल हैं। यहां के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से राज्य के परियोजना निदेशक ने चिट्ठी लिखकर जबाव मांगा है।

बेसिक शिक्षा अधिकारियों से जवाब तलब

इस संबंध में परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने अनियमितताओं को लेकर जो पत्र लिखा है, उसमें साफ तौर पर कहा गया है कि छात्राओं की उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई, इसके बावजूद बालिकाओं पर किए जाने वाले विभिन्न खर्चों की शत-प्रतिशत राशि का भुगतान दिखाया गया है। यह वित्तीय अनियमितता के दायरे में आता है।

प्रेरणा पोर्टल में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विद्यालय में छात्राओं की उपस्थिति के आधार पर ही अवमुक्त धनराशि का भुगतान किया जाएगा। इसकी अनियमितता पाए जाने पर विद्यालयों में तैनात वार्डेन, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा एवं प्रभारी व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ही पूर्णतया जिम्मेदार होंगे।

कई समाचार रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि जांच के आदेश के बाद इन अधिकारियों के बीच छात्राओं की उपस्थिति के फेरबदल को लेकर रणनीति बनना शुरू हो गयी है।

इसे भी पढ़ें: यूपी: शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, छुट्टी के लिए टीचर्स से वसूली जाती है रिश्वत!

शिक्षा विभाग और विवाद

आपको बता दें कि इससे पहले भी यूपी का शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा मंत्री कई बार अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। 69 हज़ार शिक्षक भर्ती का मामला हो या स्कूल शिक्षकों की छुट्टी के बदले घूस लेने का खुलासा या फिर फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति और भुगतान से जुड़ा मुद्दा आए दिन विभाग पर किसी न किसी मामले को लेकर सवाल उठते ही रहे हैं। वैसे जितनी उंगलियां शिक्षा विभाग पर उठती हैं उससे कहीं ज्यादा विवादों में बेसिक शिक्षा मंत्री रहते हैं।

इसे भी पढ़ें: यूपी: 69 हज़ार शिक्षक भर्ती से लेकर फ़र्ज़ी नियुक्ति तक, कितनी ख़ामियां हैं शिक्षा व्यवस्था में?

इससे पहले भी स्वेटर व जूते खरीद मामले में बेसिक शिक्षा मंत्री रहीं अनुपमा जायसवाल को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद कुछ ही दिन पहले बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी अपने भाई अरुण द्विवेदी की गरीब कोटे से असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति को लेकर सवालों के घेरे में थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद उनके भाई ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सतीश द्विवेदी पर महंगी जमीन को बेहद कम दाम में खरीदने का आरोप लगा। ये विवाद थमा भी नहीं था कि ये नया मामला सामने आ गया है।

आम आदमी पार्टी के सासंद संजय सिंह ने विभाग में फैले भ्रष्टाचार को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चन्द्र द्विवेदी को बर्खास्त किये जाने की मांग करते हुए उनकी सम्पत्तियों की जांच के लिए लोकायुक्त से शिकायत की है।

उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा, “मंत्री सतीश द्विवेदी के विभाग का बड़ा कारनामा कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बच्चियों की उपस्थिति शून्य लेकिन फिर भी 18 ज़िले में भोजन और स्टेशनरी के नाम पर निकाल लिये गये 9 करोड़ रुपये योगी जी मंत्री अधिकारी जेल जाएँगे या सब ठंडे बस्ते में।”

इसे भी पढ़ें: क्या ‘आपदा में अवसर’ है यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री के भाई की ग़रीब कोटे के तहत नियुक्ति?

उधर कांग्रेस ने बेसिक शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में डिजिटल धरना प्रदर्शन भी किया। इस दौरान लल्लू ने बाजेपी की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कोरोना काल में जब कस्तूरबा विद्यालय (केजीबीवी) बंद है, पढ़ाई बंद है, छात्राएं अपने घरों पर हैं, उसके बाद भी छात्राओं के लिए आए धन पर खुले आम डाका कैसे पड़ गया? 

