NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तराखंड की राजनीति गर्माई, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा मांगा, भाजपा ने कहा- जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उच्च न्यायालय के आदेश को 'गंभीर' बताया और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पद छोडने को कहा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Oct 2020
त्रिवेंद्र सिंह रावत

देहरादून/हरिद्वार/दिल्ली: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश के बाद उत्तराखंड की राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ़ जहां भाजपा ने रावत का बचाव करते हुए इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। वहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा है।

भाजपा ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच संबंधी उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के विरूद्ध वह उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी।

यहां भाजपा के मंडल प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि पार्टी उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन वह (भाजपा) इस फैसले के खिलाफ शीर्ष न्यायालय जाएगी।

भगत ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार का कोई भी आरोप साबित नहीं होगा।’’ उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मुख्यमंत्री रावत को लाभ पहुंचाने संबंधी सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश देते हुए पत्रकार उमेश शर्मा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी थी। उल्लेखनीय है कि शर्मा ने ही ये आरोप लगाये थे।

शर्मा के खिलाफ देहरादून के एक थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का आदेश देते हुए न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता से इस मामले के सभी दस्तावेज बुधवार दोपहर बाद तक अदालत में जमा करने का भी आदेश दिया था।

उच्च न्यायालय का यह आदेश शर्मा की उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अदालत से अपने खिलाफ देहरादून में दर्ज प्राथमिकी रदद करने का अनुरोध किया था।

शर्मा ने इस वर्ष 24 जून को सोशल मीडिया पर किये गये एक पोस्ट यह दावा किया था कि झारखंड के अमृतेश चौहान ने नोटबंदी के बाद एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर हरेंद्र रावत और उनकी पत्नी डॉ. सविता रावत के बैंक खाते में मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के लिए पैसे जमा कराए।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया था कि डॉ. सविता रावत मुख्यमंत्री रावत की पत्नी की सगी बहन हैं। शर्मा ने पोस्ट में अपने दावे के समर्थन में उक्त बैंक खाते में हुए लेन—देन का विवरण भी उपलब्ध कराया था।

इस पर, सेवानिवृत्त प्रोफेसर रावत ने 31 जुलाई को देहरादून में इन आरोपों को झूठा और आधारहीन बताते हुए शर्मा के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रावत का इस्तीफा मांगा

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के उच्च न्यायालय के आदेश के एक दिन बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को नैतिक आधार पर उनका इस्तीफा मांगा।

कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा उत्तराखंड में पार्टी मामलों के नवनियुक्त प्रभारी देवेंद्र यादव के साथ यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा, ‘‘ एक ऐसा मुख्यमंत्री, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (कतई बर्दाश्त नहीं करने) की नीति का बखान करने से नहीं थकता, उसे (अदालत का) ऐसा (सीबीआई जांच का) आदेश आने के बाद अब एक मिनट भी पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।'’ सिंह ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलने का समय मांगा है जिससे वह उनके सामने इस मुददे को रख सके और इस मामले में उनसे दखल देने का अनुरोध कर सके।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उच्च न्यायालय के आदेश को 'गंभीर' बताया और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पद छोडने को कहा।

उन्होंने कहा, ‘'उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुख्यमंत्री को तत्काल पद छोड देना चाहिए, ताकि उनके खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो सके ।'’ रावत ने कहा कि मामले को राज्यपाल के सामने उठाने के अलावा पार्टी अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ‘‘न्याय के लिए संघर्ष ’’ जारी रखेगी ।

नया दायित्व संभालने के बाद पहली बार राज्य में आए कांग्रेस प्रभारी यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय के सीबीआई जांच के आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की कथनी और करणी में फर्क है।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश तथा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Uttrakhand
Trivendra Singh Rawat
Corruption
BJP
Congress
HARISH RAWAT

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License