NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी : काली हुई 25 हज़ार होमगार्ड की दिवाली, सेवाएं समाप्त
'गरीब होम गार्ड्स जवानों को दीपावली के शुभ अवसर पर बेरोजगार कर दिया गया, सभी लोग दीपावली की खुशियां मनाएंगे और बेरोजगार होम गार्ड्स जवान मातम मनाएंगे। सरकार का यह कदम बहुत निंदनीय हैं।'
सोनिया यादव
15 Oct 2019
home guard
Image courtesy: Google

रोज़गार के तमाम वादे करने वाली उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक बार फिर सुर्खियों में है। ताज़ा मामला प्रदेश में 25 हजार होमगार्ड्स की सेवाएं समाप्त करने से जुड़ा हुआ है। जहां एक ओर प्रदेश में नए रोज़गार के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं योगी सरकार ने सोमवार, 14 अक्टूबर को बजट का हवाला देते हुए हजारों होमगार्डस की ड्यूटी खत्म कर दी है।

ख़बरों के अनुसार एक साल पहले ही गृहविभाग ने पुलिस के रिक्त पदों के स्थान पर 25 हजार होमगार्ड की तैनाती की थी। अब उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गड़बड़ाए बजट को संतुलित करने के लिए लिया गया है।

इसी साल 30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने वेतन विसंगतियों की लड़ाई लड़ रहे उत्तर प्रदेश के होमगार्ड्स को बड़ी राहत देते हुए उन्हें पुलिस कांस्टेबल के बराबर न्यूनतम वेतन प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस के सिपाही के बराबर ही होमगार्ड का वेतन देने का प्रावधान हो गया है। जिसके अनुसार होमगार्ड का एक दिन का वेतन 500 रुपये से बढ़कर 672 रुपये हो गया है। इसका सीधा प्रभाव जिलों के बजट पर पड़ा है।
home_101519123237.jpeg
इस संबंध में एडीजी पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदंड ने एक आदेश किया है। इसमें कहा गया है कि कानून व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस विभाग में रिक्तियों के सापेक्ष 25000 होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई थी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 28 अगस्त को हुई बैठक में इस ड्यूटी को समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय प्रयागराज की ओर से आदेश जारी कर होमगार्ड की तैनाती तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

न्यूज़क्लिक से बातचीत में होमगार्ड की नौकरी में तैनात जवानों ने सरकार के इस कदम को निराशाजनक बताया। जवानों का कहना है कि सरकार ने दिवाली से पहले उनकी खुशियां छीन ली हैं। पहले ही ड्यूटी में कटौती की जा रही थी। लेकिन अब सेवा समाप्त करने से उनके सामने रोज़ी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।

एक होमगार्ड ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा, 'गरीब होम गार्ड्स जवानों को दीपावली के शुभ अवसर पर बेरोजगार कर दिया गया, सभी लोग दीपावली की खुशियां मनाएंगे और बेरोजगार होम गार्ड्स जवान मातम मनायेगे। सरकार का यह कदम बहुत निंदनीय हैं।'

वहीं एक अन्य जवान ने कहा, 'सरकार रोज़ विकास और रोज़गार के नए दावे करती है। मीडिया उन खबरों को विकास का नाम देकर खूब चलाती है, लेकिन जब वही सरकार लोगों को बेरोज़गार कर देती है, तब कोई सवाल क्यों नहीं करता। हम छोटे लोग हैं, हमें तो नौकरी भी घूस खिलाकर मिलती है। हम अब क्या करें, कहां जाएं।'

इस संबंध में प्रमुख सचिव होमगार्ड अनिल कुमार ने मीडिया को बताया कि एक दिन की ड्यूटी के बदले 672 रुपये देने से मौजूदा बजट पर असर पड़ा है। नया बजट अगले सत्र में मिलेगा तब तक थोड़ी समस्या रहेगी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि 25 हजार होमगार्ड हटाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस के आदेश पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

ऑल इंडिया होमगार्ड वेलफेयर के सदस्य अरविंद बताते हैं, 'अभी हाल के ही कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगामी समय में दो लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी और देखिए शुरुआत उन्होंने 25हज़ार होमगार्ड को दीवाली से ठीक पहले बेरोजगार करके दिवाली का तोहफा दे दिया है। सरकार रोज़गार को बेरोज़गार कर रही है और फिर भी नए रोज़गार के दावे किए जा रही है।

गौरतलब है कि प्रदेश में होमगार्ड के कुल स्वीकृत पद 1 लाख 18 हजार हैं। इसमें से खाली पदों की संख्या 19 हजार है। अभी तक शेष 99 हजार में से 92 हजार होमगार्ड को महीने में कम से कम 25 दिनों की ड्यूटी दी जा रही थी। लेकिन होमगार्ड के लिए बजट न होने के कारण पुलिस महकमे में लिए गए 25 हजार होमगार्ड की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

25 thousands Home Guard
Home Guard Made unemployed
UttarPradesh Sarkar
Yogi Adityanath
BJP
All India Home Guard Welfare

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License