NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वाडा ने भारत की राष्ट्रीय डोप टेस्ट लेबोरेटरी को निलंबित किया
भारत की लेबोरेटरी को 2008 में ही वाडा से मान्यता मिली थी। अब यहां पर नमूनों की जांच नहीं हो सकेगी और यह निलंबन 20 अगस्त से प्रभावी होगा। टोक्यो ओलंपिक में अब एक साल से भी कम समय रह गया है और यह फैसला भारत के लिये बेहद निराशाजनक है।
भाषा
23 Aug 2019
WADA
फोटो साभार : india today

दिल्ली :  भारत के डोपिंग निरोधक कार्यक्रम को करारा झटका देते हुए विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) ने भारत की राष्ट्रीय डोप टेस्ट लेबोरेटरी (एनडीटीएल) को छह महीने के लिये निलंबित कर दिया।

इस लेबोरेटरी को 2008 में ही वाडा से मान्यता मिली थी। अब यहां पर नमूनों की जांच नहीं हो सकेगी और यह निलंबन 20 अगस्त से प्रभावी होगा। टोक्यो ओलंपिक में अब एक साल से भी कम समय रह गया है और यह फैसला भारत के लिये बेहद निराशाजनक है।

नाडा खून और मूत्र के नमूने एकत्र कर सकता है लेकिन उसे भारत के बाहर वाडा की मान्यता प्राप्त लेबोरेटरी से जांच करानी होगी।

वाडा ने एक विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ वाडा के दौरे में हमारी लेबोरेटरी को अंतरराष्ट्रीय मानकों (आईएसएल) के अनुरूप नहीं पाया गया और उसी वजह से निलंबन का यह फैसला लिया गया है।’’

वाडा की जांच में पाया गया कि एनडीटीएल का नमूनों के विश्लेषण का तरीका सही नहीं था। एनडीटीएल इस निलंबन के खिलाफ अगले 21 दिन में लुसाने स्थित खेल पंचाट में अपील कर सकता है ।

नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने कहा, ‘‘ एनडीटीएल नाडा से अलग है, हम परीक्षण नहीं करते, हम केवल नमूने एकत्र करते हैं।’’

भारतीय ओलंपिक संघ ने कहा कि भारत दूसरे देशों (अमूमन थाईलैंड के बैंकाक स्थित वाडा लैब) में नमूने भेजने का अतिरिक्त खर्च वहन नहीं कर सकता।

ऐसी आशंका है कि लागत बढने से नमूनों की संख्या में भारी गिरावट आ जायेगी जिससे डोपिंग निरोधक कार्यक्रम को झटका लगेगा।

आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा ,‘‘ यह भारत में ओलंपिक आंदोलन के लिये बड़ा झटका है जबकि ओलंपिक सिर्फ 11 महीने दूर है। भारतीय राष्ट्रीय खेल महासंघ अतिरिक्त लागत वहन करने की स्थिति में नहीं है ।’’

वाडा ने कहा कि उसके प्रयोगशाला विशेषज्ञ समूह (लैबईजी) ने इस साल मई में वाडा की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की थी ।

वाडा ने कहा ,‘‘ यह प्रक्रिया अब पूरी हो गई है।’’

इसमें आगे कहा गया ,‘‘20 अगस्त 2019 से प्रभावी निलंबन के तहत एनडीटीएल डोपिंग निरोधक कार्रवाई नहीं की जा सकती जिसमें मूत्र और रक्त के नमूनों का विश्लेषण शामिल है । इस निलंबन के दौरान नमूनों की जांच वाडा से मान्यता प्राप्त दूसरी लैब से करानी होगी ।’’

कहा गया,‘‘ यदि एनडीटीएल लैबईजी को संतुष्ट कर देता है कि उसने कमियों को दुरूस्त कर लिया है तो वह निलंबन की छह महीने की अवधि से पहले बहाली के लिये आवेदन कर सकता है।’’

वाडा ने यह भी कहा, ‘‘ लेकिन छह महीने की निलंबन अवधि समाप्त होने पर भी लैब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं बन पाती है तो वाडा अगले छह महीने और इसे निलंबित कर सकता है।’’

खेल मंत्रालय के लिये यह बड़ी पेचीदा स्थिति हो गई है जिसने बमुश्किल बीसीसीआई को नाडा के दायरे में आने के लिये तैयार किया था।

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ नाडा नमूनों के परीक्षण के लिए कौन सी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला का उपयोग करेगी यह सोचना हमारा विशेषाधिकार नहीं है। यह उनकी चिंता और सिरदर्द है। हम इस मामले में सिर्फ प्रतीक्षा करेंगे।’’

डोपिंग निरोधक मसलों के विशेषज्ञ तथा खेल मामलों के वकील पार्थ गोस्वामी ने कहा ,‘‘ खेल मंत्रालय और नाडा के लिये यह पेचीदा स्थिति है । वैसे जांच एशिया में ही किसी लैब में होगी लेकिन लागत पर असर पड़ेगा ।’’

नाडा का इरादा टोक्यो ओलंपिक से पहले 5000 के करीब डोप टेस्ट करने का है।

गोस्वामी ने कहा ,‘‘ नाडा को लागत वहन करनी होगी । यह बहुत चिंताजनक स्थिति है।’’

WADA
National Dope Test Laboratory ban
tokyo olympics 2020
NDTL
NADA
ISL
Naveen agarwal
sports ministry
bcci

Related Stories

क्या क्रिकेट पर आधारित शर्त लगाने वाले खेल और फेंटसी  लीग गेम केंद्र सरकार के लिए सिर्फ़ राजस्व का ज़रिया हैं?

विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला

नये इंडिया को सोना मिला- धन्यवाद मोदी जी!

बलात्कार हो या खेल, जाति की ज़हरीली सोच पर क्यों चुप और गायब हैं MR PM

जर्मनी को हराकर भारत ने कांस्य पदक जीता, 41 साल बाद ओलंपिक पदक; देशभर से आ रही हैं बधाईयां

भारतीय टीम ने एक बार फिर किया 'चोक', न्यूज़ीलैंड बना विश्व टेस्ट चैंपियन

IPL 2021: भेदभाव ना करने वाले वायरस से संघर्ष के दौरान घुमावदार बातों का विशेषाधिकार

कोविड मामलों के कारण आईपीएल अनिश्चितकाल के लिये निलंबित

भारतीय विमानों पर रोक के बाद बीसीसीआई ने विदेशी खिलाड़यों को सुरक्षित घर वापसी का भरोसा दिया

कट, कॉपी, पेस्ट: राष्ट्रवादी एजेंडे के लिए भारतीय खिलाड़ियों के सोशल मीडिया का इस्तेमाल


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License