NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वाघमारे का इक़बालिया बयान : गौरी का क़त्ल "हिन्दू धर्म को बचाने'' के लिए किया
श्री राम सेना  ने अपने फेसबुक  पेज पर लोगों से वाघमारे के घरवालों के लिए चंदा देने की अपील की है।
योगेश एस.
16 Jun 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
gauri lankesh

5 सितम्बर 2017 को बंगलुरु में अपने घर के बाहर पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। अब परशुराम वाघमारे जो कि  विजयपुरा के सिन्धगी के रहने  वाले हैं ने Special Investigation Team (SIT) के सामने ये कबूल किया है कि उन्होंने ही ये हत्या की थी। 

सामाजिक कार्यकर्त्ता और पत्रकार गौरी लंकेश  Karnataka Communal Harmony Forum और लिंगायत आंदोलन  से वैसे ही जुड़ी रही थीं जैसे एम एम कलबुर्गी, जिन्हे भी 30 अगस्त 2015 को क़त्ल कर दिया गया था । ये अटकलें  लगायी जा रही थीं कि ये हत्याएं किसी हिंदुत्ववादी कट्टरपंथी संगठन ने करायीं थीं। ये भी देखा गया कि जब गौरी लंकेश को मारा गया तो उनके क़त्ल पर लोगों के गुस्से और दुःख के बीच में दक्षिणपंथी  संगठनों से जुड़े लोग जश्न  मना  रहे थे।   

SIT ने इस मामले में 30 मई 2018 को  First Additional Chief Metropolitan Magistrate के सामने 650 पेजों की चार्जशीट दायर की, जिसमें हिंदुत्व कार्यकर्ता नवीन कुमार को आरोपी बनाया गया। नवीन कुमार से पूछताछ से ये जाँच  सुचित कुमार तक पहुँची , जो कि मैंगलोर से हैं।  परशुराम वाघमारे को 12 जून  2018 को गिरफ्तार किया गया और 3rd ACMM Court के सामने पेश किया गया , अब उन्हें 14 दिन  की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। लंकेश की हत्या के मामले में वाघमारे छठे व्यक्ति हैं, जिसकी गिरफ्तारी हुई है।  इससे पहले SIT ने के टी  नवीन कुमार ,अमोल काले , मनोहर इडवे ,सुजीथ कुमार और अमित देगवेकर को गिरफ्तार  किया था। 

SIT  का कहना है कि जाँच के दौरान वाघमारे ने ये कबूल किया है कि उन्होंने गौरी लंकेश को हिन्दू धर्म को बचाने के लिए मारा  है। SIT ने ये भी दावा किया है कि वाघमारे ने उन्हें बताया कि किसी व्यक्ति ने उनसे संपर्क  किया था और कहा था कि उन्हें हिन्दू धर्म को ख़तम होने के बचाने के लिए लंकेश की हत्या करनी होगी।  ये घटना  अगस्त  2017  में हुई , और वाघमारे ने बताया कि वह ये कार्य करने  के लिए तब तैयार हुआ जब उनसे  गौरी के वक्तव्यों  के वीडियो देखे , उनसे कहा कि "हिन्दू धर्म’ पर उनकी विचारधारा सुनकर  मेरा खून खौल उठा। "

उसने  कहा कि न तो टी नवीन कुमार और न ही प्रवीण उर्फ़ सुचित कुमार ने उनसे  संपर्क साधा था और ये कि अगर उस व्यक्ति को उसके सामने  लाया जाता है तो वह उसे पहचान  लेगा। लेकिन प्रजावाणी की रिपोर्ट के हिसाब से वाघमारे को जिस व्यक्ति ने एयरगन चलाने का प्रशिक्षण दिया वह उसे शुरुवात में मिला था।  SIT ने भी कहा है कि  गौरी के हत्या के मामले में शामिल कम से कम  तीन और लोगों को गिरफ्तार किया जाना है। 

वाघमारे ने ये भी खुलासा  किया कि जिस व्यक्ति  ने उसे गौरी लंकेश को मारने के लिए उससे संपर्क  किया था उसने  ये भी कहा था कि वह वाघमारे का भविष्य भी  सुरक्षित  कर देगा।  वहीं दूसरी तरह वाघमरे ये भी बताया जा रहा है कि वाघमरे हिंदुत्ववादी संगठन  श्री राम सेना का कार्यकर्त्ता था।  श्री राम सेना  ने अपने फेसबुक  पेज पर लोगों से वाघमारे के घरवालों के लिए चंदा देने की अपील की है।  प्रजावाणी के हिसाब से वह अपील  कुछ इस प्रकार है "क्या आप एक राष्ट्रभक्त के खाने के लिए अपनी आय  का कुछ हिस्सा  नहीं दे सकते ? कृपया करके परशुराम वाघमरे के घरवालों की मदद के लिए चंदा  दें। "

फेसबुक  पर इस पोस्ट के नीचे मंचालेश्वरी टोनाशयल ने लिखा "हिंदुत्व  इस देश की जड़  है। जब भी कोई व्यक्ति हिन्दू  विरोधी कार्यों में लिप्त  होगा एक  परशुराम वाघमरे हर घर से पैदा होगा। "

SIT ने श्री राम सेना के सिंदगी इलाके के नेता  राकेश माथा को नोटिस  भेजा है। 

gauri lankesh
waghmare
karnataka
Hindutva
shree ram sena

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

ज्ञानवापी कांड एडीएम जबलपुर की याद क्यों दिलाता है

मनोज मुंतशिर ने फिर उगला मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर, ट्विटर पर पोस्ट किया 'भाषण'

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

बीमार लालू फिर निशाने पर क्यों, दो दलित प्रोफेसरों पर हिन्दुत्व का कोप

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License