उन्होंने कहा कि यह सब व्यवस्था के संरक्षण में लुटेरों का गिरोह हर विभाग में सरकारी धन की लूट में लगा हुआ है। एक तरह से राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के लिए दरवाजे खोल रखे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के सभी केजीबीवी भ्रष्टाचार और लूट के केंद्र बना दिए गए हैं।

अजय कुमार लल्लू ने बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के मंत्रियों, अधिकारियों व ठेका माफियाओं का मजबूत गठबंधन जनता के धन पर खुलेआम डाका डाल रहा है। सरकार के कथित ईमानदार मुखिया मौन धारण कर चुप हैं। वह कार्यवाही करने के बजाय भ्रष्टाचार एवं घोटाले की पोल खोलने वालों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्यवाही करा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: यूपी: फ़र्ज़ी शिक्षकों पर फिर गिरी गाज, आख़िर कौन है इस फ़र्ज़ीवाड़े का ज़िम्मेदार?

UP Basic Education Department
Uttar Pradesh education scam
UP Education System
CM Yogi Adityanath
Corruption in Education
BJP corruption (2931
satish diwedi

Related Stories

यूपी चुनाव: बदहाल शिक्षा क्षेत्र की वे ख़ामियां जिन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए लेकिन नहीं होती!

यूपी: रोज़गार के सरकारी दावों से इतर प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

यूपी: फ़र्ज़ी शिक्षकों पर फिर गिरी गाज, आख़िर कौन है इस फ़र्ज़ीवाड़े का ज़िम्मेदार?

यूपी: शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, छुट्टी के लिए टीचर्स से वसूली जाती है रिश्वत!

यूपी: 69 हज़ार शिक्षक भर्ती से लेकर फ़र्ज़ी नियुक्ति तक, कितनी ख़ामियां हैं शिक्षा व्यवस्था में?


बाकी खबरें

  • aicctu
    मधुलिका
    इंडियन टेलिफ़ोन इंडस्ट्री : सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ख़राब नियोक्ताओं की चिर-परिचित कहानी
    22 Feb 2022
    महामारी ने इन कर्मचारियों की दिक़्क़तों को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
  • hum bharat ke log
    डॉ. लेनिन रघुवंशी
    एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता
    22 Feb 2022
    सभी 'टूटे हुए लोगों' और प्रगतिशील लोगों, की एकता दण्डहीनता की संस्कृति व वंचितिकरण के ख़िलाफ़ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह परिवर्तन उन लोगों से ही नहीं आएगा, जो इस प्रणाली से लाभ उठाते…
  • MGNREGA
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    ग्रामीण संकट को देखते हुए भारतीय कॉरपोरेट का मनरेगा में भारी धन आवंटन का आह्वान 
    22 Feb 2022
    ऐसा करते हुए कॉरपोरेट क्षेत्र ने सरकार को औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने की उसकी उम्मीद के खिलाफ आगाह किया है क्योंकि खपत की मांग में कमी से उद्योग की क्षमता निष्क्रिय पड़ी हुई है। 
  • Ethiopia
    मारिया गर्थ
    इथियोपिया 30 साल में सबसे ख़राब सूखे से जूझ रहा है
    22 Feb 2022
    इथियोपिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 70 लाख लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है क्योंकि लगातार तीसरी बार बरसात न होने की वजह से देहाती समुदाय तबाही झेल रहे हैं।
  • Pinarayi Vijayan
    भाषा
    किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन
    22 Feb 2022
    विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा, ‘‘केरल विभिन्न क्षेत्रों में कहीं आगे है और राज्य ने जो वृद्धि हासिल की है वह अद्वितीय है। उनकी टिप्पणियों को राजनीतिक हितों के साथ की गयी अनुचित टिप्पणियों के तौर पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License